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Jhajjar-Bahadurgarh News: अतिक्रमण हटाने के नाम पर खानापूर्ति, पक्के निर्माण व अवैध टैक्सी स्टैंड पर कोई कार्रवाई नहीं
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कोसली बाजार से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची टीम। स्रोत : प्रशासन
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कोसली।
बाजार में अतिक्रमण और कब्जा हटाने के लिए नोटिस के 15 दिन बाद लोक निर्माण विभाग कार्रवाई के लिए दूसरी बार मैदान में उतरा। यह कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित नजर आई। बाजार में चल रहे अवैध टैक्सी स्टैंड के साथ-साथ दुकानों के बाहर पक्के निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे पार्किंग की समस्या और जाम का सामना करना पड़ता है।
दरअसल, तहसील में आयोजित समाधान शिविर में एक दुकानदार ने बाजार में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर एसडीएम विजय कुमार से शिकायत की थी। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग को अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। विभाग ने 24 मार्च को दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।
नोटिस जारी होने के बाद कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे बने टीन शेड हटा लिए और कुछ रेहड़ी-पटरी वालों ने भी स्थान बदल लिया। हालांकि, कई दुकानदारों ने निर्धारित समय सीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया। नोटिस अवधि समाप्त होने के 8 दिन बाद विभाग दूसरी बार मौके पर पहुंचा लेकिन कार्रवाई के बजाय चेतावनी देकर औपचारिकता पूरी कर दी।
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अवैध टैक्सी स्टैंड पर नहीं कार्रवाई
विभाग ने जहां दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को नोटिस जारी किए, वहीं मुख्य बाजार में चल रहे अवैध टैक्सी स्टैंड पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन्हें न तो नोटिस दिया गया और न ही हटाने के प्रयास किए। इस स्टैंड पर खड़ी अधिकांश गाड़ियां कमर्शियल नंबर की भी नहीं हैं। अवैध टैक्सी स्टैंड के कारण बाजार में आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्हें अपने वाहन खड़े करने के लिए जगह नहीं मिलती जिससे अक्सर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
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वर्जन
एसडीएम कोसली को अवैध टैक्सी स्टैंड और पक्के निर्माण ध्वस्त करने के बारे में लिखा है। जैसे ही आदेश मिलेंगे, आगे की कार्रवाई की जाएगी। हटाए गए कब्जा धारियों ने दोबारा कब्जा करने की कोशिश की तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विरेंद्र सिंह, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग
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बाजार में अतिक्रमण और कब्जा हटाने के लिए नोटिस के 15 दिन बाद लोक निर्माण विभाग कार्रवाई के लिए दूसरी बार मैदान में उतरा। यह कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित नजर आई। बाजार में चल रहे अवैध टैक्सी स्टैंड के साथ-साथ दुकानों के बाहर पक्के निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे पार्किंग की समस्या और जाम का सामना करना पड़ता है।
दरअसल, तहसील में आयोजित समाधान शिविर में एक दुकानदार ने बाजार में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर एसडीएम विजय कुमार से शिकायत की थी। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग को अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। विभाग ने 24 मार्च को दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।
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नोटिस जारी होने के बाद कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे बने टीन शेड हटा लिए और कुछ रेहड़ी-पटरी वालों ने भी स्थान बदल लिया। हालांकि, कई दुकानदारों ने निर्धारित समय सीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया। नोटिस अवधि समाप्त होने के 8 दिन बाद विभाग दूसरी बार मौके पर पहुंचा लेकिन कार्रवाई के बजाय चेतावनी देकर औपचारिकता पूरी कर दी।
अवैध टैक्सी स्टैंड पर नहीं कार्रवाई
विभाग ने जहां दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को नोटिस जारी किए, वहीं मुख्य बाजार में चल रहे अवैध टैक्सी स्टैंड पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन्हें न तो नोटिस दिया गया और न ही हटाने के प्रयास किए। इस स्टैंड पर खड़ी अधिकांश गाड़ियां कमर्शियल नंबर की भी नहीं हैं। अवैध टैक्सी स्टैंड के कारण बाजार में आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्हें अपने वाहन खड़े करने के लिए जगह नहीं मिलती जिससे अक्सर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
वर्जन
एसडीएम कोसली को अवैध टैक्सी स्टैंड और पक्के निर्माण ध्वस्त करने के बारे में लिखा है। जैसे ही आदेश मिलेंगे, आगे की कार्रवाई की जाएगी। हटाए गए कब्जा धारियों ने दोबारा कब्जा करने की कोशिश की तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विरेंद्र सिंह, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग