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Hisar News: सतेंद्र ने लगातार दूसरे साल अंडर-17 विश्व कुश्ती में जीता स्वर्ण, कामना को कांस्य पदक
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सतेंद्र मलिक पहलवान
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हिसार। अजरबैजान के बाकू शहर में 27 जुलाई से दो अगस्त तक आयोजित अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में हांसी जिले के गांव उमरा स्थित एशियन स्पोर्ट्स स्कूल के पहलवान सतेंद्र मलिक ने फ्रीस्टाइल के 60 किलोग्राम भार वर्ग में लगातार दूसरे वर्ष स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं गांव धान्सू की कामना बाबल ने 49 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।
सतेंद्र के कोच संजय मलिक ने बताया कि सतेंद्र पिछले आठ वर्षों से एशियन स्पोर्ट्स स्कूल के अखाड़े में अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में अपने प्रतिद्वंद्वियों को कुल महज दो अंक दिए जबकि स्वयं 47 अंक हासिल किए। अंडर-17 विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में लगातार दो वर्ष स्वर्ण पदक जीतने वाले सतेंद्र दुनिया के पहले पहलवान बन गए हैं।
कामना बाबल के पिता वेदप्रकाश ने बताया कि उनकी बेटी भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी) में अभ्यास करती है। उसे वरिष्ठ कुश्ती कोच सियानंद दहिया और राजेश नांदल सहित नौ सदस्यीय कोचिंग टीम प्रशिक्षण दे रही है। दोनों खिलाड़ियों के स्वदेश लौटने पर उनके भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं।
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सतेंद्र के कोच संजय मलिक ने बताया कि सतेंद्र पिछले आठ वर्षों से एशियन स्पोर्ट्स स्कूल के अखाड़े में अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में अपने प्रतिद्वंद्वियों को कुल महज दो अंक दिए जबकि स्वयं 47 अंक हासिल किए। अंडर-17 विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में लगातार दो वर्ष स्वर्ण पदक जीतने वाले सतेंद्र दुनिया के पहले पहलवान बन गए हैं।
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कामना बाबल के पिता वेदप्रकाश ने बताया कि उनकी बेटी भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी) में अभ्यास करती है। उसे वरिष्ठ कुश्ती कोच सियानंद दहिया और राजेश नांदल सहित नौ सदस्यीय कोचिंग टीम प्रशिक्षण दे रही है। दोनों खिलाड़ियों के स्वदेश लौटने पर उनके भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं।
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