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Jind News: कैदी ने कहा-साहब मेरा इलाज करवा दो...डीएसपी बोले-जा फांसी लगा ले
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कैदी संदीप की मौत के मामले में दो डीएसपी समेत 7 लोगों पर एफआईआर दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। साहब, मेरा इलाज करवा दो। फांसी लगाने का मन हो रहा है। इस पर डीएसपी ने कहा कि जा फांसी लगा ले। इसके बाद कैदी संदीप बाथरूम में चला गया और फंदे से लटटकर जान दे दी। यह खुलासा संदीप की बाईं जांघ पर लिखे सुसाइड नोट के आधार पर हुआ है। इसमें कैदी ने अपनी मौत का जिम्मेदार डीएसपी सुरेंद्र और डीएसपी विक्रम गिल, एलओ ईश्वर, हलवदार कृष्ण सिसाय, कैदी गोल्डी और जेल के दो डॉक्टर को ठहराया।
नोट में लिखा कि मेरा नाम संदीप कुमार है। मेरी उम्र 20 साल है। मैं एक कैदी हूं। मुझे 14 एमएम की पथरी है। मैं बहुत परेशान हूं। जेल प्रशासन मेरा इलाज नहीं करवा रहा। मैं सुरेंद्र डिप्टी के पास गया था और कहा था कि साहब, मेरा इलाज करवा दो, मेरा फांसी लगाने का मन हो रहा है। इस पर सुरेंद्र डिप्टी ने कहा, जा फांसी लगा ले। विक्रम गिल डिप्टी ने भी ऐसा ही कहा।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने मृतक के पिता वासुदेव की शिकायत पर वीरवार को डीएसपी सुरेंद्र और डीएसपी विक्रम गिल, ईश्वर सिंह एलओ, हवलदार कृष्ण सिसाय, बंदी गोल्डी और दो चिकित्सकों के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना, इलाज में लापरवाही, आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। मृतक के पिता वासुदेव ने एफआईआर में बताया कि संदीप पॉक्सो एक्ट के मामले में जिला जेल में बंद था। वह पथरी की बीमारी से पीड़ित था और पीजीआई रोहतक में उसका इलाज चल रहा था।
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आरोप लगाया है कि संदीप ने इलाज की मांग की तो जेल अधिकारियों और एक कैदी ने उसके साथ मारपीट की। उसे जातिसूचक गालियां दी गईं और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
कैदी के पिता बोले-आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो एकजुट होगा लाखनमाजरा गांव
जिला कारागार में बंद लाखनमाजरा निवासी कैदी संदीप (26) की मौत के मामले में परिजनों ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई है। मृतक के पिता वासुदेव ने कहा कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो लाखनमाजरा गांव एकजुट होगा। गांव के लोग मिलकर आगामी फैसला लेंगे। वहीं वीरवार सुबह लाखनमाजरा गांव में संदीप के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वर्जन
पुलिस ने मामले में दो डीएसपी समेत सात लोगों के खिलाफ कैदी संदीप को उकसाने, प्रताड़ित करने और एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। -कुलदीप सिंह, एसपी जींद
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। साहब, मेरा इलाज करवा दो। फांसी लगाने का मन हो रहा है। इस पर डीएसपी ने कहा कि जा फांसी लगा ले। इसके बाद कैदी संदीप बाथरूम में चला गया और फंदे से लटटकर जान दे दी। यह खुलासा संदीप की बाईं जांघ पर लिखे सुसाइड नोट के आधार पर हुआ है। इसमें कैदी ने अपनी मौत का जिम्मेदार डीएसपी सुरेंद्र और डीएसपी विक्रम गिल, एलओ ईश्वर, हलवदार कृष्ण सिसाय, कैदी गोल्डी और जेल के दो डॉक्टर को ठहराया।
नोट में लिखा कि मेरा नाम संदीप कुमार है। मेरी उम्र 20 साल है। मैं एक कैदी हूं। मुझे 14 एमएम की पथरी है। मैं बहुत परेशान हूं। जेल प्रशासन मेरा इलाज नहीं करवा रहा। मैं सुरेंद्र डिप्टी के पास गया था और कहा था कि साहब, मेरा इलाज करवा दो, मेरा फांसी लगाने का मन हो रहा है। इस पर सुरेंद्र डिप्टी ने कहा, जा फांसी लगा ले। विक्रम गिल डिप्टी ने भी ऐसा ही कहा।
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सिविल लाइन थाना पुलिस ने मृतक के पिता वासुदेव की शिकायत पर वीरवार को डीएसपी सुरेंद्र और डीएसपी विक्रम गिल, ईश्वर सिंह एलओ, हवलदार कृष्ण सिसाय, बंदी गोल्डी और दो चिकित्सकों के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना, इलाज में लापरवाही, आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। मृतक के पिता वासुदेव ने एफआईआर में बताया कि संदीप पॉक्सो एक्ट के मामले में जिला जेल में बंद था। वह पथरी की बीमारी से पीड़ित था और पीजीआई रोहतक में उसका इलाज चल रहा था।
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आरोप लगाया है कि संदीप ने इलाज की मांग की तो जेल अधिकारियों और एक कैदी ने उसके साथ मारपीट की। उसे जातिसूचक गालियां दी गईं और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
कैदी के पिता बोले-आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो एकजुट होगा लाखनमाजरा गांव
जिला कारागार में बंद लाखनमाजरा निवासी कैदी संदीप (26) की मौत के मामले में परिजनों ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई है। मृतक के पिता वासुदेव ने कहा कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो लाखनमाजरा गांव एकजुट होगा। गांव के लोग मिलकर आगामी फैसला लेंगे। वहीं वीरवार सुबह लाखनमाजरा गांव में संदीप के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वर्जन
पुलिस ने मामले में दो डीएसपी समेत सात लोगों के खिलाफ कैदी संदीप को उकसाने, प्रताड़ित करने और एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। -कुलदीप सिंह, एसपी जींद