{"_id":"69d3fcda1052091d3705521a","slug":"procurement-begins-in-mandi-971-metric-tonnes-of-crop-purchased-on-the-first-day-hisar-news-c-21-hsr1020-844995-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: मंडी में खरीद शुरू, पहले दिन 971 मीट्रिक टन फसल खरीदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: मंडी में खरीद शुरू, पहले दिन 971 मीट्रिक टन फसल खरीदी
विज्ञापन
विज्ञापन
हांसी। अनाज मंडी में पिछले कुछ दिनों से फसल वेरिफिकेशन और मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मंडी में गेहूं की आवक के बीच अब सरकारी खरीद प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को 9710 क्विंटल (971 मीट्रिक टन) गेहूं की खरीद की गई है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से खरीद शुरु की गई है। 75 हजार क्विंटल (7,500 मीट्रिक टन) गेहूं की अब तक मंडी में आवक हो चुकी है।
तमाम तकनीकी अड़चनों और हंगामे के बाद आखिरकार खरीद एजेंसियों ने मंडी में डेरा डाल दिया है और फसल की तुलाई शुरू कर दी है। मंडी में 1 अप्रैल से खरीद शुरु होनी थी। लेकिन बारिश के बाद गेहूं में नमी मिलने के कारण खरीद नहीं की गई। अब नमी सही मिलने के बाद खरीद शुरु की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि जिन ढेरी में नमी की मात्रा 12 प्रतिशत या उससे कम पाई जा रही है, उनकी तुरंत खरीद की जा रही है। मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों का कहना है कि यदि उठान का कार्य भी साथ-साथ तेज गति से हो, तो मंडी में जगह की कमी नहीं होगी और अन्य किसानों को भी अपनी फसल उतारने में आसानी होगी। खरीद एजेंसी के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि आने वाले दिनों में आवक बढ़ने के साथ-साथ खरीद के लक्ष्य को और तेज किया जाएगा ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े।
Trending Videos
तमाम तकनीकी अड़चनों और हंगामे के बाद आखिरकार खरीद एजेंसियों ने मंडी में डेरा डाल दिया है और फसल की तुलाई शुरू कर दी है। मंडी में 1 अप्रैल से खरीद शुरु होनी थी। लेकिन बारिश के बाद गेहूं में नमी मिलने के कारण खरीद नहीं की गई। अब नमी सही मिलने के बाद खरीद शुरु की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि जिन ढेरी में नमी की मात्रा 12 प्रतिशत या उससे कम पाई जा रही है, उनकी तुरंत खरीद की जा रही है। मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों का कहना है कि यदि उठान का कार्य भी साथ-साथ तेज गति से हो, तो मंडी में जगह की कमी नहीं होगी और अन्य किसानों को भी अपनी फसल उतारने में आसानी होगी। खरीद एजेंसी के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि आने वाले दिनों में आवक बढ़ने के साथ-साथ खरीद के लक्ष्य को और तेज किया जाएगा ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े।