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Jind News: एलआईसी को 3% ब्याज के साथ 50 हजार रुपये एक महीने में चुकाने का आदेश
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जींद। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) जसबीर की कोर्ट ने एलआईसी को 50 हजार रुपये 3% ब्याज के साथ एक महीने में चुकाने का आदेश दिया है। बीमाधारक ने मां की मृत्यु के बावजूद नॉमिनी नहीं बदला था। इस बीच उनकी और पत्नी की भी मौत हो गई। बेटियों के क्लेम मांगने पर बीमा कंपनी ने मना कर दिया था।
बीमाधारक सतपाल की बेटियों पूजा और ज्योति ने कोर्ट को बताया कि एलआईसी अधिकारियों को कई बार कानूनी वारिस बदलने के लिए कहा था। कोई कार्रवाई नहीं होने पर 26 अक्टूबर 2023 को याचिका दायर की। कोर्ट ने नोटिस दिया पर कोई हाजिर नहीं हुआ।
याचिका में बताया गया कि पिता सतपाल ने 28 फरवरी 2003 को एलआईसी में 50 हजार रुपये की बीमा पॉलिसी कराई थी। पिता ने अपनी मां दया कौर को कानूनी वारिस बनाया था। दादी का निधन हो गया पर पिता ने वारिस नहीं बदला। 12 अगस्त 2015 को वह गुजर गए। मां लाड रानी भी 26 सितंबर 2020 को चल बसीं।
इसके बाद बेटियों ने एलआईसी शाखा में कानूनी वारिस बदलने के लिए कहा। पॉलिसी का क्लेम भी मांगा लेकिन एलआईसी ने कोई जवाब नहीं दिया। सोमवार को कोर्ट ने दिए फैसले में एलआईसी को 50 हजार रुपये चुकाने का आदेश दिया।
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बीमाधारक सतपाल की बेटियों पूजा और ज्योति ने कोर्ट को बताया कि एलआईसी अधिकारियों को कई बार कानूनी वारिस बदलने के लिए कहा था। कोई कार्रवाई नहीं होने पर 26 अक्टूबर 2023 को याचिका दायर की। कोर्ट ने नोटिस दिया पर कोई हाजिर नहीं हुआ।
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याचिका में बताया गया कि पिता सतपाल ने 28 फरवरी 2003 को एलआईसी में 50 हजार रुपये की बीमा पॉलिसी कराई थी। पिता ने अपनी मां दया कौर को कानूनी वारिस बनाया था। दादी का निधन हो गया पर पिता ने वारिस नहीं बदला। 12 अगस्त 2015 को वह गुजर गए। मां लाड रानी भी 26 सितंबर 2020 को चल बसीं।
इसके बाद बेटियों ने एलआईसी शाखा में कानूनी वारिस बदलने के लिए कहा। पॉलिसी का क्लेम भी मांगा लेकिन एलआईसी ने कोई जवाब नहीं दिया। सोमवार को कोर्ट ने दिए फैसले में एलआईसी को 50 हजार रुपये चुकाने का आदेश दिया।

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