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Hisar News: मंत्री आवास घेरने पहुंचे पीडब्ल्यूडी कर्मचारी, बैरिकेड्स पर पुलिस से 10 मिनट तक धक्का-मुक्की
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हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के सदस्य बेरिकेडस पर चढ़ कर उसे पार करने
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हिसार। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के कर्मचारियों ने शनिवार को अपनी मांगों को लेकर जनस्वास्थ्य एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा के आवास का घेराव किया। सेक्टर-15 स्थित कम्युनिटी सेंटर से पैदल मार्च निकालकर कर्मचारी मंत्री आवास पहुंचे और वहां लगाए गए बैरिकेड्स हटाने का प्रयास किया। इस दौरान करीब 10 मिनट तक पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की व जोर-आजमाइश होती रही।
प्रदेशभर से आए कर्मचारी पहले कम्युनिटी सेंटर में एकत्रित हुए, जहां यूनियन नेताओं ने सभा को संबोधित किया। इसके बाद राज्य प्रधान गंगाराम मौण के नेतृत्व में कर्मचारी मंत्री के कैंप कार्यालय की ओर रवाना हुए। राज्य महासचिव जरनैल सिंह, जिला प्रधान ओमप्रकाश माल और जिला सचिव दीपक मेहरा सहित अन्य पदाधिकारी मार्च में शामिल रहे।
उमस भरी गर्मी के बीच मंत्री आवास पहुंचने पर पुलिस ने कर्मचारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ कर्मचारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए और वहीं से अपनी मांगों को लेकर संबोधित किया। बाद में प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया।
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मांगें नहीं मानीं तो पक्का मोर्चा
यूनियन के राज्य प्रधान गंगाराम मौण ने कहा कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा और मंत्री आवास पर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य कोषाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
वार्ता के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित
मंत्री के पुत्र संजीव गंगवा ने यूनियन पदाधिकारियों को 21 जुलाई को होने वाली बैठक का निमंत्रण पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि बैठक में दोनों विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और संबंधित विभागों के प्रमुख अभियंता शामिल होंगे। यूनियन ने कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण संबंधी आवेदन भी सौंपे। आश्वासन मिलने के बाद यूनियन ने बैठक के परिणाम आने तक आंदोलन स्थगित कर दिया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
ग्रामीण पेयजल आपूर्ति संचालन पंचायतों को सौंपने की प्रक्रिया बंद की जाए।
फील्ड कर्मचारियों के सेवा नियमों और वेतन विसंगतियों में संशोधन किया जाए।
मैट्रिक व 12वीं पास कर्मचारियों को लिपिक पद पर पदोन्नति दी जाए।
ग्रुप-डी कर्मचारियों को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नत किया जाए।
वर्ष 2020-23 की लंबित एलटीसी राशि का भुगतान किया जाए।
स्वीकृत पदों को एचआरएमएस पर अपडेट किया जाए।
मेंटेनेंस कर्मचारियों को यात्रा नियम भत्ता-2016 के अनुसार 15 दिन की डेली दी जाए।
लंबे समय से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों का विवरण एचआरएमएस पर दर्ज किया जाए।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारियों को मुफ्त पेयजल सुविधा दी जाए।
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प्रदेशभर से आए कर्मचारी पहले कम्युनिटी सेंटर में एकत्रित हुए, जहां यूनियन नेताओं ने सभा को संबोधित किया। इसके बाद राज्य प्रधान गंगाराम मौण के नेतृत्व में कर्मचारी मंत्री के कैंप कार्यालय की ओर रवाना हुए। राज्य महासचिव जरनैल सिंह, जिला प्रधान ओमप्रकाश माल और जिला सचिव दीपक मेहरा सहित अन्य पदाधिकारी मार्च में शामिल रहे।
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उमस भरी गर्मी के बीच मंत्री आवास पहुंचने पर पुलिस ने कर्मचारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ कर्मचारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए और वहीं से अपनी मांगों को लेकर संबोधित किया। बाद में प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया।
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मांगें नहीं मानीं तो पक्का मोर्चा
यूनियन के राज्य प्रधान गंगाराम मौण ने कहा कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा और मंत्री आवास पर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य कोषाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
वार्ता के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित
मंत्री के पुत्र संजीव गंगवा ने यूनियन पदाधिकारियों को 21 जुलाई को होने वाली बैठक का निमंत्रण पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि बैठक में दोनों विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और संबंधित विभागों के प्रमुख अभियंता शामिल होंगे। यूनियन ने कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण संबंधी आवेदन भी सौंपे। आश्वासन मिलने के बाद यूनियन ने बैठक के परिणाम आने तक आंदोलन स्थगित कर दिया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
ग्रामीण पेयजल आपूर्ति संचालन पंचायतों को सौंपने की प्रक्रिया बंद की जाए।
फील्ड कर्मचारियों के सेवा नियमों और वेतन विसंगतियों में संशोधन किया जाए।
मैट्रिक व 12वीं पास कर्मचारियों को लिपिक पद पर पदोन्नति दी जाए।
ग्रुप-डी कर्मचारियों को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नत किया जाए।
वर्ष 2020-23 की लंबित एलटीसी राशि का भुगतान किया जाए।
स्वीकृत पदों को एचआरएमएस पर अपडेट किया जाए।
मेंटेनेंस कर्मचारियों को यात्रा नियम भत्ता-2016 के अनुसार 15 दिन की डेली दी जाए।
लंबे समय से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों का विवरण एचआरएमएस पर दर्ज किया जाए।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारियों को मुफ्त पेयजल सुविधा दी जाए।