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Jind News: जिले में बढ़ेगा हरित क्षेत्र, वन विभाग 37.92 लाख रुपये के खरीदेगा यूकेलिप्टस क्लोन पौधे
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जींद। जिले में हरियाली बढ़ाने और पौधरोपण अभियानों को सफल बनाने के लिए वन विभाग ने नई पहल शुरू की है। विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए उच्च गुणवत्ता वाले यूकेलिप्टस क्लोन पौधों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके लिए जिला वन कार्यालय की ओर से 37 लाख 92 हजार रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इन पौधों का इस्तेमाल जिले में चलने वाली विभिन्न पौधरोपण और वन विस्तार योजनाओं में किया जाएगा ताकि कम समय में अधिक हरियाली विकसित की जा सके।
वन विभाग के अनुसार टेंडर के माध्यम से यूकेलिप्टस के पी-23, 413, 288, 71, एफआरसी-एफएससी-11, 7 और एफआरआई-पीबी-16.2 जैसे उच्च गुणवत्ता वाले क्लोन पौधे खरीदे जाएंगे। ये सभी पौधे फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) से प्रमाणित हैं।
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विभाग का कहना है कि क्लोन पौधे सामान्य पौधों की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं और इनकी वृद्धि एक समान होती है। इनकी जीवित रहने की क्षमता भी अधिक होती है, जिससे पौधरोपण अभियान की सफलता की संभावना बढ़ जाती है। वन विभाग इन पौधों को किसानों के खेतों में लगाया जाएगा। इसके लिए किसान को वन विभाग के पास आवेदन करना होगा।
पंचायत भूमि, नहरों के किनारे, खाली सरकारी जमीन और अन्य निर्धारित स्थानों पर भी इन पौधों को लगाया जाएगा। सामाजिक वानिकी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं में भी इनका उपयोग किया जाएगा। इन पौधों के विकसित होने से जिले में हरित आवरण बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण में मददगार साबित होंगे यूकेलिप्टस क्लोन पौधे
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यूकेलिप्टस के पौधे कम समय में बड़ा आकार लेते हैं और अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने में मदद करते हैं। ये वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वायु गुणवत्ता सुधारने में योगदान देते हैं। इसके अलावा मिट्टी के कटाव को रोकने और बंजर भूमि को हराभरा बनाने में भी ये पौधे उपयोगी साबित होते हैं।
बाक्स
उच्च गुणवत्ता वाले पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कर पौधरोपण अभियानों की सफलता दर बढ़ाना और जिले में हरित क्षेत्र का विस्तार करना है। फिलहाल वन विभाग ने 37.92 लाख रुपये के यूकेलिप्टस क्लोन पौधे खरीदने के लिए टेंडर लगाया है। -पवन ग्रोवर, डीएफओ जींद।
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इसके लिए जिला वन कार्यालय की ओर से 37 लाख 92 हजार रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इन पौधों का इस्तेमाल जिले में चलने वाली विभिन्न पौधरोपण और वन विस्तार योजनाओं में किया जाएगा ताकि कम समय में अधिक हरियाली विकसित की जा सके।
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वन विभाग के अनुसार टेंडर के माध्यम से यूकेलिप्टस के पी-23, 413, 288, 71, एफआरसी-एफएससी-11, 7 और एफआरआई-पीबी-16.2 जैसे उच्च गुणवत्ता वाले क्लोन पौधे खरीदे जाएंगे। ये सभी पौधे फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) से प्रमाणित हैं।
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विभाग का कहना है कि क्लोन पौधे सामान्य पौधों की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं और इनकी वृद्धि एक समान होती है। इनकी जीवित रहने की क्षमता भी अधिक होती है, जिससे पौधरोपण अभियान की सफलता की संभावना बढ़ जाती है। वन विभाग इन पौधों को किसानों के खेतों में लगाया जाएगा। इसके लिए किसान को वन विभाग के पास आवेदन करना होगा।
पंचायत भूमि, नहरों के किनारे, खाली सरकारी जमीन और अन्य निर्धारित स्थानों पर भी इन पौधों को लगाया जाएगा। सामाजिक वानिकी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं में भी इनका उपयोग किया जाएगा। इन पौधों के विकसित होने से जिले में हरित आवरण बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण में मददगार साबित होंगे यूकेलिप्टस क्लोन पौधे
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यूकेलिप्टस के पौधे कम समय में बड़ा आकार लेते हैं और अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने में मदद करते हैं। ये वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वायु गुणवत्ता सुधारने में योगदान देते हैं। इसके अलावा मिट्टी के कटाव को रोकने और बंजर भूमि को हराभरा बनाने में भी ये पौधे उपयोगी साबित होते हैं।
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उच्च गुणवत्ता वाले पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कर पौधरोपण अभियानों की सफलता दर बढ़ाना और जिले में हरित क्षेत्र का विस्तार करना है। फिलहाल वन विभाग ने 37.92 लाख रुपये के यूकेलिप्टस क्लोन पौधे खरीदने के लिए टेंडर लगाया है। -पवन ग्रोवर, डीएफओ जींद।