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Hisar News: 61 लाख से बने बूस्टिंग स्टेशन के टैंक में लीकेज, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल
Sat, 18 Jul 2026 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 18 Jul 2026 01:25 AM IST
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हांसी बूस्टिंग स्टेशन की गुणवत्ता को लेकर रोष प्रकट करते स्थानीय निवासी। संवाद
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हांसी। राजकीय महाविद्यालय में 61 लाख रुपये की लागत से बने एक नए बूस्टिंग स्टेशन में बने टैंक से लीकेज होने लगी है। स्थानीय लोगों ने निर्माण में घटिया सामग्री लगाने के आरोप लगाते हुए इसकी जांच करवाने व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इधर जनस्वास्थ्य विभाग ने ठेकेदार को बूस्टिंग स्टेशन के टैंक की मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय निवासी राजबीर स्वामी, रणधीर सिंह, विजेंद्र गोस्वामी, नरेश स्वामी, राममेहर सिंह, नफे सिंह स्वामी व नवीन मेहरा आदि ने बताया कि महाविद्यालय के आसपास के क्षेत्र लंबे समय से अलग बूस्टिंग स्टेशन बनवाने की मांग कर रहे थे। लोगों की मांग पर यह बूस्टिंग स्टेशन करीब 10 महीने पहले बनकर तैयार हुआ था। इसका उद्घाटन छह महीने पहले विधायक विनोद भयाना ने किया था। इस बूस्टिंग स्टेशन का मुख्य उद्देश्य हनुमान कॉलोनी और जगदीश कॉलोनी के 5 हजार लोगों की पेयजल समस्या को समाप्त करना था। इन दोनों कॉलोनियों के 1500 घरों के पेयजल कनेक्शन इस स्टेशन से जोड़े गए थे।
इस नवनिर्मित स्टेशन में आधुनिक मशीनरी स्थापित की गई थी लेकिन चालू होने के बाद से ही इस बूस्टिंग स्टेशन में लीकेज शुरू हो गई थी। फिलहाल इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसे चालू किया जाता है तो उस दिन मशीन कक्ष में भी पानी भर जाता है जिसे कर्मचारी बाल्टियों से बाहर निकालते हैं। अब बूस्टिंग से पानी की सप्लाई बंद की हुई है। सप्लाई अन्य जगहों से दी जा रही है। लोगों की मांग है कि इस बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण कार्य की जांच होनी चाहिए। इस बूस्टिंग स्टेशन खरड़ रोड स्थित नए जलघर से जोड़ा हुआ है।
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स्थानीय लोगों ने बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 61 लाख रुपये की लागत के बावजूद स्टेशन जल्द खराब हो गया। यह गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाता है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही निर्माण में लापरवाही करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी अपील की है।
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निर्माण करने वाले ठेकेदार को कह कर बूस्टिंग स्टेशन की मरम्मत करवाएंगे। अभी ठेकेदार को पूरा भुगतान नहीं हुआ है।- संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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स्थानीय निवासी राजबीर स्वामी, रणधीर सिंह, विजेंद्र गोस्वामी, नरेश स्वामी, राममेहर सिंह, नफे सिंह स्वामी व नवीन मेहरा आदि ने बताया कि महाविद्यालय के आसपास के क्षेत्र लंबे समय से अलग बूस्टिंग स्टेशन बनवाने की मांग कर रहे थे। लोगों की मांग पर यह बूस्टिंग स्टेशन करीब 10 महीने पहले बनकर तैयार हुआ था। इसका उद्घाटन छह महीने पहले विधायक विनोद भयाना ने किया था। इस बूस्टिंग स्टेशन का मुख्य उद्देश्य हनुमान कॉलोनी और जगदीश कॉलोनी के 5 हजार लोगों की पेयजल समस्या को समाप्त करना था। इन दोनों कॉलोनियों के 1500 घरों के पेयजल कनेक्शन इस स्टेशन से जोड़े गए थे।
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इस नवनिर्मित स्टेशन में आधुनिक मशीनरी स्थापित की गई थी लेकिन चालू होने के बाद से ही इस बूस्टिंग स्टेशन में लीकेज शुरू हो गई थी। फिलहाल इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसे चालू किया जाता है तो उस दिन मशीन कक्ष में भी पानी भर जाता है जिसे कर्मचारी बाल्टियों से बाहर निकालते हैं। अब बूस्टिंग से पानी की सप्लाई बंद की हुई है। सप्लाई अन्य जगहों से दी जा रही है। लोगों की मांग है कि इस बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण कार्य की जांच होनी चाहिए। इस बूस्टिंग स्टेशन खरड़ रोड स्थित नए जलघर से जोड़ा हुआ है।
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स्थानीय लोगों ने बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 61 लाख रुपये की लागत के बावजूद स्टेशन जल्द खराब हो गया। यह गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाता है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही निर्माण में लापरवाही करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी अपील की है।
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निर्माण करने वाले ठेकेदार को कह कर बूस्टिंग स्टेशन की मरम्मत करवाएंगे। अभी ठेकेदार को पूरा भुगतान नहीं हुआ है।- संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।