सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Keep track of history, preserve heritage

Hisar News: इतिहास की रखें जानकारी, विरासत सहेजें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:32 AM IST
विज्ञापन
Keep track of history, preserve heritage
गांव गंगवा के पीएमश्री स्कूल में मुख्य अति​थि जिला परिषद सीईओ सुभाष चंद्र को स्मृति चिन्ह भेंट
विज्ञापन
हिसार। हर व्यक्ति को अपने इतिहास की जानकारी होनी चाहिए और हमें अपनी विरासत को सहेजना चाहिए। यह बात जिला परिषद के सीईओ सीईओ सुभाष चंद्र ने मंगलवार को गांव गंगवा स्थित पीएमश्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित ज्ञान भारतम् मिशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बोलते हुए कही।
Trending Videos

उन्होंने कहा कि इस मिशन के माध्यम से आम लोगों को अपने पास मौजूद धरोहर, दस्तावेज और पांडुलिपियों को संग्रहित करने में सहयोग करने का अवसर मिलेगा। हरियाणा अभिलेख विभाग आम नागरिकों से ऐतिहासिक पत्र, मानचित्र और पुरानी तस्वीरें एकत्र कर उन्हें वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित करने में जुटा है। तीन महीने के सघन पांडुलिपि सर्वेक्षण के तहत राज्य की 20,000 से अधिक पांडुलिपियों की पहचान और दस्तावेजीकरण किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि प्राचीन मंदिर, मठ और निजी संग्रहों का भौतिक सत्यापन और जियो-टैगिंग भी की जा रही है। आम नागरिक ज्ञान भारतम् एप के माध्यम से पांडुलिपियों का विवरण, स्थान और तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं जिससे हरियाणा की पांडुलिपियों का डिजिटल मैप तैयार होगा।
प्रमुख वक्ता इतिहासकार प्रो. महेंद्र सिंह ने कहा कि हमें अपनी जड़ों और इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने हिसार के इतिहास का उदाहरण देते हुए 1398 में हिसार के बसाए जाने और 1857 की क्रांति में शहीद हुए सैनिकों की कहानी साझा की। गुजरी महल, नागोरी गेट, तलाकी गेट, दिल्ली गेट और मोरी गेट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शहर के महलों और किलों के महत्व को समझना जरूरी है।
अभिलेखागार विभाग के सहायक निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि विभाग के पास 4,500 से अधिक लेख-दस्तावेज हैं और युवाओं को पांडुलिपियों के संरक्षण कार्य से जोड़ने के लिए इंटर्नशिप के अवसर भी दिए जा रहे हैं। पीएमश्री स्कूल के प्राचार्य जयभगवान ने कहा कि विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक मिलकर इतिहास और दस्तावेजों को एकत्र करेंगे। गंगवा के सरपंच भगवान दास ने ग्रामीण समुदाय को मिशन से जोड़ने और पुराने दस्तावेज, किताबें और तस्वीरें संग्रहित करने का आह्वान किया।
जिला परिषद सदस्य मनोज टाक माही ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं की जानकारी होनी चाहिए। बुजुर्गों के अनुभवों और कुर्बानियों का सम्मान करना और इस मिशन में सहयोग करना जरूरी है। इस मौके पर निहाल सिंह सुथार, कुलदीप, आजाद सिंह खांडा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed