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Jind News: विद्यार्थियों को संपूर्ण प्रगति रिपोर्ट कार्ड बांटे
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01जेएनडी17: मेगा पीटीएम के दौरान बच्चाें को पेंसिल देकर सम्मानित करते हुए स्कूल सदस्य। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशानुसार बुधवार को जिले के सभी 423 प्राथमिक विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक हुई। इसका मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, सीखने की प्रक्रिया और विद्यालय की गतिविधियों से जोड़ना रहा।
बालवाटिका से कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों को संपूर्ण प्रगति रिपोर्ट कार्ड प्रदान किए। इस कार्ड में विद्यार्थियों के पूरे वर्ष के सीखने की उपलब्धियों, व्यवहार, सहभागिता और रचनात्मकता का विस्तृत विवरण शामिल है। इसमें उन क्षेत्रों का भी उल्लेख किया गया है जिनमें विद्यार्थियों को और सुधार की आवश्यकता है।
यह रिपोर्ट कार्ड पारंपरिक अंकों के बजाय बच्चों की समग्र प्रगति पर आधारित है जिससे अभिभावक अपने बच्चों की वास्तविक सीखने की स्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकें।
पीटीएम के दौरान विद्यालयों में माता-पिता के लिए मनोरंजक खेल प्रतियोगिताएं, परिणाम घोषणा समारोह, होलिस्टिक कार्ड वितरण, निपुण लक्ष्य और मैं भी निपुण जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रमों में अभिभावकों ने भाग लिया और विद्यालय के शिक्षकों के साथ बच्चों की प्रगति पर चर्चा की। बच्चों और शिक्षकों ने मिलकर प्रवेश उत्सव रैली निकाली जिसमें शिक्षा के महत्व और निपुण भारत मिशन के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाया गया।
शिक्षा अधिकारियों ने विद्यालयों का भ्रमण कर किया : जिले के शिक्षा अधिकारियों ने विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण कर पीटीएम की गतिविधियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे बच्चों की सीखने की गति को और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
यह आयोजन निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। इस मिशन के तहत प्रत्येक बच्चे को कक्षा तीन तक बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में निपुण बनाना लक्ष्य है। पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को मिशन की जानकारी दी गई और उन्हें बच्चों के सीखने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिला।
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जींद। शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशानुसार बुधवार को जिले के सभी 423 प्राथमिक विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक हुई। इसका मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, सीखने की प्रक्रिया और विद्यालय की गतिविधियों से जोड़ना रहा।
बालवाटिका से कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों को संपूर्ण प्रगति रिपोर्ट कार्ड प्रदान किए। इस कार्ड में विद्यार्थियों के पूरे वर्ष के सीखने की उपलब्धियों, व्यवहार, सहभागिता और रचनात्मकता का विस्तृत विवरण शामिल है। इसमें उन क्षेत्रों का भी उल्लेख किया गया है जिनमें विद्यार्थियों को और सुधार की आवश्यकता है।
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यह रिपोर्ट कार्ड पारंपरिक अंकों के बजाय बच्चों की समग्र प्रगति पर आधारित है जिससे अभिभावक अपने बच्चों की वास्तविक सीखने की स्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकें।
पीटीएम के दौरान विद्यालयों में माता-पिता के लिए मनोरंजक खेल प्रतियोगिताएं, परिणाम घोषणा समारोह, होलिस्टिक कार्ड वितरण, निपुण लक्ष्य और मैं भी निपुण जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रमों में अभिभावकों ने भाग लिया और विद्यालय के शिक्षकों के साथ बच्चों की प्रगति पर चर्चा की। बच्चों और शिक्षकों ने मिलकर प्रवेश उत्सव रैली निकाली जिसमें शिक्षा के महत्व और निपुण भारत मिशन के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाया गया।
शिक्षा अधिकारियों ने विद्यालयों का भ्रमण कर किया : जिले के शिक्षा अधिकारियों ने विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण कर पीटीएम की गतिविधियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे बच्चों की सीखने की गति को और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
यह आयोजन निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। इस मिशन के तहत प्रत्येक बच्चे को कक्षा तीन तक बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में निपुण बनाना लक्ष्य है। पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को मिशन की जानकारी दी गई और उन्हें बच्चों के सीखने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिला।