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Jind News: घर में घुसकर मारपीट करने के पांच आरोपी बरीं
Tue, 14 Jul 2026 04:08 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 14 Jul 2026 04:08 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। न्यायिक मजिस्ट्रेट पारिंद्र सिंह की अदालत ने घर में घुसकर मारपीट करने के पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। यह मामला साल 2018 से विचाराधीन था।
अकालगढ़ निवासी विक्रम ने एफआईआर में बताया था कि एक मई 2018 की रात को वह घर पर था। पिता रणबीर सिंह आंगन में सो रहे थे। मां कमरे में सो रही थीं और वह बाहर पहली मंजिल पर खाट पर सो रहे थे। सुबह करीब तीन बजे पड़ोसी रामफल, राजू, रोशनी, मीनू और रेनू लाठी-डंडे लेकर दूसरी छतों के रास्ते उनके घर की छत पर आए। शोर सुनकर उनकी नींद खुल गई।
उन्होंने आते ही उन पर हमला कर दिया। जब उन्होंने शोर मचाया तो मां ओमपति कमरे से बाहर आईं और उन्हें बचाया। शोर सुनकर गांव के अन्य लोग भी जाग गए और ग्रामीणों को देखकर हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए अपने हथियारों के साथ मौके से भाग गए। उनके परिवार के सदस्य उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए, जहा उनका इलाज नहीं हो सका।
नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने भी उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जुलाना थाना पुलिस ने पांच लोगों को नामजद कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सबूत एकत्रित कर अदालत में पेश किए लेकिन ठोस सबूत नहीं होने के कारण अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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जींद। न्यायिक मजिस्ट्रेट पारिंद्र सिंह की अदालत ने घर में घुसकर मारपीट करने के पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। यह मामला साल 2018 से विचाराधीन था।
अकालगढ़ निवासी विक्रम ने एफआईआर में बताया था कि एक मई 2018 की रात को वह घर पर था। पिता रणबीर सिंह आंगन में सो रहे थे। मां कमरे में सो रही थीं और वह बाहर पहली मंजिल पर खाट पर सो रहे थे। सुबह करीब तीन बजे पड़ोसी रामफल, राजू, रोशनी, मीनू और रेनू लाठी-डंडे लेकर दूसरी छतों के रास्ते उनके घर की छत पर आए। शोर सुनकर उनकी नींद खुल गई।
उन्होंने आते ही उन पर हमला कर दिया। जब उन्होंने शोर मचाया तो मां ओमपति कमरे से बाहर आईं और उन्हें बचाया। शोर सुनकर गांव के अन्य लोग भी जाग गए और ग्रामीणों को देखकर हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए अपने हथियारों के साथ मौके से भाग गए। उनके परिवार के सदस्य उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए, जहा उनका इलाज नहीं हो सका।
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नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने भी उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जुलाना थाना पुलिस ने पांच लोगों को नामजद कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सबूत एकत्रित कर अदालत में पेश किए लेकिन ठोस सबूत नहीं होने के कारण अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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