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Hisar News: डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के लिए पहली दफा 4 एजेंसियों ने दिखाई दिलचस्पी
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बगला रोड पर डेयरी शिफ्टिंग के लिए चयनित जमीन।
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हिसार। नगर निगम के डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के लिए पहली बार चार एजेंसियों ने दिलचस्पी दिखाई है। ऐसे में इस बार टेंडर के सिरे चढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। फिलहाल टेंडर की तकनीकी व वित्तीय बोली की जांच प्रक्रिया चल रही है। निगम ने पांचवीं बार यह टेंडर लगाया है। यदि इस बार भी टेंडर सिरे नहीं चढ़ा तो इसे तीन हिस्सों में बांटकर अलग-अलग टेंडर लगाए जाएंगे।
इससे पहले निगम प्रशासन चार बार इस प्रोजेक्ट का टेंडर लगा चुका है लेकिन हर बार दो या तीन एजेंसियों ने ही आवेदन किया और वे भी टेंडर की शर्तों पर खरी नहीं उतर सकीं। टेंडर जारी करने से पहले निगम अधिकारियों ने इसे तीन हिस्सों में लगाने की अनुमति के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा था। मुख्यालय ने फिलहाल एक बार और संयुक्त टेंडर लगाने के निर्देश दिए हैं। यदि इस बार भी टेंडर सिरे नहीं चढ़ता है तो इसे तीन हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
26 साल में भी धरातल पर नहीं उतर पाया प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट की घोषणा वर्ष 2000 में इनेलो सरकार के कार्यकाल में हुई थी। उस दौरान दो स्थानों पर जमीन चिह्नित की गई लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद कांग्रेस सरकार के दोनों कार्यकाल में भी प्रोजेक्ट कागजों से बाहर नहीं निकल पाया। एक बार स्थान तय कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी। बाद में भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रोजेक्ट को पूरा करने की घोषणा की। सरकार के पहले कार्यकाल के अंतिम चरण में जमीन फाइनल हो गई लेकिन इसके बाद भी प्रोजेक्ट अब तक फाइलों में ही अटका हुआ है।
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चार जगह देखी गई जमीन
26 वर्षों में इस प्रोजेक्ट के लिए चार स्थानों पर जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चली। सबसे पहले धान्सू रोड पर जमीन ली गई लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। वर्ष 2005 में जिला प्रशासन ने 24 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया। वर्ष 2013 में बगला रोड पर 137 एकड़, सात कनाल, 14 मरले भूमि चिह्नित कर सरकार को प्रस्ताव भेजा गया लेकिन इसे भी मंजूरी नहीं मिली। आखिर में वर्ष 2018 में साउथ बाईपास (बगला रोड) पर 50 एकड़ जमीन फाइनल की गई।
रद्द करनी पड़ी प्लॉटों की बोली
नगर निगम ने बगला रोड पर चयनित करीब 50 एकड़ जमीन पर डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट का प्रारूप तैयार कर कुछ प्लॉटों की बोली भी कर दी थी। इसी बीच मुख्यालय ने प्रारूप पर आपत्ति जता दी। इसके बाद वर्ष 2023 में यह कहते हुए प्लॉटों की बोली रद्द करनी पड़ी कि बिल्डिंग कोड के अनुसार प्रोजेक्ट का डिजाइन तैयार नहीं किया गया था। इसके बाद पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की गई। दोबारा प्रोजेक्ट का प्रारूप तैयार कर मंजूर कराया गया और प्रशासनिक मंजूरी भी ली गई।
नए लेआउट में 342 प्लॉट का प्रावधान
डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के नए लेआउट में कुल 342 प्लॉट प्रस्तावित हैं। इनमें 250 वर्ग गज के 239, 350 वर्ग गज के 68, 500 वर्ग गज के 27 और 1000 वर्ग गज के 8 प्लॉट शामिल हैं। पुराने लेआउट में 410 प्लॉट प्रस्तावित थे। प्रोजेक्ट में 1170 वर्ग गज क्षेत्र में मिल्क चिलिंग प्लांट, 5360 वर्ग गज में गोबर गैस प्लांट तथा 3688 वर्ग गज में वाटर वर्क्स स्थापित करने का भी प्रावधान है।
पोर्टल के माध्यम से होगी प्लॉटों की बोली
डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के प्लॉटों की बोली ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कराई जाएगी। पोर्टल तैयार हो चुका है। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही ऑनलाइन बोली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसमें केवल पशु डेयरी संचालक ही भाग ले सकेंगे। नगर निगम के सर्वे में जिले में करीब 396 पशु डेयरियां संचालित मिली हैं जबकि पहले हुए सर्वे में इनकी संख्या 410 थी।
यह होगा फायदा
पालतू पशु शहर से बाहर शिफ्ट हो सकेंगे।
पशुओं के गोबर से सीवरेज जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
शहर को बेसहारा पशु मुक्त करने में मदद मिलेगी।
गोबर से होने वाली बदबू और मच्छरों की समस्या कम होगी।
पशुओं के कारण होने वाले हादसों पर अंकुश लगेगा।
इन क्षेत्रों में ज्यादा पशु डेयरियां
मुलतानी चौक क्षेत्र, भारत नगर, मिलगेट क्षेत्र की शिव कॉलोनी व विनोद नगर, आजाद नगर, मॉडल टाउन तथा बस स्टैंड के पास ऋषि नगर और आसपास का क्षेत्र।
डेयरी शिफ्टिंग के लिए चार एजेंसियों ने आवेदन किया है। अब उनकी तकनीकी बोली की जांच की जाएगी। इसके बाद वित्तीय बोली खोली जाएगी। सभी शर्तों पर खरा उतरने वाली एजेंसी को टेंडर आवंटित किया जाएगा।
- जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम
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इससे पहले निगम प्रशासन चार बार इस प्रोजेक्ट का टेंडर लगा चुका है लेकिन हर बार दो या तीन एजेंसियों ने ही आवेदन किया और वे भी टेंडर की शर्तों पर खरी नहीं उतर सकीं। टेंडर जारी करने से पहले निगम अधिकारियों ने इसे तीन हिस्सों में लगाने की अनुमति के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा था। मुख्यालय ने फिलहाल एक बार और संयुक्त टेंडर लगाने के निर्देश दिए हैं। यदि इस बार भी टेंडर सिरे नहीं चढ़ता है तो इसे तीन हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
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26 साल में भी धरातल पर नहीं उतर पाया प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट की घोषणा वर्ष 2000 में इनेलो सरकार के कार्यकाल में हुई थी। उस दौरान दो स्थानों पर जमीन चिह्नित की गई लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद कांग्रेस सरकार के दोनों कार्यकाल में भी प्रोजेक्ट कागजों से बाहर नहीं निकल पाया। एक बार स्थान तय कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी। बाद में भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रोजेक्ट को पूरा करने की घोषणा की। सरकार के पहले कार्यकाल के अंतिम चरण में जमीन फाइनल हो गई लेकिन इसके बाद भी प्रोजेक्ट अब तक फाइलों में ही अटका हुआ है।
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चार जगह देखी गई जमीन
26 वर्षों में इस प्रोजेक्ट के लिए चार स्थानों पर जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चली। सबसे पहले धान्सू रोड पर जमीन ली गई लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। वर्ष 2005 में जिला प्रशासन ने 24 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया। वर्ष 2013 में बगला रोड पर 137 एकड़, सात कनाल, 14 मरले भूमि चिह्नित कर सरकार को प्रस्ताव भेजा गया लेकिन इसे भी मंजूरी नहीं मिली। आखिर में वर्ष 2018 में साउथ बाईपास (बगला रोड) पर 50 एकड़ जमीन फाइनल की गई।
रद्द करनी पड़ी प्लॉटों की बोली
नगर निगम ने बगला रोड पर चयनित करीब 50 एकड़ जमीन पर डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट का प्रारूप तैयार कर कुछ प्लॉटों की बोली भी कर दी थी। इसी बीच मुख्यालय ने प्रारूप पर आपत्ति जता दी। इसके बाद वर्ष 2023 में यह कहते हुए प्लॉटों की बोली रद्द करनी पड़ी कि बिल्डिंग कोड के अनुसार प्रोजेक्ट का डिजाइन तैयार नहीं किया गया था। इसके बाद पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की गई। दोबारा प्रोजेक्ट का प्रारूप तैयार कर मंजूर कराया गया और प्रशासनिक मंजूरी भी ली गई।
नए लेआउट में 342 प्लॉट का प्रावधान
डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के नए लेआउट में कुल 342 प्लॉट प्रस्तावित हैं। इनमें 250 वर्ग गज के 239, 350 वर्ग गज के 68, 500 वर्ग गज के 27 और 1000 वर्ग गज के 8 प्लॉट शामिल हैं। पुराने लेआउट में 410 प्लॉट प्रस्तावित थे। प्रोजेक्ट में 1170 वर्ग गज क्षेत्र में मिल्क चिलिंग प्लांट, 5360 वर्ग गज में गोबर गैस प्लांट तथा 3688 वर्ग गज में वाटर वर्क्स स्थापित करने का भी प्रावधान है।
पोर्टल के माध्यम से होगी प्लॉटों की बोली
डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के प्लॉटों की बोली ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कराई जाएगी। पोर्टल तैयार हो चुका है। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही ऑनलाइन बोली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसमें केवल पशु डेयरी संचालक ही भाग ले सकेंगे। नगर निगम के सर्वे में जिले में करीब 396 पशु डेयरियां संचालित मिली हैं जबकि पहले हुए सर्वे में इनकी संख्या 410 थी।
यह होगा फायदा
पालतू पशु शहर से बाहर शिफ्ट हो सकेंगे।
पशुओं के गोबर से सीवरेज जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
शहर को बेसहारा पशु मुक्त करने में मदद मिलेगी।
गोबर से होने वाली बदबू और मच्छरों की समस्या कम होगी।
पशुओं के कारण होने वाले हादसों पर अंकुश लगेगा।
इन क्षेत्रों में ज्यादा पशु डेयरियां
मुलतानी चौक क्षेत्र, भारत नगर, मिलगेट क्षेत्र की शिव कॉलोनी व विनोद नगर, आजाद नगर, मॉडल टाउन तथा बस स्टैंड के पास ऋषि नगर और आसपास का क्षेत्र।
डेयरी शिफ्टिंग के लिए चार एजेंसियों ने आवेदन किया है। अब उनकी तकनीकी बोली की जांच की जाएगी। इसके बाद वित्तीय बोली खोली जाएगी। सभी शर्तों पर खरा उतरने वाली एजेंसी को टेंडर आवंटित किया जाएगा।
- जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम