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Jhajjar-Bahadurgarh News: सूरज की रोशनी से रोशन हो रहा खजाना
Wed, 19 Aug 2026 07:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 19 Aug 2026 07:58 PM IST
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फोटो-53: बहादुरगढ़ के पुराना औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी में लगा सोलर पावर प्लांट। संवाद
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कृष्ण वशिष्ठ
बहादुरगढ़। कभी बिजली का बिल कम करने के लिए घरों में बिजली बचाने के तरीके तलाशे जाते थे लेकिन अब जिले में लोग अपनी छतों पर ही बिजली पैदा कर रहे हैं। जिले में करीब 5500 सोलर पावर प्लांट लग चुके हैं। इनसे हर साल करोड़ों यूनिट बिजली की बचत हो रही है।
सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ते रुझान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब सरकार की पीएम सूर्या घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत हर माह करीब 150 नए सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल दिनभर सूरज की रोशनी से बिजली तैयार कर रहे हैं। इससे परिवारों को बिजली की जरूरत पूरी करने में मदद मिल रही है और बिजली के बिल में भी कमी आ रही है।
सौर ऊर्जा को अपनाने में सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी भी लोगों के लिए प्रोत्साहन का काम कर रही है। पात्र उपभोक्ताओं को सोलर पावर प्लांट लगवाने पर कम से कम 30 हजार रुपये और अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है। शुरुआत में सौर ऊर्जा को लेकर लोगों के बीच अधिक जागरूकता नहीं थी लेकिन अब इसके फायदे देखकर लोगों की सोच बदल रही है।
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खास बात यह है कि अब सौर ऊर्जा का दायरा घरों से निकलकर औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच रहा है। जिले की फैक्टरियों में भी संचालक सोलर पावर प्लांट लगवाने में रुचि दिखा रहे हैं। इससे बिजली पर होने वाला खर्च घटाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है। सौर ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम झज्जर को स्वच्छ और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखे जा रहे हैं। संवाद
इंसेट
सोलर पावर प्लांटों से बन रही हर साल औसतन 2 करोड़ यूनिट बिजली
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एसडीओ विक्की गहलावत ने बताया कि सोलर पावर प्लांट लगाकर लोग अपने बिजली बिलों में काफी कमी ला सकते हैं। सरकार रिहायशी क्षेत्र में यह पावर प्लांट लगाने पर सब्सिडी भी दे रही है। उन्होंने बताया कि जिले में रिहायशी क्षेत्र में पीएम सूर्या घर योजना के तहत 4498 सोलर कनेक्शन हैं। इससे पहले भी सोलर कनेक्शन हैं। करीब 5500 सोलर पावर प्लांट जिले में लग चुके हैं। अनुमान के मुताबिक इनका लोड करीब 16 हजार 500 किलोवाट होगा। यदि एक किलोवाट औसतन 1300 यूनिट भी बनाए तो हर साल इन सोलर पावर प्लांटों से करीब 2 करोड़ 14 लाख 50 हजार यूनिट बनती है।
इंसेट
योजना के तहत ये मिलती है सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप लगवाने पर केंद्र सरकार की ओर से 1 किलोवाट पर 30 हजार, 2 किलोवाट पर 60 हजार और 3 किलोवाट या इससे अधिक पर अधिकतम 78 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा हरियाणा सरकार की ओर से भी 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को राज्य सरकार 2 किलोवाट तक 25 हजार रुपये प्रति किलोवाट और अधिकतम 50 हजार की अतिरिक्त सब्सिडी देगी, जबकि 1.80 से 3 लाख रुपये तक आय वालों को 10 हजार रुपये प्रति किलोवाट और अधिकतम 20 हजार की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। इससे दोनों श्रेणियों के परिवारों को औसतन 300 यूनिट तक मासिक मुफ्त बिजली उत्पादन का लाभ मिलेगा।
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फैक्टरी में 35 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगा रखा है। पहले हर माह फैक्टरी में साढ़े 4 हजार यूनिट का खर्च था। अब हर माह चार से पांच हजार यूनिट सोलर पावर प्लांट बना देता है। ऐसे में टैक्स के अलावा बिजली खपत का यूनिट खर्च कम हो गया। अब बिल सिर्फ टैक्स व फिक्स चार्ज के रूप में ही आता है। -सतप्रकाश छिकारा, उद्यमी
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घर की छत पर पांच किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगा रखा है। लगवाते समय सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिली थी। अब बिजली की बचत हो रही है। सोलर पावर प्लांट हर रोज 20 से 25 यूनिट बनाता है। ऐसे में घर का बिजली बिल न के बराबर है। -अंजू रानी, धर्म विहार, बहादुरगढ़।
