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Hisar News: स्वच्छ सर्वेक्षण.... हांसी में अधिकारियों की लापरवाही से उम्मीदों की चमक पर उपेक्षा की धूल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 11:39 PM IST
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In Hansi, the dust of neglect settles upon the glimmer of hope due to the negligence of officials.
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हांसी। अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग की उम्मीद पर उपेक्षा की धूल नजर आ रही है। आलम यह है कि शहर के बाहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने की कोई ठोस व्यवस्था अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। ऐसी स्थिति तब है जब सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार की टीम कभी भी दस्तक दे सकती है।
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बीड फार्म स्थित डंपिंग स्टेशन पर भी कचरे का निस्तारण बेहतर तरीके से नहीं हो पा रहा है जिससे वजह से सर्वेक्षण की रैकिंग पर असर पड़ सकता है। एक माह में आएगी और 5-7 दिन शहर की सफाई व्यवस्था की जांच करेगी। 12500 अंकों में से बेहतर परिणाम लाना इस बार भी आसान नहीं होगा।
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डीएमसी लक्षित सरीन इस समय सफाई की कमान संभाले हुए हैं। उन्होंने शहर में निरीक्षण किया। साथ ही सफाई में उपयोग होने वाले वाहनों व उपकरणों की जांच की। इसके अलावा उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों को हिदायत भी दी है।

यह देखेगी एजेंसी

स्वच्छता केंद्र की स्वतंत्र एजेंसी केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी। सर्वे के दौरान फील्ड विजिट में आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के साथ कच्ची बस्तियों, स्कूलों, सार्वजनिक शौचालयों और स्थलों की सफाई भी जांची जाएगी। पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर भी स्वच्छता के इंतजाम देख जाएंगे। शहर में कुल 27 वार्ड में 200 से अधिक सफाई कर्मी तैनात है।

राज्यस्तरीय रैंकिंग घटी

स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के नतीजों में हांसी की राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग 3297 से घटकर 566 पहुंच गई थी। वहीं, राज्यस्तरीय रैंकिंग 54 से गिरकर 69 तक पहुंच गई है। स्वच्छ सर्वेक्षण वर्ष 2022 में नार्थ जोन में रैंकिंग 44 थी और राज्यस्तरीय रैंकिंग पांचवीं थी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर 3297 वीं रैंकिंग मिली थी। राज्यस्तर पर 54वीं रैंकिंग व इसमें नॉर्थ जोन में 92वीं रैंकिंग मिली थी। 2023 में शहर राज्यस्तरीय व नार्थ जोन रैंकिंग में पिछड़ गया था।

इन कमियों से कट सकते हैं नंबर

- गीला- सूखा कचरा अलग अलग नहीं उठाया जा रहा है।

-जहां मर्जी वहां लोग कचरा डाल रहे हैं। कई क्षेत्रों में सफाई ही नहीं हो पा रही है।

- शहर का दायरा काफी बढ़ चुका है, लेकिन कई क्षेत्रों में अभी भी सभी घरों से कचरा संग्रहण नहीं हो पा रहा है।

- शहर में सामुदायिक शौचालयों की कमी।

- डंपिंग स्टेशन पर कचरा निस्तारण न होना।


नगर परिषद के एसआई संजय कुमार ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर हमने तैयारी शुरू कर दी है। पूरा प्रयास है कि इस बार रैंकिंग सुधरे। हम जनभागीदारी भी इस बार बढ़ाएंगे।-
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