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Hisar News: फसल का लगा अंबार, उठान की धीमी रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:19 AM IST
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हांसी अनाज मंडी में लगा गेहूं का ढेर। संवाद
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हांसी। जिले की मंडियों में गेहूं की आवक तेजी से बढ़ रही। अब तक 3.07 लाख मीट्रिक टन फसल पहुंच चुकी है। प्रशासन ने 2.11 लाख मीट्रिक टन की खरीद तो कर ली है लेकिन उठान की कछुआ चाल व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। महज 25 प्रतिशत (79,573 एमटी) फसल की ही उठान हो पाई है। उठान की धीमी गति के कारण मंडियों में गेहूं के ढेर लगे हैं।
हांसी की अनाज मंडी और खरीद केंद्रों पर अब तक 1,25,116 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 96,442 एमटी की खरीद हुई है जबकि उठान महज 2.25 क्विंटल (0.225 एमटी) ही हो पाया है।
पिछले दो दिन में हांसी में उठान में थोड़ी तेजी आई है लेकिन आवक के मुकाबले यह अब भी बहुत कम है। इस बार मंडियों में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20,000 एमटी अधिक गेहूं की आवक हुई है।
हांसी मार्केट कमेटी के सहायक सचिव विजेंद्र सिंह का कहना है कि मंडी में पारदर्शिता के साथ किसानों की फसल की खरीद की जा रही है और पूरे सीजन के दौरान कहीं भी जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। किसानों की सुविधा के लिए अनाज मंडी परिसर में 6 वाटर कूलर और 10 हैंडपंप भी स्थापित किए गए हैं।
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किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। हांसी अनाज मंडी के साथ-साथ सिसाय, घिराय, लोहड़ी राघो, नारनौंद, थुराना, कोथ कला, बास, खांडा खेड़ी सहित करीब एक दर्जन फसल खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। हर जगह खरीद प्रक्रिया सुचारु है।- राहुल नरवाल, डीसी।
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बास में बनाई अटल श्रमिक कैंटीन
डीसी ने बताया कि हांसी अनाज मंडी की तर्ज पर बास अनाज मंडी में भी अटल श्रमिक कैंटीन स्थापित की गई है। इन कैंटीनों में किसानों एवं मजदूरों को मात्र 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इन कैंटीनों के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी गई है जिससे उन्हें रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं। सभी मंडियों एवं खरीद केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल और शौचालय की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
मंडी की सड़कों का होगा नवीनीकरण
अनाज मंडी की सड़कों का भी शीघ्र ही नवीनीकरण कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और गेहूं सीजन समाप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की सुविधा और सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
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हांसी की अनाज मंडी और खरीद केंद्रों पर अब तक 1,25,116 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 96,442 एमटी की खरीद हुई है जबकि उठान महज 2.25 क्विंटल (0.225 एमटी) ही हो पाया है।
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पिछले दो दिन में हांसी में उठान में थोड़ी तेजी आई है लेकिन आवक के मुकाबले यह अब भी बहुत कम है। इस बार मंडियों में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20,000 एमटी अधिक गेहूं की आवक हुई है।
हांसी मार्केट कमेटी के सहायक सचिव विजेंद्र सिंह का कहना है कि मंडी में पारदर्शिता के साथ किसानों की फसल की खरीद की जा रही है और पूरे सीजन के दौरान कहीं भी जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। किसानों की सुविधा के लिए अनाज मंडी परिसर में 6 वाटर कूलर और 10 हैंडपंप भी स्थापित किए गए हैं।
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किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। हांसी अनाज मंडी के साथ-साथ सिसाय, घिराय, लोहड़ी राघो, नारनौंद, थुराना, कोथ कला, बास, खांडा खेड़ी सहित करीब एक दर्जन फसल खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। हर जगह खरीद प्रक्रिया सुचारु है।- राहुल नरवाल, डीसी।
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बास में बनाई अटल श्रमिक कैंटीन
डीसी ने बताया कि हांसी अनाज मंडी की तर्ज पर बास अनाज मंडी में भी अटल श्रमिक कैंटीन स्थापित की गई है। इन कैंटीनों में किसानों एवं मजदूरों को मात्र 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इन कैंटीनों के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी गई है जिससे उन्हें रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं। सभी मंडियों एवं खरीद केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल और शौचालय की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
मंडी की सड़कों का होगा नवीनीकरण
अनाज मंडी की सड़कों का भी शीघ्र ही नवीनीकरण कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और गेहूं सीजन समाप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की सुविधा और सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

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