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बहादुरगढ़। कभी बिजली का बिल कम करने के लिए घरों में बिजली बचाने के तरीके तलाशे जाते थे लेकिन अब जिले में लोग अपनी छतों पर ही बिजली पैदा कर रहे हैं। जिले में करीब 5500 सोलर पावर प्लांट लग चुके हैं। इनसे हर साल करोड़ों यूनिट बिजली की बचत हो रही है।
सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ते रुझान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब सरकार की पीएम सूर्या घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत हर माह करीब 150 नए सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल दिनभर सूरज की रोशनी से बिजली तैयार कर रहे हैं। इससे परिवारों को बिजली की जरूरत पूरी करने में मदद मिल रही है और बिजली के बिल में भी कमी आ रही है।
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सौर ऊर्जा को अपनाने में सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी भी लोगों के लिए प्रोत्साहन का काम कर रही है। पात्र उपभोक्ताओं को सोलर पावर प्लांट लगवाने पर कम से कम 30 हजार रुपये और अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है। शुरुआत में सौर ऊर्जा को लेकर लोगों के बीच अधिक जागरूकता नहीं थी लेकिन अब इसके फायदे देखकर लोगों की सोच बदल रही है।
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खास बात यह है कि अब सौर ऊर्जा का दायरा घरों से निकलकर औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच रहा है। जिले की फैक्टरियों में भी संचालक सोलर पावर प्लांट लगवाने में रुचि दिखा रहे हैं। इससे बिजली पर होने वाला खर्च घटाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है। सौर ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम झज्जर को स्वच्छ और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखे जा रहे हैं। संवाद
इंसेट
सोलर पावर प्लांटों से बन रही हर साल औसतन 2 करोड़ यूनिट बिजली
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एसडीओ विक्की गहलावत ने बताया कि सोलर पावर प्लांट लगाकर लोग अपने बिजली बिलों में काफी कमी ला सकते हैं। सरकार रिहायशी क्षेत्र में यह पावर प्लांट लगाने पर सब्सिडी भी दे रही है। उन्होंने बताया कि जिले में रिहायशी क्षेत्र में पीएम सूर्या घर योजना के तहत 4498 सोलर कनेक्शन हैं। इससे पहले भी सोलर कनेक्शन हैं। करीब 5500 सोलर पावर प्लांट जिले में लग चुके हैं। अनुमान के मुताबिक इनका लोड करीब 16 हजार 500 किलोवाट होगा। यदि एक किलोवाट औसतन 1300 यूनिट भी बनाए तो हर साल इन सोलर पावर प्लांटों से करीब 2 करोड़ 14 लाख 50 हजार यूनिट बनती है।
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योजना के तहत ये मिलती है सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप लगवाने पर केंद्र सरकार की ओर से 1 किलोवाट पर 30 हजार, 2 किलोवाट पर 60 हजार और 3 किलोवाट या इससे अधिक पर अधिकतम 78 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा हरियाणा सरकार की ओर से भी 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को राज्य सरकार 2 किलोवाट तक 25 हजार रुपये प्रति किलोवाट और अधिकतम 50 हजार की अतिरिक्त सब्सिडी देगी, जबकि 1.80 से 3 लाख रुपये तक आय वालों को 10 हजार रुपये प्रति किलोवाट और अधिकतम 20 हजार की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। इससे दोनों श्रेणियों के परिवारों को औसतन 300 यूनिट तक मासिक मुफ्त बिजली उत्पादन का लाभ मिलेगा।
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फैक्टरी में 35 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगा रखा है। पहले हर माह फैक्टरी में साढ़े 4 हजार यूनिट का खर्च था। अब हर माह चार से पांच हजार यूनिट सोलर पावर प्लांट बना देता है। ऐसे में टैक्स के अलावा बिजली खपत का यूनिट खर्च कम हो गया। अब बिल सिर्फ टैक्स व फिक्स चार्ज के रूप में ही आता है। -सतप्रकाश छिकारा, उद्यमी
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घर की छत पर पांच किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगा रखा है। लगवाते समय सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिली थी। अब बिजली की बचत हो रही है। सोलर पावर प्लांट हर रोज 20 से 25 यूनिट बनाता है। ऐसे में घर का बिजली बिल न के बराबर है। -अंजू रानी, धर्म विहार, बहादुरगढ़।