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Hisar News: नागरिक अस्पताल को मिला बायोसेफ्टी कैबिनेट, कैंसर मरीजों के लिए बनेगी कीमोथेरेपी की दवा
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नागरिक अस्पताल में बना डे केयर कैंसर सेंटर
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हिसार। जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर मरीजों के इलाज को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। अस्पताल को कीमोथेरेपी की दवाएं तैयार करने के लिए बायोसेफ्टी कैबिनेट मिला है। इसे डे केयर कैंसर सेंटर में स्थापित किया जाएगा, जहां कैंसर मरीजों के लिए कीमोथेरेपी की दवाएं सुरक्षित वातावरण में तैयार की जाएंगी। इससे मरीजों और चिकित्सा कर्मियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
डे केयर कैंसर सेंटर के प्रभारी डॉ. अभिषेक ने बताया कि कीमोथेरेपी में उपयोग होने वाली दवाएं अत्यंत शक्तिशाली और संवेदनशील होती हैं। यदि इन्हें तैयार करते समय उचित सुरक्षा उपाय न हों तो इनके हानिकारक तत्व हवा के माध्यम से फैल सकते हैं, जिससे डॉक्टरों, नर्सों और आसपास मौजूद लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बायोसेफ्टी कैबिनेट नियंत्रित वातावरण में दवाओं की तैयारी की सुविधा देता है। इसमें लगे हाई-एफिशिएंसी पार्टिकुलेट एयर (एचईपीए) फिल्टर हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों और विषैले तत्वों को रोकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस कैबिनेट के उपयोग से कमजोर इम्यूनिटी वाले कैंसर मरीजों को विशेष सुरक्षा मिलेगी। कैंसर मरीज पहले से ही संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, ऐसे में यह तकनीक उन्हें बाहरी संक्रमण और दवा से जुड़े खतरों से बचाने में मदद करेगी। साथ ही डॉक्टरों और स्टाफ के लिए भी कार्यस्थल अधिक सुरक्षित बनेगा।
जिला नागरिक अस्पताल में छह बेड का डे केयर कैंसर सेंटर
जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित किया गया है। इसमें महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं और कुल छह बेड की व्यवस्था है। यहां मरीजों की दिन में देखभाल की जाती है और उन्हें कीमोथेरेपी दी जाती है। उपचार के बाद मरीज शाम तक घर लौट सकते हैं जिससे उनका मानसिक और शारीरिक बोझ कम होता है।
रोहतक पीजीआई में रजिस्ट्रेशन जरूरी
अस्पताल में कीमोथेरेपी उन्हीं मरीजों को दी जाएगी जिनका रोहतक पीजीआई में रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद हिसार जिले के मरीज यहां आकर वन डे केयर में भर्ती होकर उपचार ले सकेंगे।
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डे केयर कैंसर सेंटर के प्रभारी डॉ. अभिषेक ने बताया कि कीमोथेरेपी में उपयोग होने वाली दवाएं अत्यंत शक्तिशाली और संवेदनशील होती हैं। यदि इन्हें तैयार करते समय उचित सुरक्षा उपाय न हों तो इनके हानिकारक तत्व हवा के माध्यम से फैल सकते हैं, जिससे डॉक्टरों, नर्सों और आसपास मौजूद लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बायोसेफ्टी कैबिनेट नियंत्रित वातावरण में दवाओं की तैयारी की सुविधा देता है। इसमें लगे हाई-एफिशिएंसी पार्टिकुलेट एयर (एचईपीए) फिल्टर हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों और विषैले तत्वों को रोकते हैं।
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उन्होंने बताया कि इस कैबिनेट के उपयोग से कमजोर इम्यूनिटी वाले कैंसर मरीजों को विशेष सुरक्षा मिलेगी। कैंसर मरीज पहले से ही संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, ऐसे में यह तकनीक उन्हें बाहरी संक्रमण और दवा से जुड़े खतरों से बचाने में मदद करेगी। साथ ही डॉक्टरों और स्टाफ के लिए भी कार्यस्थल अधिक सुरक्षित बनेगा।
जिला नागरिक अस्पताल में छह बेड का डे केयर कैंसर सेंटर
जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित किया गया है। इसमें महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं और कुल छह बेड की व्यवस्था है। यहां मरीजों की दिन में देखभाल की जाती है और उन्हें कीमोथेरेपी दी जाती है। उपचार के बाद मरीज शाम तक घर लौट सकते हैं जिससे उनका मानसिक और शारीरिक बोझ कम होता है।
रोहतक पीजीआई में रजिस्ट्रेशन जरूरी
अस्पताल में कीमोथेरेपी उन्हीं मरीजों को दी जाएगी जिनका रोहतक पीजीआई में रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद हिसार जिले के मरीज यहां आकर वन डे केयर में भर्ती होकर उपचार ले सकेंगे।