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Jind News: गुरदास ने जनभागीदारी से लगाए 5 हजार पौधे, पेश की पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
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जुलाना। क्षेत्र के गुरदास मिस्त्री ने जनभागीदारी के जरिए 5 हजार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश की है। उनकी यह पहल आज जनआंदोलन का रूप ले चुकी है जो क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के साथ लोगों को जागरूक भी कर रही है।
कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की कमी से जूझते लोगों की स्थिति ने गुरदास मिस्त्री को प्रभावित किया। इसी अनुभव ने उन्हें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।
गुरदास बताते हैं कि महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी से जूझते लोगों को देखकर संकल्प लिया कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाव किया जा सकता है। इस सोच के साथ उन्होंने पौधरोपण अभियान शुरू किया।
अपने इस अभियान को संगठित रूप देने के लिए ‘जनहित पर्यावरण समिति’ का गठन किया। समिति के सदस्य प्रतिदिन सुबह जुलाना क्षेत्र की खाली पड़ी जमीनों पर पौधरोपण करते हैं। अब तक करीब 5 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं।
अभियान की खास बात यह है कि समिति के सदस्य केवल पौधे लगाकर ही नहीं छोड़ते बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करते हैं। समिति के सदस्य पौधों को बच्चों की तरह पाल-पोस कर बड़ा कर रहे हैं जिससे उनकी जीवित रहने की दर बेहतर बनी हुई है। संवाद
स्थानीय लोग अभियान से जुड़कर पौधरोपण में सहयोग कर रहे
गुरदास की इस पहल से क्षेत्र में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्थानीय लोग भी अब इस अभियान से जुड़कर पौधरोपण में सहयोग कर रहे हैं। यह प्रयास न केवल हरियाली को बढ़ावा दे रहा है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण का संदेश भी दे रहा है।
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गुरदास बताते हैं कि महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी से जूझते लोगों को देखकर संकल्प लिया कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाव किया जा सकता है। इस सोच के साथ उन्होंने पौधरोपण अभियान शुरू किया।
अपने इस अभियान को संगठित रूप देने के लिए ‘जनहित पर्यावरण समिति’ का गठन किया। समिति के सदस्य प्रतिदिन सुबह जुलाना क्षेत्र की खाली पड़ी जमीनों पर पौधरोपण करते हैं। अब तक करीब 5 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं।
अभियान की खास बात यह है कि समिति के सदस्य केवल पौधे लगाकर ही नहीं छोड़ते बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करते हैं। समिति के सदस्य पौधों को बच्चों की तरह पाल-पोस कर बड़ा कर रहे हैं जिससे उनकी जीवित रहने की दर बेहतर बनी हुई है। संवाद
स्थानीय लोग अभियान से जुड़कर पौधरोपण में सहयोग कर रहे
गुरदास की इस पहल से क्षेत्र में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्थानीय लोग भी अब इस अभियान से जुड़कर पौधरोपण में सहयोग कर रहे हैं। यह प्रयास न केवल हरियाली को बढ़ावा दे रहा है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण का संदेश भी दे रहा है।

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