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Jhajjar-Bahadurgarh News: छोटा गहलावत ने पति की शहादत के बाद फूलों की बगिया को संवारा
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 06 Apr 2026 04:37 AM IST
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05jjrp10-अपनी बगिया को संवारती खानपुर खुर्द गांव निवासी छोटा गहलावत। स्रोत : परिजन
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साल्हावास। गांव खानपुर खुर्द निवासी आंगनबाड़ी एसोसिएशन की राज्य प्रधान छोटा गहलावत ने पति रामकिशन की शहादत के बाद प्रकृति के साथ समय बिताना शुरू किया और अपनी बेटी पूजा के अनुरोध पर घर में ही पौधे लगाकर बगिया बनाई।अब सैकड़ों पौधों से उनके घर का आंगन महक रहा है।
उनके इस कार्य में उनके पुत्र रजनेश, पुत्रवधू के साथ-साथ आंगनबाड़ी वर्कर सजना, सुनीता भी सहयोग करती हैं। परिजनों के सहयोग से ही वे आज विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए प्ररेणास्रोत बनी हुई हैं। छोटा गहलावत का कहना है कि बेटी पूजा का प्रकृति के प्रति लगाव व वीरांगनाओं को देखकर उन्हीं प्रेरणा मिली और उनसे प्रेरित होकर उन्हें रुचि हुई।
उन्होंने अपने घर में तीन पौधे लगाकर इसकी शुरुआत की जिनकी संख्या आज सैकड़ों में हो गई है। उन्होंने छायादार, फलदार और औषधीय पौधे लगाए हुए हैं। वे औषधीय पौधों को सबसे ज्यादा अहमियत दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि औषधीय पौधों को लगाने से उन्हें विभिन्न प्रकार की औषधियां के लिए पैसा खर्च नहीं करना पड़ता और बहुत सारी चीज उन्हें पौधों से ही मिल जाती है। वे समय-समय पर सामाजिक कार्य करवाती रहती हैं। इस दौरान कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों को पौधा भेंट करना नहीं भूलती।
गांव की महिलाएं हो रहीं प्रेरित
छोटा गहलावत का मानना है कि अगर हर घर की छत या आंगन में कुछ पौधे लग जाएं तो पर्यावरण को बड़ी राहत मिल सकती है। इस हरियाली भरी पहल से पड़ोसी और रिश्तेदार भी प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग उनसे पौधे लगाने और उनकी देखभाल के तरीके सीख रहे हैं। उनका कहना है कि हरियाली के लिए बड़े संसाधनों की नहीं बल्कि जागरूकता और प्रेम की जरूरत होती है।
सेहत को दुरुस्त रखते हैं पौधे
छोटा गहलावत का कहना है कि पौधे न केवल घर की शोभा बढ़ाते हैं बल्कि सेहत दुरुस्त रखने के भी काम आते हैं। तुलसी, एलोवेरा, गिलोय, अश्वगंधा, पुदीना, लेमनग्रास, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, अडूसा, नीम, अजवाइन, हरसिंगार, गुड़हल, कनेर, अपराजिता, चमेली, रजनीगंधा, गुलाब, गेंदा, बेलपत्र और सदाबहार के पौधे लगे हुए हैं।
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उनके इस कार्य में उनके पुत्र रजनेश, पुत्रवधू के साथ-साथ आंगनबाड़ी वर्कर सजना, सुनीता भी सहयोग करती हैं। परिजनों के सहयोग से ही वे आज विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए प्ररेणास्रोत बनी हुई हैं। छोटा गहलावत का कहना है कि बेटी पूजा का प्रकृति के प्रति लगाव व वीरांगनाओं को देखकर उन्हीं प्रेरणा मिली और उनसे प्रेरित होकर उन्हें रुचि हुई।
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उन्होंने अपने घर में तीन पौधे लगाकर इसकी शुरुआत की जिनकी संख्या आज सैकड़ों में हो गई है। उन्होंने छायादार, फलदार और औषधीय पौधे लगाए हुए हैं। वे औषधीय पौधों को सबसे ज्यादा अहमियत दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि औषधीय पौधों को लगाने से उन्हें विभिन्न प्रकार की औषधियां के लिए पैसा खर्च नहीं करना पड़ता और बहुत सारी चीज उन्हें पौधों से ही मिल जाती है। वे समय-समय पर सामाजिक कार्य करवाती रहती हैं। इस दौरान कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों को पौधा भेंट करना नहीं भूलती।
गांव की महिलाएं हो रहीं प्रेरित
छोटा गहलावत का मानना है कि अगर हर घर की छत या आंगन में कुछ पौधे लग जाएं तो पर्यावरण को बड़ी राहत मिल सकती है। इस हरियाली भरी पहल से पड़ोसी और रिश्तेदार भी प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग उनसे पौधे लगाने और उनकी देखभाल के तरीके सीख रहे हैं। उनका कहना है कि हरियाली के लिए बड़े संसाधनों की नहीं बल्कि जागरूकता और प्रेम की जरूरत होती है।
सेहत को दुरुस्त रखते हैं पौधे
छोटा गहलावत का कहना है कि पौधे न केवल घर की शोभा बढ़ाते हैं बल्कि सेहत दुरुस्त रखने के भी काम आते हैं। तुलसी, एलोवेरा, गिलोय, अश्वगंधा, पुदीना, लेमनग्रास, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, अडूसा, नीम, अजवाइन, हरसिंगार, गुड़हल, कनेर, अपराजिता, चमेली, रजनीगंधा, गुलाब, गेंदा, बेलपत्र और सदाबहार के पौधे लगे हुए हैं।