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Jind News: मंडी में चार स्थानों पर बायोमीट्रिक सुविधा, किसानों को भीड़ से मिली राहत
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जींद। गेहूं की बढ़ती आवक को देखते हुए अनाज मंडी में किसानों की सुविधा के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। अब मंडी परिसर में एक के बजाय चार अलग-अलग स्थानों पर बायोमीट्रिक व्यवस्था शुरू कर दी गई है। मंगलवार को मंडी में गेहूं की खरीद नहीं हुई।
जिलेभर की मंडियों में अब तक 6 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। चार लाख 72 हजार 800 क्विंटल गेहूं मंडी में आ चुका है। खराब मौसम के चलते मंडी व खेत दोनों जगह फसल पर संकट के बादल छाए हैं।
हले बायोमीट्रिक की सुविधा मुख्य गेट के पास ही थी। इस कारण आवक बढ़ने पर वहां भारी भीड़ जमा हो जाती थी। कई बार किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। इससे फसल उतारने में भी देरी होती थी।
समस्या को देखते हुए मंडी प्रशासन ने चारों लाइनों में अलग-अलग बायोमीट्रिक प्वाइंट स्थापित कर दिए हैं। मंडी में करीब 200 से अधिक दुकानों पर गेहूं की खरीद होती है। सीजन के दौरान बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं। इससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में नई व्यवस्था से कामकाज सुचारु होने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रशासन ने यह भी फैसला लिया है कि अब किसान पहले अपनी गेहूं मंडी में उतरवा सकेंगे और उसके बाद बायोमीट्रिक प्रक्रिया पूरी करेंगे। इससे गेट पर अनावश्यक भीड़ नहीं लगेगी और आवक की रफ्तार भी बनी रहेगी। यदि आवक और बढ़ती है तो जरूरत के अनुसार अतिरिक्त इंतजाम भी किए जाएंगे, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
वर्जन
किसानों की सुविधा को देखते हुए मंडी में चार स्थानों पर बायोमीट्रिक होगी ताकि किसानों को परेशानी न हो। इसके अलावा गेहूं में नमी की मात्रा होने के कारण अभी तक खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। किसानों से अपील है कि गेहूं सूखने के बाद ही कटवाए, ताकि मंडी में आते ही बेचा जा सके। -संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद।
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जिलेभर की मंडियों में अब तक 6 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। चार लाख 72 हजार 800 क्विंटल गेहूं मंडी में आ चुका है। खराब मौसम के चलते मंडी व खेत दोनों जगह फसल पर संकट के बादल छाए हैं।
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हले बायोमीट्रिक की सुविधा मुख्य गेट के पास ही थी। इस कारण आवक बढ़ने पर वहां भारी भीड़ जमा हो जाती थी। कई बार किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। इससे फसल उतारने में भी देरी होती थी।
समस्या को देखते हुए मंडी प्रशासन ने चारों लाइनों में अलग-अलग बायोमीट्रिक प्वाइंट स्थापित कर दिए हैं। मंडी में करीब 200 से अधिक दुकानों पर गेहूं की खरीद होती है। सीजन के दौरान बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं। इससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में नई व्यवस्था से कामकाज सुचारु होने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रशासन ने यह भी फैसला लिया है कि अब किसान पहले अपनी गेहूं मंडी में उतरवा सकेंगे और उसके बाद बायोमीट्रिक प्रक्रिया पूरी करेंगे। इससे गेट पर अनावश्यक भीड़ नहीं लगेगी और आवक की रफ्तार भी बनी रहेगी। यदि आवक और बढ़ती है तो जरूरत के अनुसार अतिरिक्त इंतजाम भी किए जाएंगे, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
वर्जन
किसानों की सुविधा को देखते हुए मंडी में चार स्थानों पर बायोमीट्रिक होगी ताकि किसानों को परेशानी न हो। इसके अलावा गेहूं में नमी की मात्रा होने के कारण अभी तक खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। किसानों से अपील है कि गेहूं सूखने के बाद ही कटवाए, ताकि मंडी में आते ही बेचा जा सके। -संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद।