सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Manu Bhaker bids a final farewell to her mentor

मनु भाकर ने अपने गुरु को दी अंतिम विदाई: बोलीं- मेरे पिता समान थे जसपाल राणा, फफक-फफक कर रोईं

संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर Published by: शाहिल शर्मा Updated Sat, 13 Jun 2026 08:18 PM IST
विज्ञापन
सार

ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने कहा कि वह जो कुछ भी हैं, जसपाल सर की बदौलत हैं। उन्होंने अनुशासन और जुनून का संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की सीख दी।

Manu Bhaker bids a final farewell to her mentor
मनु भाकर ने अपने कोच को दी विदाई - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

अपने गुरु के पैतृक गांव उत्तराखंड के मझोन में अंतिम विदाई देने पहुंचीं मनु भाकर ने जैसे ही पार्थिव शरीर के दर्शन किए, उनकी आंखें भर आईं, वह फफक-फफक कर रो पड़ीं। पार्थिव शरीर के सामने खड़ी मनु करीब पांच मिनट तक मौन रहीं, जैसे शब्दों ने उनका साथ छोड़ दिया हो, उनकी निगाहों में अनगिनत यादें थीं, चेहरे पर संबल की छाया के बिछड़ने का दर्द और आंखों में खालीपन दिखाई दे रहा था।



अनगिनत निशानों को सटीकता की पहचान देने वाले सपनों के शिल्पकार समय के निशाने पर ठहर चुके थे। गुरु को निस्तब्ध देख मनु का धैर्य टूट गया और कांपते शब्दों में बोलीं मेरे पिता समान गुरु चले गए। उस क्षण वहां मौजूद हर व्यक्ति ने एक चैंपियन खिलाड़ी नहीं, बल्कि अपने वास्तुकार को खो चुकी एक बेटी की पीड़ा महसूस की।
विज्ञापन
विज्ञापन


ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने कहा कि वह जो कुछ भी हैं, जसपाल सर की बदौलत हैं। उन्होंने अनुशासन और जुनून का संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की सीख दी। राणा के मार्गदर्शन में ही भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। वह शूटिंग में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। मनु की मां डॉक्टर सुमेधा भाकर ने कहा कि मनु को अपने गुरु की असमय मृत्यु से बहुत दुख पहुंचा है। हम दोनों देहरादून में हैं। मनु ने हाल ही में विश्व कप के लिए अपने ट्रायल पूरे किए हैं और राष्ट्रीय शिविर में प्रशिक्षण ले रही हैं।
विज्ञापन


18 साल की उम्र में मिला था अर्जुन अवॉर्ड
जसपाल राणा ने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स को मिलाकर कुल 23 मेडल अपने नाम किए थे। इनमें एशियन गेम्स में 4 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मिलाकर कुल 8 मेडल थे। कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 9 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज को मिलाकर कुल 15 मेडल जीते थे। उन्हें 18 साल की उम्र में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed