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Jind News: एनीमिया माह का समापन, 31,500 लोगों की हुई जांच
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30जेएनडी08: वीबी ग्राम कानून के विरोध में प्रतियां जलाते हुए मजदूर। स्रोत : मजदूर
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नरवाना। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक जून से 30 जून तक मनाए गए एनीमिया माह का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। अभियान के दौरान जिलेभर में अस्पतालों में आने वाले मरीजों, गर्भवतियों, किशोर-किशोरियों और स्कूलों के विद्यार्थियों सहित करीब 31,500 लोगों के हीमोग्लोबिन और एनीमिया की जांच की गई।
जांच में जिन लोगों में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई उन्हें तुरंत आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही उनका नियमित फॉलोअप भी शुरू किया गया है ताकि समय पर उपचार के जरिए एनीमिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य लोगों में एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समय रहते बीमारी की पहचान कर उपचार उपलब्ध कराना था। इसके लिए जिले के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों में विशेष जांच शिविर लगाए गए। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने संतुलित आहार, आयरन युक्त भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति भी लोगों को जागरूक किया।
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इस अभियान का जिला स्तर पर संचालन डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संदीप के मार्गदर्शन में किया गया। उनकी निगरानी में पूरे जिले में अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया गया। वहीं नरवाना में डॉ. कपिल शर्मा को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनकी देखरेख में अकेले नरवाना क्षेत्र में करीब 6,000 लोगों की एनीमिया और हीमोग्लोबिन जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एनीमिया की समय पर पहचान और उपचार से महिलाओं, बच्चों तथा किशोरों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है। विभाग भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता और जांच अभियानों को जारी रखेगा, ताकि जिले को एनीमिया मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी कदम बढ़ाए जा सकें।
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जांच में जिन लोगों में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई उन्हें तुरंत आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही उनका नियमित फॉलोअप भी शुरू किया गया है ताकि समय पर उपचार के जरिए एनीमिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य लोगों में एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समय रहते बीमारी की पहचान कर उपचार उपलब्ध कराना था। इसके लिए जिले के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों में विशेष जांच शिविर लगाए गए। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने संतुलित आहार, आयरन युक्त भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति भी लोगों को जागरूक किया।
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इस अभियान का जिला स्तर पर संचालन डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संदीप के मार्गदर्शन में किया गया। उनकी निगरानी में पूरे जिले में अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया गया। वहीं नरवाना में डॉ. कपिल शर्मा को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनकी देखरेख में अकेले नरवाना क्षेत्र में करीब 6,000 लोगों की एनीमिया और हीमोग्लोबिन जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एनीमिया की समय पर पहचान और उपचार से महिलाओं, बच्चों तथा किशोरों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है। विभाग भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता और जांच अभियानों को जारी रखेगा, ताकि जिले को एनीमिया मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी कदम बढ़ाए जा सकें।