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Jhajjar-Bahadurgarh News: अब सरकारी अस्पताल में हो सकेगी स्तन कैंसर की जांच, मैमोग्राफी मशीन की मिली सौगात
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11jjrp08- सिविल अस्पताल में रखी मैमोग्राफी मशीन के पार्ट्स। संवाद
- फोटो : Archive
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रवि हसिजा
झज्जर। अब स्तन कैंसर की जांच के लिए मरीजों को पीजीआई या अन्य किसी बडे़ अस्पताल में नहीं जाना पडे़गा। सिविल अस्पताल को सीएसआर के तहत मैमोग्राफी मशीन की सौगात मिल गई है। मशीन को अस्पताल में इंस्टाल करा दिया गया है। जल्द ही विभाग कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेगा जिससे स्क्रीनिंग का काम शुरू हो सके।
झज्जर में अभी मैमोग्राफी की सुविधा केवल एम्स में ही उपलब्ध है। इसके अलावा सरकारी या निजी अस्पतालों में इसकी सुविधा नहीं थी। अब सिविल अस्पताल में मैमोग्राफी मशीन लगने के बाद मरीजों को राहत मिलेगी। साथ ही दूर नहीं जाना पड़ेगा।
कैंसर की सटीक जांच के लिए सरकारी अस्पताल में जांच का कोई व्यवस्था नहीं थी। मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जांच के लिए तीन हजार रुपये तक चुकाने पड़ रहे थे जबकि पीजीआई रोहतक में इसकी जांच के लिए वेटिंग रहती है। जिससे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। यह मशीन कैंसरग्रस्त हिस्से का सटीक पता लगाती है।
इससे ऐसे ट्यूमर का पता लगाया जा सकता है जो शारीरिक परीक्षण के दौरान महसूस किए जाने के लिए बहुत छोटे होते हैं। इस शुरुआती पहचान से कैंसर के बढ़ने से पहले ही उपचार शुरू करने की सुविधा मिलती है अधिकतर महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होता है।
डॉक्टर व स्टाफ काे दी जाएगी ट्रेनिंग
मैमोग्राफी मशीन के संचालन के लिए पहले डॉक्टरों और स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग वीरवार को रखी गई है। उसमें पूरी जानकारी उनको विशेषज्ञों की तरफ से प्रदान की जाएगी। उसके बाद इसका संचालन शुरू हो सकेगा।
सिविल अस्पताल को मिले नए बेड
सिविल अस्पताल को नए बेड भी मिले है। लगभग 50 बेड सिविल अस्पताल को मिले हैं जिससे मरीजों को राहत मिलेगी। अस्पताल को हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक बेड दिए गए हैं। इसके अलावा नए स्ट्रेचर भी सिविल अस्पताल को मिले हैं।
वर्जन
सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान के मार्गदर्शन में विभाग को सीएसआर के तहत नई मैमोग्राफी मशीन मिली है। इससे ब्रेस्ट कैंसर का शुरुआत में ही पता लग सकेगा। इसे सिविल अस्पताल झज्जर में इंस्टाल करवा दिया गया है। आगामी वीरवार को ट्रेनिंग के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
डॉ. आकृति हुड्डा, उप सिविल सर्जन
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झज्जर। अब स्तन कैंसर की जांच के लिए मरीजों को पीजीआई या अन्य किसी बडे़ अस्पताल में नहीं जाना पडे़गा। सिविल अस्पताल को सीएसआर के तहत मैमोग्राफी मशीन की सौगात मिल गई है। मशीन को अस्पताल में इंस्टाल करा दिया गया है। जल्द ही विभाग कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेगा जिससे स्क्रीनिंग का काम शुरू हो सके।
झज्जर में अभी मैमोग्राफी की सुविधा केवल एम्स में ही उपलब्ध है। इसके अलावा सरकारी या निजी अस्पतालों में इसकी सुविधा नहीं थी। अब सिविल अस्पताल में मैमोग्राफी मशीन लगने के बाद मरीजों को राहत मिलेगी। साथ ही दूर नहीं जाना पड़ेगा।
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कैंसर की सटीक जांच के लिए सरकारी अस्पताल में जांच का कोई व्यवस्था नहीं थी। मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जांच के लिए तीन हजार रुपये तक चुकाने पड़ रहे थे जबकि पीजीआई रोहतक में इसकी जांच के लिए वेटिंग रहती है। जिससे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। यह मशीन कैंसरग्रस्त हिस्से का सटीक पता लगाती है।
इससे ऐसे ट्यूमर का पता लगाया जा सकता है जो शारीरिक परीक्षण के दौरान महसूस किए जाने के लिए बहुत छोटे होते हैं। इस शुरुआती पहचान से कैंसर के बढ़ने से पहले ही उपचार शुरू करने की सुविधा मिलती है अधिकतर महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होता है।
डॉक्टर व स्टाफ काे दी जाएगी ट्रेनिंग
मैमोग्राफी मशीन के संचालन के लिए पहले डॉक्टरों और स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग वीरवार को रखी गई है। उसमें पूरी जानकारी उनको विशेषज्ञों की तरफ से प्रदान की जाएगी। उसके बाद इसका संचालन शुरू हो सकेगा।
सिविल अस्पताल को मिले नए बेड
सिविल अस्पताल को नए बेड भी मिले है। लगभग 50 बेड सिविल अस्पताल को मिले हैं जिससे मरीजों को राहत मिलेगी। अस्पताल को हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक बेड दिए गए हैं। इसके अलावा नए स्ट्रेचर भी सिविल अस्पताल को मिले हैं।
वर्जन
सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान के मार्गदर्शन में विभाग को सीएसआर के तहत नई मैमोग्राफी मशीन मिली है। इससे ब्रेस्ट कैंसर का शुरुआत में ही पता लग सकेगा। इसे सिविल अस्पताल झज्जर में इंस्टाल करवा दिया गया है। आगामी वीरवार को ट्रेनिंग के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
डॉ. आकृति हुड्डा, उप सिविल सर्जन

11jjrp08- सिविल अस्पताल में रखी मैमोग्राफी मशीन के पार्ट्स। संवाद- फोटो : Archive