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Jhajjar-Bahadurgarh News: पेयजल समस्या से जूझ रहे मोखरा के ग्रामीण, साफ-सफाई की व्यवस्था भी लचर
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20-कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पहुंचे ग्रामीण। संवाद
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रोहतक। विकास की परियोजनाओं के दावों के बीच गांव मोखरा में पेयजल व्यवस्था बदहाल है। सप्लाई का पानी खारा आता है। कई बार 15 दिन तक पानी नहीं आता है। ऐसे में ग्रामीण टैंकरों के पानी से गुजारा कर रहे हैं।
गलियों व नालियों की सफाई ही नहीं होती है। शहीदों के लिए बनाए पार्क में सप्लाई के पानी की व्यवस्था व द्वार पर शहीदों के नाम लिखवाने की मांग की। ओलंपियन साक्षी मलिक स्टेडियम के अधूरे निर्माण की समस्या भी रखी।
अमर उजाला के मेरा गांव-मेरी शान अभियान के तहत गांव मांखरा के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने समस्याएं रखीं।
चौपाल में मुख्यातिथि पंचायत विभाग से एसईपीओ (सोशल इकॉनोमिक पंचायत ऑफिसर) ज्योति और ग्राम सचिव कैलाश पहुंचे व ग्रामीणों को समस्याओं को लिखित में देने व समाधान का आश्वासन दिया।
इस दौरान वे शहीदों के पार्क में पहुंचीं व कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया। पूर्व सरपंच बलबीर सिंह ने कहा कि यदि गांव के तालाब में तीन दिन लगातार पशु नहाने या पानी पीने चले जाएं तो खाली हो जाता है। इसके साथ ही खेतों के रास्ते कच्चे हैं। इसमें पानी की समस्या है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने कचरा प्रबंधन की व्यवस्था संबंधी समस्या भी बताई।
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गांव के कॉलेज में आने वाले युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। इसको देखते हुए कॉलेज में 24 मई को प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया जाएगा। -डॉ. विनोद, प्रोफेसर, साक्षी मलिक कॉलेज।
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शहीदों की याद में बनाए पार्क की देखभाल व सुंदरीकरण में सरकारी सहयोग नहीं मिल रहा है। अपने खर्चे पर देखभाल करा रहे हैं। शहीद की याद में लाइब्रेरी बननी थी लेकिन इसका कुछ अता-पता नहीं। -सुलेखा, शहीद सुरेश कुमार की पत्नी व ग्रामीण
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मोखरा खेड़ी के खेतों में किलेबंदी नहीं है। इससे दिक्कताें का सामना करना पड़ता है। दूसरी जगह से जाने में भी समस्या आती है। - सूबेदार मेजर रामकुमार, मोखरा
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गांव में पीने के पानी की मुख्य समस्या है। फिलहाल सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। कई बार समस्या को सरकार तक पहुंचा चुके हैं। -रामकिशन मलिक, सर्वखाप तपा प्रधान मोखरा
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साक्षी मलिक कॉलेज के मैदान से बारिश के मौसम में कई दिन तक पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे बच्चों का अभ्यास भी प्रभावित होता है। वे कई दिन खेल नहीं पाते। -नीरज, ग्रामीण
गांव में पानी व सफाई जैसी अनेक समस्याएं है लेकिन ग्रामीणों के सहयोग से इनको सही किया जा सकता है।
- विद्या मलिक, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी व गोशाला संचालक
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मॉडल संस्कृति स्कूल के निर्माण को लेकर कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। ओलंपियन साक्षी मलिक के नाम पर बन रहे स्टेडियम का निर्माण अधूरा व पीने के पानी की समस्या अहम है। सरकार को इन पर ध्यान देना चाहिए। -जितेंद्र, सरंपच प्रतिनिधि
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वर्जन
ग्रामीणों को जो समस्याएं है, उनको हल करने का प्रयास किया जाएगा। जिन समस्याओं के हल हमारे पास नहीं है, उनको आगे पहुंचाया जाएगा। शिकायतें लिखित में पहुंचा दें। -ज्योति, एसईपीओ पंचायत विभाग
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गलियों व नालियों की सफाई ही नहीं होती है। शहीदों के लिए बनाए पार्क में सप्लाई के पानी की व्यवस्था व द्वार पर शहीदों के नाम लिखवाने की मांग की। ओलंपियन साक्षी मलिक स्टेडियम के अधूरे निर्माण की समस्या भी रखी।
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अमर उजाला के मेरा गांव-मेरी शान अभियान के तहत गांव मांखरा के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने समस्याएं रखीं।
चौपाल में मुख्यातिथि पंचायत विभाग से एसईपीओ (सोशल इकॉनोमिक पंचायत ऑफिसर) ज्योति और ग्राम सचिव कैलाश पहुंचे व ग्रामीणों को समस्याओं को लिखित में देने व समाधान का आश्वासन दिया।
इस दौरान वे शहीदों के पार्क में पहुंचीं व कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया। पूर्व सरपंच बलबीर सिंह ने कहा कि यदि गांव के तालाब में तीन दिन लगातार पशु नहाने या पानी पीने चले जाएं तो खाली हो जाता है। इसके साथ ही खेतों के रास्ते कच्चे हैं। इसमें पानी की समस्या है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने कचरा प्रबंधन की व्यवस्था संबंधी समस्या भी बताई।
गांव के कॉलेज में आने वाले युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। इसको देखते हुए कॉलेज में 24 मई को प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया जाएगा। -डॉ. विनोद, प्रोफेसर, साक्षी मलिक कॉलेज।
शहीदों की याद में बनाए पार्क की देखभाल व सुंदरीकरण में सरकारी सहयोग नहीं मिल रहा है। अपने खर्चे पर देखभाल करा रहे हैं। शहीद की याद में लाइब्रेरी बननी थी लेकिन इसका कुछ अता-पता नहीं। -सुलेखा, शहीद सुरेश कुमार की पत्नी व ग्रामीण
मोखरा खेड़ी के खेतों में किलेबंदी नहीं है। इससे दिक्कताें का सामना करना पड़ता है। दूसरी जगह से जाने में भी समस्या आती है। - सूबेदार मेजर रामकुमार, मोखरा
गांव में पीने के पानी की मुख्य समस्या है। फिलहाल सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। कई बार समस्या को सरकार तक पहुंचा चुके हैं। -रामकिशन मलिक, सर्वखाप तपा प्रधान मोखरा
साक्षी मलिक कॉलेज के मैदान से बारिश के मौसम में कई दिन तक पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे बच्चों का अभ्यास भी प्रभावित होता है। वे कई दिन खेल नहीं पाते। -नीरज, ग्रामीण
गांव में पानी व सफाई जैसी अनेक समस्याएं है लेकिन ग्रामीणों के सहयोग से इनको सही किया जा सकता है।
- विद्या मलिक, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी व गोशाला संचालक
मॉडल संस्कृति स्कूल के निर्माण को लेकर कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। ओलंपियन साक्षी मलिक के नाम पर बन रहे स्टेडियम का निर्माण अधूरा व पीने के पानी की समस्या अहम है। सरकार को इन पर ध्यान देना चाहिए। -जितेंद्र, सरंपच प्रतिनिधि
वर्जन
ग्रामीणों को जो समस्याएं है, उनको हल करने का प्रयास किया जाएगा। जिन समस्याओं के हल हमारे पास नहीं है, उनको आगे पहुंचाया जाएगा। शिकायतें लिखित में पहुंचा दें। -ज्योति, एसईपीओ पंचायत विभाग

20-कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पहुंचे ग्रामीण। संवाद