{"_id":"69f6409aa9f93027bb09461f","slug":"the-rai-bahadur-ramdhan-singh-memorial-trust-celebrated-the-birth-anniversary-of-agricultural-scientist-dr-ramdhan-singh-hisar-news-c-21-hsr1020-862049-2026-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"घटती किसानी पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी : डाॅ. बलजीत सिंह भ्याण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घटती किसानी पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी : डाॅ. बलजीत सिंह भ्याण
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 02 May 2026 11:51 PM IST
विज्ञापन
हिसार में राय बहादुर रामधन सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से कृषि वैज्ञानिक डाॅ. रामधन सिंह की जयंत
विज्ञापन
हिसार। राय बहादुर रामधन सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से कृषि वैज्ञानिक डाॅ. रामधन सिंह की जयंती शनिवार को जाट धर्मशाला में मनाई गई। गोष्ठी में राय बहादुर रामधन सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष डाॅ. बलजीत सिंह भ्याण ने कहा कि घटती किसानी पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।
गोष्ठी के मुख्य वक्ता डाॅ. राम कंवर राणा ने कहा कि डाॅ. रामधन के योगदान से करोड़ों लोगों को भोजन मिल पाया। राय बहादुर रामधन सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष डाॅ. बलजीत सिंह भ्याण ने कहा कि डाॅ. रामधन सिंह के कृषि शोध में लगन, मेहनत और दूरदर्शिता के कारण करोड़ों लोगों को भूख से बचाया जा सका। उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत है। अब किसानों की आमदनी घट रही है और किसान खेती छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। नरमा कपास का उदाहरण देते उन्होंने कहा कि नरमा का क्षेत्र घट कर आधा रह गया है और पैदावार 60 प्रतिशत घट गई है।
गोष्ठी में डाॅ. सतीश खोखर, डाॅ. देवेंद्र दहिया, धर्मपाल ढुल ने भी विचार रखे। विचार विमर्श के बाद ट्रस्ट ने भविष्य में किसानों की सेवा के लिए कार्य की योजना बनाई गई। इसमें किसानों के खेत में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा ताकि किसानों की समस्याओं का समाधान उनके खेतों में जाकर किया जा सके। ट्रस्ट के सचिव डाॅ. कुलबीर सिंह बागड़वा ने संचालन किया। गोष्ठी में कपास विभाग के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. राजबीर सिंह सांगवान, बीज फार्म के पूर्व निदेशक डाॅ. रमेश चंद्र पूनिया, पूर्व प्रोफेसर डाॅ. राजपाल खर्ब, डाॅ. खजान सिंह नैन, डाॅ. धर्म सिंह, अनीता शर्मा आदि मौजूद रहे।
Trending Videos
गोष्ठी के मुख्य वक्ता डाॅ. राम कंवर राणा ने कहा कि डाॅ. रामधन के योगदान से करोड़ों लोगों को भोजन मिल पाया। राय बहादुर रामधन सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष डाॅ. बलजीत सिंह भ्याण ने कहा कि डाॅ. रामधन सिंह के कृषि शोध में लगन, मेहनत और दूरदर्शिता के कारण करोड़ों लोगों को भूख से बचाया जा सका। उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत है। अब किसानों की आमदनी घट रही है और किसान खेती छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। नरमा कपास का उदाहरण देते उन्होंने कहा कि नरमा का क्षेत्र घट कर आधा रह गया है और पैदावार 60 प्रतिशत घट गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोष्ठी में डाॅ. सतीश खोखर, डाॅ. देवेंद्र दहिया, धर्मपाल ढुल ने भी विचार रखे। विचार विमर्श के बाद ट्रस्ट ने भविष्य में किसानों की सेवा के लिए कार्य की योजना बनाई गई। इसमें किसानों के खेत में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा ताकि किसानों की समस्याओं का समाधान उनके खेतों में जाकर किया जा सके। ट्रस्ट के सचिव डाॅ. कुलबीर सिंह बागड़वा ने संचालन किया। गोष्ठी में कपास विभाग के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. राजबीर सिंह सांगवान, बीज फार्म के पूर्व निदेशक डाॅ. रमेश चंद्र पूनिया, पूर्व प्रोफेसर डाॅ. राजपाल खर्ब, डाॅ. खजान सिंह नैन, डाॅ. धर्म सिंह, अनीता शर्मा आदि मौजूद रहे।
