Bahadurgarh: सीवर सफाई के दौरान प्लंबर की मौत पर बवाल, 1 करोड़ मुआवजे की मांग को लेकर सिविल अस्पताल में पंचायत
पंचायत ने सख्त चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन इन तीनों मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करता, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया जाएगा और न ही शव उठाया जाएगा।
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सीवर सफाई के दौरान एक प्लंबर की दर्दनाक मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। मृतक के परिवार को न्याय और आर्थिक सहायता दिलाने के लिए नागरिक अस्पताल में एक बड़ी पंचायत चल रही है। इस पंचायत की अध्यक्षता दलाल खाप 84 के प्रधान भूप सिंह कर रहे हैं, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष हिस्सा ले रहे हैं।
पंचायत ने प्रशासन के सामने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल प्लंबर का शव नागरिक अस्पताल में ही रखा गया है।
पंचायत और परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन मुख्य शर्तें रखी हैं:-
- आर्थिक सहायता: मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- पेंशन: मृतक की पत्नी के जीवन-यापन के लिए स्थायी पेंशन लागू की जाए।
- मेडिकल सुविधा: मृतक के बच्चे के लिए भविष्य में मुफ्त और उचित मेडिकल सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
पोस्टमार्टम रोकने की चेतावनी
पंचायत ने सख्त चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन इन तीनों मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करता, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया जाएगा और न ही शव उठाया जाएगा।