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Hisar News: जागरूकता और उपचार से मिली जीत, 99 गांवों से टीबी का खात्मा
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जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए खुली टीबी लैब
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हिसार। जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। जागरूकता, समय पर जांच और उपचार के चलते जिले के 99 गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इन गांवों की पंचायतों को मार्च के आखिरी सप्ताह में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। यह पहल सरकार के क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन अभियान का हिस्सा है जिसका उद्देश्य प्रदेश से टीबी को पूरी तरह खत्म करना है।
जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत टीबी के नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र ने बताया कि जनवरी 2026 से मार्च के बीच जिले में टीबी के करीब 1500 नए मरीज सामने आए हैं। वहीं पिछले साल जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच करीब 5500 मरीज दर्ज किए गए थे। उन्होंने बताया कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि टीबी अभी भी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है लेकिन समय पर पहचान और उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि नागरिक अस्पताल में टीबी के मरीजों की नियमित जांच की जा रही है। जांच के बाद मरीजों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही उन्हें एक हजार रुपये की पेंशन भी दी जाती है। वहीं, स्वास्थ्य कर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं, ताकि बीमारी को शुरुआती चरण में ही रोका जा सके।
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच
डॉ. जितेंद्र ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तीन सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बलगम में खून आना, सीने में दर्द, बुखार, रात में पसीना आना, भूख कम लगना और वजन घटना शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत जांच करानी चाहिए, ताकि समय रहते उपचार शुरू किया जा सके और मरीज की जान बचाई जा सके।
टीकाकरण से होगा टीबी से बचाव
डॉक्टरों ने बताया कि टीबी से बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें और संपर्क होने पर मास्क का उपयोग करें। घर और आसपास के वातावरण को साफ और हवादार रखें। पौष्टिक आहार लें, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो। इसके अलावा बीसीजी का टीकाकरण भी टीबी से बचाव में सहायक होता है।
टीबी मुक्त करने के लिए लगातार चलाया जा रहा अभियान
टीबी के नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र ने बताया कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान, समय पर जांच और मुफ्त उपचार जैसी सुविधाओं के कारण अब टीबी के मामलों में धीरे-धीरे कमी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हिसार के 99 गांवों का टीबी मुक्त होना इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। यदि इसी तरह प्रयास जारी रहे, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है।
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जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत टीबी के नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र ने बताया कि जनवरी 2026 से मार्च के बीच जिले में टीबी के करीब 1500 नए मरीज सामने आए हैं। वहीं पिछले साल जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच करीब 5500 मरीज दर्ज किए गए थे। उन्होंने बताया कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि टीबी अभी भी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है लेकिन समय पर पहचान और उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि नागरिक अस्पताल में टीबी के मरीजों की नियमित जांच की जा रही है। जांच के बाद मरीजों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही उन्हें एक हजार रुपये की पेंशन भी दी जाती है। वहीं, स्वास्थ्य कर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं, ताकि बीमारी को शुरुआती चरण में ही रोका जा सके।
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच
डॉ. जितेंद्र ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तीन सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बलगम में खून आना, सीने में दर्द, बुखार, रात में पसीना आना, भूख कम लगना और वजन घटना शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत जांच करानी चाहिए, ताकि समय रहते उपचार शुरू किया जा सके और मरीज की जान बचाई जा सके।
टीकाकरण से होगा टीबी से बचाव
डॉक्टरों ने बताया कि टीबी से बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें और संपर्क होने पर मास्क का उपयोग करें। घर और आसपास के वातावरण को साफ और हवादार रखें। पौष्टिक आहार लें, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो। इसके अलावा बीसीजी का टीकाकरण भी टीबी से बचाव में सहायक होता है।
टीबी मुक्त करने के लिए लगातार चलाया जा रहा अभियान
टीबी के नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र ने बताया कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान, समय पर जांच और मुफ्त उपचार जैसी सुविधाओं के कारण अब टीबी के मामलों में धीरे-धीरे कमी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हिसार के 99 गांवों का टीबी मुक्त होना इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। यदि इसी तरह प्रयास जारी रहे, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है।