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Hisar News: उठान की सुस्ती, बारिश का डर....किसान की धड़कनें बढ़ीं
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हिसार। अनाज मंडी में रबी फसलों की आवक तेज होने के साथ ही व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। सोमवार से मंडी में गेहूं की आवक भी शुरू हो गई है लेकिन पर्याप्त जगह न होने के कारण किसानों को फसल खुले आसमान के नीचे डालनी पड़ रही है। मंडी के शेड पहले से ही सरसों की बोरियों और ढेरियों से पटे पड़े हैं जिससे नई आ रही फसल के लिए जगह नहीं बची है। उठान प्रक्रिया में सुस्ती के बीच बारिश की आशंका ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
रविवार शाम तक मंडी में 45,475 क्विंटल (4547.5 मीट्रिक टन) सरसों की खरीद हुई लेकिन अब तक महज 30 प्रतिशत फसल का ही उठान हो पाया है। आढ़तियों की ओर से खरीदी गई सरसों की बोरियां शेड के नीचे जमा हैं।
किसानों का कहना है कि यदि खरीदी जा चुकी फसल का समय पर उठान सुनिश्चित हो, तो नई फसल के लिए जगह की किल्लत नहीं होगी। उठान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि हजारों क्विंटल फसल को संभावित बारिश से भीगने से बचाया जा सके।
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सोमवार को मंडी में किसानों ने गेहूं की फसल लेकर आना शुरू कर दिया है। हिसार मंडी में खरीदी गई आढ़तियों की फसल की उठान नहीं हो पाया है। किसानों खुले आसमान के नीचे ही फसल डालनी पड़ रही है। मार्केट कमेटी को खरीदी गई फसल की उठान समय पर करवाना सुनिश्चित करना चाहिए।
-- कृष्ण कुमार, किसान नेता भाकियू हिसार।
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किसानों गेहूं डालनी पड़ी खुले आसमान के नीचे :
आढ़ती की ओर से खरीदी गई फसल गोदाम में रखनी चाहिए। अब वह फसल को लंबे समय तक शेड के नीचे ही रख रहे है। इससे किसानों को फसल रखने के लिए जगह ही नहीं मिलती है। उसे या तो अपनी फसल अपनी गाड़ी में ही रखनी पड़ रही है या फिर बिना शेड के ही खुले में डालनी पड़ रही है। नई शेड बनकर तैयार नहीं हुई है।
अमन बुरा, किसान गांव ढाड हिसार।
वर्जन :
मंडी में उठान कार्य तेज करवाया जाएगा। किसान व आढ़ती किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। फसल की आवक के हिसाब से सरकारी खरीद शुरू हो रही है। इसके बाद उठान कार्य और तेज किया जाएगा।
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किसानों का कहना है कि यदि खरीदी जा चुकी फसल का समय पर उठान सुनिश्चित हो, तो नई फसल के लिए जगह की किल्लत नहीं होगी। उठान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि हजारों क्विंटल फसल को संभावित बारिश से भीगने से बचाया जा सके।
सोमवार को मंडी में किसानों ने गेहूं की फसल लेकर आना शुरू कर दिया है। हिसार मंडी में खरीदी गई आढ़तियों की फसल की उठान नहीं हो पाया है। किसानों खुले आसमान के नीचे ही फसल डालनी पड़ रही है। मार्केट कमेटी को खरीदी गई फसल की उठान समय पर करवाना सुनिश्चित करना चाहिए।
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किसानों गेहूं डालनी पड़ी खुले आसमान के नीचे :
आढ़ती की ओर से खरीदी गई फसल गोदाम में रखनी चाहिए। अब वह फसल को लंबे समय तक शेड के नीचे ही रख रहे है। इससे किसानों को फसल रखने के लिए जगह ही नहीं मिलती है। उसे या तो अपनी फसल अपनी गाड़ी में ही रखनी पड़ रही है या फिर बिना शेड के ही खुले में डालनी पड़ रही है। नई शेड बनकर तैयार नहीं हुई है।
अमन बुरा, किसान गांव ढाड हिसार।
वर्जन :
मंडी में उठान कार्य तेज करवाया जाएगा। किसान व आढ़ती किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। फसल की आवक के हिसाब से सरकारी खरीद शुरू हो रही है। इसके बाद उठान कार्य और तेज किया जाएगा।