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Jind News: फसल खरीद की शर्तों के खिलाफ दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे किया जाम
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:42 AM IST
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11जेएनडी21: तारखा कोठी के पास दिल्ली पटियाला नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर बैठे सैकड़ों किसान । संवा
- फोटो : 1
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नरवाना। संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेशव्यापी आह्वान पर शनिवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसानों ने फसल खरीद की नई शर्तों के विरोध में चक्का जाम कर किया। वहीं जींद के तारखा कोठी के पास सैकड़ों किसानों ने दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे जाम कर दिया। साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सुबह 11 बजे से तीन बजे तक जाम लगा रहा। जाम को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दिल्ली पटियाला नेशनल हाईवे से जींद की तरफ जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया। डूमरखा खुर्द कैंची पर और नरवाना नहर के पास स्थित हिसार चंडीगढ़ नेशनल हाईवे के फ्लाईओवर के नीचे पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रूट को डायवर्ट किया। जींद की तरफ जाने वाले वाहनों को डूमरखा खुर्द होते हुए सुदकैन से उचाना और आगे जींद की तरफ भेजा गया।
उचाना से भगवानपुर, मंगलपुर सच्चा खेड़ा होते हुए वाहनों को आगे भेजा गया। इस दौरान वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे से जहां जींद पहुंचने में थोड़ा समय लग रहा था वहीं अब गांव के अंदर से घूम कर जाते हुए उन्हें समय ज्यादा लगा।
वहीं धरने की अध्यक्षता रामधन घसो खुर्द और विरेंद्र घसो कलां ने की जबकि मंच संचालन गुरुदेव उझाना, सत्यवान दनौदा और सुनील कुमार ने किया। किसानों ने आरोप लगाया कि लागू की गई फसल खरीद के नए नियम किसानों के लिए जटिल है। उन्होंने कहा कि मंडियों में बायोमीट्रिक हाजिरी को अनिवार्य करना व्यावहारिक नहीं है। खासतौर पर बुजुर्ग किसानों और खेत मजदूरों के फिंगर प्रिंट कई बार मशीन में मैच नहीं होते, जिससे वे अपनी ही फसल बेचने से वंचित रह जाते हैं।
किसानों ने ट्रैक्टर नंबर की जांच और पोर्टल पर बार-बार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को भी अव्यवस्थित बताया। नए नियमों के चलते मंडियों में ट्रॉलियों की कतार लग रही है। किसानों को कई दिनों तक सड़कों पर ही इंतजार करना पड़ रहा है। इससे फसल के खराब होने के साथ-साथ चोरी का खतरा भी बना रहता है।
मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल में तकनीकी खामियों के चलते हजारों किसानों का डेटा मिसमैच हो रहा है जिससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शन के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में रघबीर सिंह नैन, जोगेंद्र नैन, बिंदर नंबरदार, नफे सिंह ईगरा, ओमप्रकाश कंडेला, कपूर सिंह, रणधीर चहल, दलबीर चहल, सिक्किम और लीला राम छापड़ा आदि रहे।
मास्टर बलबीर सिंह राज्य अध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा कि यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। किसान एक बार फिर 2020-21 के आंदोलन की तर्ज पर संगठित होकर बड़ा और निर्णायक संघर्ष करने को तैयार है।
11 अप्रैल को 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक जिले के विभिन्न स्थानों पर रास्ता रोकने से होने वाली परेशानी को देखते हुए रूट डायवर्ट किए गए थे। -कुलदीप सिंह, एसपी जींद।
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सुबह 11 बजे से तीन बजे तक जाम लगा रहा। जाम को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दिल्ली पटियाला नेशनल हाईवे से जींद की तरफ जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया। डूमरखा खुर्द कैंची पर और नरवाना नहर के पास स्थित हिसार चंडीगढ़ नेशनल हाईवे के फ्लाईओवर के नीचे पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रूट को डायवर्ट किया। जींद की तरफ जाने वाले वाहनों को डूमरखा खुर्द होते हुए सुदकैन से उचाना और आगे जींद की तरफ भेजा गया।
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उचाना से भगवानपुर, मंगलपुर सच्चा खेड़ा होते हुए वाहनों को आगे भेजा गया। इस दौरान वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे से जहां जींद पहुंचने में थोड़ा समय लग रहा था वहीं अब गांव के अंदर से घूम कर जाते हुए उन्हें समय ज्यादा लगा।
वहीं धरने की अध्यक्षता रामधन घसो खुर्द और विरेंद्र घसो कलां ने की जबकि मंच संचालन गुरुदेव उझाना, सत्यवान दनौदा और सुनील कुमार ने किया। किसानों ने आरोप लगाया कि लागू की गई फसल खरीद के नए नियम किसानों के लिए जटिल है। उन्होंने कहा कि मंडियों में बायोमीट्रिक हाजिरी को अनिवार्य करना व्यावहारिक नहीं है। खासतौर पर बुजुर्ग किसानों और खेत मजदूरों के फिंगर प्रिंट कई बार मशीन में मैच नहीं होते, जिससे वे अपनी ही फसल बेचने से वंचित रह जाते हैं।
किसानों ने ट्रैक्टर नंबर की जांच और पोर्टल पर बार-बार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को भी अव्यवस्थित बताया। नए नियमों के चलते मंडियों में ट्रॉलियों की कतार लग रही है। किसानों को कई दिनों तक सड़कों पर ही इंतजार करना पड़ रहा है। इससे फसल के खराब होने के साथ-साथ चोरी का खतरा भी बना रहता है।
मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल में तकनीकी खामियों के चलते हजारों किसानों का डेटा मिसमैच हो रहा है जिससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शन के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में रघबीर सिंह नैन, जोगेंद्र नैन, बिंदर नंबरदार, नफे सिंह ईगरा, ओमप्रकाश कंडेला, कपूर सिंह, रणधीर चहल, दलबीर चहल, सिक्किम और लीला राम छापड़ा आदि रहे।
मास्टर बलबीर सिंह राज्य अध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा कि यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। किसान एक बार फिर 2020-21 के आंदोलन की तर्ज पर संगठित होकर बड़ा और निर्णायक संघर्ष करने को तैयार है।
11 अप्रैल को 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक जिले के विभिन्न स्थानों पर रास्ता रोकने से होने वाली परेशानी को देखते हुए रूट डायवर्ट किए गए थे। -कुलदीप सिंह, एसपी जींद।

11जेएनडी21: तारखा कोठी के पास दिल्ली पटियाला नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर बैठे सैकड़ों किसान । संवा- फोटो : 1