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Hisar News: म्यांमार के जंगलों में दी गई डिलिवरी बॉय को यातनाएं
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हिसार। शहर के जवाहर नगर हरिहर मंदिर के पास रहने वाले एक निजी कंपनी के डिलिवरी बॉय मनजीत (25) को विदेश भेजने के नाम पर भिवानी के एक युवक ने पचास हजार रुपये ठग लिए। इतना ही नहीं आरोपी युवक अंकुश (26) ने उसे थाइलैंड भेजने के बजाय जंगल के रास्ते म्यांमार भेज दिया। आरोप है कि उसे वहां पर यातनाएं दी गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने पीड़ित युवक की शिकायत पर भिवानी के गांव रतेरा निवासी एक युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
जवाहर नगर हरिहर मंदिर के पास रहने वाले जोमेटो डिलिवरी बॉय मनजीत ने बताया कि उसके साथ ही हिसार में भिवानी जिला के गांव रतेरा निवासी अंकुश भी काम करता था। वह वर्ष 2025 मार्च में थाइलैंड गया था। अक्तूबर 2025 में अंकुश ने मनजीत के बड़े भाई अनिल से मोबाइल पर बात की। उसने बताया कि थाइलैंड में फेसबुक एडिटिंग करने की नौकरी निकली है। 70 हजार रुपये सैलरी मिलेगी। मनजीत ने कहा कि अंकुश ने उन्हें कहा कि रहना व खाना फ्री होगा। अंकुश ने उससे विदेश भेजने के लिए 50 हजार रुपए मांगे। भाई अनिल ने अंकुश को 50 हजार रुपये ऑनलाइन दे दिए। अंकुश ने उसे थाइलैंड की टिकट लाकर दे दी।
टिकट होने के बाद 19 अक्तूबर 2025 को थाइलैंड पहुंच गया। थाईलैंड से उसे कुछ लोग जंगल के रास्ते डांग म्यांमार पार्क में ले गए, जहां पर उसे अंकुश भी मिला। मनजीत ने बताया कि अंकुश ने उसे कंपनी में काम करने के लिए कहा। उसे वहां पर फेसबुक एडिटिंग की ट्रेनिंग दी गई। चार-पांच दिन बाद उसने नौकरी करने से इन्कार कर दिया। उसने बताया कि नौकरी से इंकार करने पर उससे पांच लाख रुपये मांगे गए। यह रकम नहीं देने पर उसे प्रताड़ित किया गया और यातनाएं दी गई।
मनजीत ने बताया कि अंकुश को जानकारी होने के बाद भी ठगी कर उसे इस जाल में फंसाया है। उसने बताया कि अब वह किसी तरह उनके चंगुल से छूट कर देश पहुंचा है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मनजीत की शिकायत पर भिवानी के गांव रतेरा निवासी अंकुश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन प्रारंभ कर दी है।
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जवाहर नगर हरिहर मंदिर के पास रहने वाले जोमेटो डिलिवरी बॉय मनजीत ने बताया कि उसके साथ ही हिसार में भिवानी जिला के गांव रतेरा निवासी अंकुश भी काम करता था। वह वर्ष 2025 मार्च में थाइलैंड गया था। अक्तूबर 2025 में अंकुश ने मनजीत के बड़े भाई अनिल से मोबाइल पर बात की। उसने बताया कि थाइलैंड में फेसबुक एडिटिंग करने की नौकरी निकली है। 70 हजार रुपये सैलरी मिलेगी। मनजीत ने कहा कि अंकुश ने उन्हें कहा कि रहना व खाना फ्री होगा। अंकुश ने उससे विदेश भेजने के लिए 50 हजार रुपए मांगे। भाई अनिल ने अंकुश को 50 हजार रुपये ऑनलाइन दे दिए। अंकुश ने उसे थाइलैंड की टिकट लाकर दे दी।
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टिकट होने के बाद 19 अक्तूबर 2025 को थाइलैंड पहुंच गया। थाईलैंड से उसे कुछ लोग जंगल के रास्ते डांग म्यांमार पार्क में ले गए, जहां पर उसे अंकुश भी मिला। मनजीत ने बताया कि अंकुश ने उसे कंपनी में काम करने के लिए कहा। उसे वहां पर फेसबुक एडिटिंग की ट्रेनिंग दी गई। चार-पांच दिन बाद उसने नौकरी करने से इन्कार कर दिया। उसने बताया कि नौकरी से इंकार करने पर उससे पांच लाख रुपये मांगे गए। यह रकम नहीं देने पर उसे प्रताड़ित किया गया और यातनाएं दी गई।
मनजीत ने बताया कि अंकुश को जानकारी होने के बाद भी ठगी कर उसे इस जाल में फंसाया है। उसने बताया कि अब वह किसी तरह उनके चंगुल से छूट कर देश पहुंचा है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मनजीत की शिकायत पर भिवानी के गांव रतेरा निवासी अंकुश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन प्रारंभ कर दी है।