सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Municipal Employees Union two-day strike

Hisar News: कार्यालय सूने, सड़कों पर झाड़ू चली न गाडि़यां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 12:07 AM IST
विज्ञापन
Municipal Employees Union two-day strike
नगर निगम कार्यालय हिसार में धरने पर बैठे फायर ब्रिगेड के कर्मचारी ।
विज्ञापन
हिसार। नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुक्रवार को सभी निगम कर्मी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए। इससे निगम के सभी कार्यालय सूने नजर आए और कामकाज ठप रहा। निगम कार्यालय पहुंचे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। सफाईकर्मियों ने शहर में कहीं भी सड़कों पर झाड़ू नहीं लगाई और कचरा उठान नहीं किया। निगम के करीब 700 सफाई कर्मचारी और 400 अन्य कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल शनिवार को भी रहेगी।
Trending Videos

नगर निगम के सभी कार्यालय और काउंटर बंद रहने के कारण प्रॉपर्टी टैक्स, एनओसी, भवन मानचित्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और सीवरेज से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। हड़ताल में निजी एजेंसी के कर्मचारियों के भी शामिल होने से डोर टू डोर कचरा उठाने वाली गाडि़यों के पहिये थमे रहे। इस वजह से करीब 210 टन कचरा लोगों के घरों में ही पड़ा रहा। हड़ताली कर्मी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक नगर निगम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे रहे। मुख्य गेट पर धरना होने के कारण अधिकारियों को पैदल अंदर जाना पड़ा और उनकी गाड़ियां बाहर ही खड़ी करवाई गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो दिन नहीं करेंगे कोई काम
नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुरेंद्र उर्फ गोलू ने बताया कि 1 और 2 मई को प्रदेशभर के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में हड़ताल रहेगी। सफाई कर्मियों सहित सभी कर्मचारी इसमें शामिल रहेंगे और नगर निकायों में कोई काम नहीं होगा।
कर्मचारियों पर बढ़ रहा बोझ
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अशोक सैनी ने बताया कि हाईकोर्ट कच्चे कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दे चुका है लेकिन सरकार लागू नहीं कर रही। स्थानीय निकायों में खाली पड़े हजारों पदों पर भर्तियां नहीं की जा रहीं जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है और वे मानसिक दबाव में हैं। निगम कर्मचारियों ने फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल का भी समर्थन किया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- कच्चे, अनुबंधित और आउटसोर्स कर्मचारियों को नीति बनाकर पक्का किया जाए।
- समान काम के लिए समान वेतन और बकाया एरियर का भुगतान किया जाए।
- ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को विभागीय रोल पर लिया जाए।
- सफाई और सीवर कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये किया जाए।
- सभी कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा और अन्य भत्ते दिए जाएं।
- खाली पदों पर स्थायी भर्ती और नए पद सृजित किए जाएं।
- फायर विभाग के मृत कर्मचारियों के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और आश्रित को नौकरी दी जाए।
- पुरानी पेंशन बहाल की जाए तथा जोखिम भत्ते व अन्य सुविधाएं बढ़ाई जाएं।
स्वच्छ भारत का इरादा....जिंगल की नहीं सुनाई दी धुन
निगम के 20 वार्डों में कचरा उठाने वाली 210 गाड़ियां सड़कों पर नहीं पहुंचीं। इसके चलते लोग स्वच्छ भारत का इरादा, इरादा कर लिया हमने...जिंगल की धुन सुनने का इंतजार करते रहे। कुछ लोग पॉलिथीन बैग में कचरा डालकर खाली भूखंडों में और सड़क किनारे फेंक गए। शनिवार को भी सफाई और कचरा उठान नहीं होगा। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
सड़कों के किनारे फैला रहा कचरा
हड़ताल का असर सड़कों पर साफ दिखाई दिया। कई स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए। ऑटो मार्केट, नई सब्जी मंडी, कैमरी रोड, आजाद नगर, तोशाम रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में कचरा सड़कों के किनारे फैला रहा। इन ढेरों पर लावारिस पशु मुंह मारते दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed