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Hisar News: हाडाखोरी में संरक्षित मृत पशुओं के अवशेष बटोरते दो लोग पकड़े
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हाडाखोरी में संरक्षित मृत पशुओं के अवशेष बटोरते दो लोग पकड़े।
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सिवानी मंडी (हांसी)। शहर की गोशाला से जुड़े हाडाखोरी स्थल पर शनिवार को लापरवाही का आरोप लगा है। यहां संरक्षित मृत पशुओंं के अवशेष खुले में पड़े मिले, जिन्हें इकट्ठा करते दो आरोपी दबोचे गए। गोरक्षा दल के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को रोका और पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
गोशाला में मरने वाली पशुओं को शहर के बाहर बनी हाडाखोरी में दबाने की व्यवस्था है लेकिन शनिवार को कई संरक्षित पशु खुले में मृत पड़ी मिलीं। इसी दौरान दो व्यक्ति वहां से अवशेष बटोरते देखे गए। सूचना मिलते ही गोरक्षा दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और दोनों को पकड़ लिया।
घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। गोशाला के प्रधान पवन कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाडाखोरी स्थल पर अक्सर मृत पशुओं को खुले में छोड़ दिया जाता है जिससे इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
गोरक्षा से जुड़े अधिवक्ता सुनील पनिहार ने आरोप लगाया कि गोशाला प्रबंधन मृत पशुओं के निस्तारण में लापरवाही बरत रहा है। उनका कहना है कि मृत पशुओं को खुले में छोड़ने से असामाजिक तत्वों को मौका मिलता है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
गोशाला के प्रधान पवन कुमार ने बताया कि गोशाला का लोडर उस समय दान में आई तूड़ी लाने के लिए गया था, जिस कारण संरक्षित पशुओं को तुरंत नहीं दबाया जा सका। उन्होंने कहा कि लोडर आते ही सभी अवशेषों को मिट्टी में दबा दिया गया। जांच अधिकारी एवं थाना प्रभारी कपिल देव ने बताया कि पुलिस की जांच में कोई आपत्तिजनक तथ्य सामने नहीं आया है।
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गोशाला में मरने वाली पशुओं को शहर के बाहर बनी हाडाखोरी में दबाने की व्यवस्था है लेकिन शनिवार को कई संरक्षित पशु खुले में मृत पड़ी मिलीं। इसी दौरान दो व्यक्ति वहां से अवशेष बटोरते देखे गए। सूचना मिलते ही गोरक्षा दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और दोनों को पकड़ लिया।
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घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। गोशाला के प्रधान पवन कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाडाखोरी स्थल पर अक्सर मृत पशुओं को खुले में छोड़ दिया जाता है जिससे इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
गोरक्षा से जुड़े अधिवक्ता सुनील पनिहार ने आरोप लगाया कि गोशाला प्रबंधन मृत पशुओं के निस्तारण में लापरवाही बरत रहा है। उनका कहना है कि मृत पशुओं को खुले में छोड़ने से असामाजिक तत्वों को मौका मिलता है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
गोशाला के प्रधान पवन कुमार ने बताया कि गोशाला का लोडर उस समय दान में आई तूड़ी लाने के लिए गया था, जिस कारण संरक्षित पशुओं को तुरंत नहीं दबाया जा सका। उन्होंने कहा कि लोडर आते ही सभी अवशेषों को मिट्टी में दबा दिया गया। जांच अधिकारी एवं थाना प्रभारी कपिल देव ने बताया कि पुलिस की जांच में कोई आपत्तिजनक तथ्य सामने नहीं आया है।
