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Jhajjar-Bahadurgarh News: सुबह 6 बजे मंडी में आए किसान की नहीं खरीदी गई गेहूं की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 06 Apr 2026 03:47 AM IST
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-फोटो 81 : फसल में नमी की जांच कराता किसान। संवाद
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बहादुरगढ़। शहर की अनाज मंडी में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। गांव लोवा खुर्द के किसान अमरजीत की फसल घंटों इंतजार के बाद भी नहीं खरीदी गई जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसान अमरजीत शनिवार सुबह करीब 6 बजे 168 क्विंटल गेहूं लेकर मंडी पहुंचे थे। उम्मीद थी कि तय प्रक्रिया के तहत उनकी फसल की जल्द खरीद हो जाएगी लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
किसान का आरोप है कि मंडी में मौजूद अधिकारियों ने उनकी फसल में 13 प्रतिशत नमी बताकर खरीद से इनकार कर दिया जबकि उन्होंने अपनी फसल की नमी की निजी दुकानदारों से भी जांच करवाई जहां नमी 11.7 प्रतिशत पाई गई।
नमी के अलग-अलग आंकड़ों को लेकर किसान और मंडी अधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। गौरतलब है कि एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है लेकिन मंंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों की संख्या अभी बेहद कम है।
इसके बावजूद खरीद प्रक्रिया में देरी हो रही है। सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें बारदाना नहीं मिल पाया और उनकी फसल को नमी बताकर नहीं खरीदा गया। मौसम भी बदला हुआ है। यदि बारिश होती है तो फसल में नुकसान की संभावना है।
अमरजीत ने मार्केट कमेटी और खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि नमी की जांच में पारदर्शिता लाई जाए और किसानों की फसल समय पर खरीदनी सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में मंडी अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित मानकों के अनुसार ही फसल की जांच और खरीद की जा रही है।
मंडी में जो फसल बिक्री के लिए आई है। उसमें अभी नमी की मात्रा अधिक है। किसानों को फसल को सूखाकर लाने के लिए कहा गया है। नमी सूखने के बाद किसान की फसल को खरीदा जाएगा।
- अंजू दलाल, सचिव, मार्केट कमेटी, बहादुरगढ़।
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किसान अमरजीत शनिवार सुबह करीब 6 बजे 168 क्विंटल गेहूं लेकर मंडी पहुंचे थे। उम्मीद थी कि तय प्रक्रिया के तहत उनकी फसल की जल्द खरीद हो जाएगी लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
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किसान का आरोप है कि मंडी में मौजूद अधिकारियों ने उनकी फसल में 13 प्रतिशत नमी बताकर खरीद से इनकार कर दिया जबकि उन्होंने अपनी फसल की नमी की निजी दुकानदारों से भी जांच करवाई जहां नमी 11.7 प्रतिशत पाई गई।
नमी के अलग-अलग आंकड़ों को लेकर किसान और मंडी अधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। गौरतलब है कि एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है लेकिन मंंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों की संख्या अभी बेहद कम है।
इसके बावजूद खरीद प्रक्रिया में देरी हो रही है। सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें बारदाना नहीं मिल पाया और उनकी फसल को नमी बताकर नहीं खरीदा गया। मौसम भी बदला हुआ है। यदि बारिश होती है तो फसल में नुकसान की संभावना है।
अमरजीत ने मार्केट कमेटी और खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि नमी की जांच में पारदर्शिता लाई जाए और किसानों की फसल समय पर खरीदनी सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में मंडी अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित मानकों के अनुसार ही फसल की जांच और खरीद की जा रही है।
मंडी में जो फसल बिक्री के लिए आई है। उसमें अभी नमी की मात्रा अधिक है। किसानों को फसल को सूखाकर लाने के लिए कहा गया है। नमी सूखने के बाद किसान की फसल को खरीदा जाएगा।
- अंजू दलाल, सचिव, मार्केट कमेटी, बहादुरगढ़।

-फोटो 81 : फसल में नमी की जांच कराता किसान। संवाद

-फोटो 81 : फसल में नमी की जांच कराता किसान। संवाद