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Jind News: खिलाड़ियों को खेल नीति के अनुरूप मिले सुविधाएं

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jan 2026 02:03 AM IST
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Players should receive facilities in accordance with the sports policy.
29जेएनडी23: गरिमा।
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जींद। प्रदेश सरकार के आगामी बजट पर खिलाड़ियों और कोचों की निगाहें टिकी हुई हैं। हरियाणा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी खिलाड़ियों को कई बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
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इस बार के बजट से खिलाड़ियों को बड़ी उम्मीदें हैं कि सरकार प्रदेश की खेल नीति के अनुरूप ठोस प्रावधान कर खेलों को और मजबूत आधार देगी। खिलाड़ियों का मानना है कि यदि बजट में बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण, खेल उपकरण, आहार और रोजगार से जुड़े प्रावधानों को प्राथमिकता दी जाए तो प्रदेश से और अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलकर सामने आ सकते हैं।
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खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है जरूरत है तो केवल संसाधनों और सही मार्गदर्शन की। हरियाणा की खेल नीति का उद्देश्य प्रतिभा की पहचान, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों को पहुंचाना है। इसके लिए बजट में खेल विज्ञान, फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी और चोट प्रबंधन जैसी सुविधाओं को भी शामिल करना जरूरी है।
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल अभ्यास ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण भी उतना ही अहम है। खिलाड़ियों और कोचों का कहना है कि यदि बजट में खेलों को शिक्षा के समान महत्व दिया जाए। स्कूल-कॉलेज स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं। इसका सीधा लाभ प्रदेश के खेल प्रदर्शन को मिलेगा।


सरकार को बजट में हर ब्लॉक स्तर पर आधुनिक खेल स्टेडियम और इंडोर हॉल का प्रावधान करना चाहिए। आज भी कई खिलाड़ी खुले मैदानों में बिना सुविधाओं के अभ्यास करने को मजबूर हैं। यदि आधारभूत ढांचा मजबूत होगा तो प्रतिभा खुद सामने आएगी। -गरिमा खिलाड़ी।

खेल उपकरण और डाइट भत्ता खिलाड़ियों के लिए बेहद जरूरी है। बजट में खिलाड़ियों के लिए मासिक डाइट अलाउंस और मुफ्त या सब्सिडी पर खेल किट देने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आर्थिक कमजोरी खेल में बाधा न बने। -दिक्षा खिलाड़ी।

सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए कोटा तो है, लेकिन प्रक्रिया लंबी और जटिल है। बजट में खिलाड़ियों के लिए रोजगार से जुड़ी योजनाओं को सरल और पारदर्शी बनाने का प्रावधान होना चाहिए, ताकि खिलाड़ी भविष्य को लेकर निश्चिंत रह सकें। -जसमित नैन खिलाड़ी

प्रदेश में प्रशिक्षित और स्थाई कोचों की भारी कमी है। बजट में कोचों की नियमित भर्ती और उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जा सके। -चिराग कोच

ग्रामीण इलाकों में खेल अकादमियों की जरूरत है। बजट में पंचायत स्तर तक खेल नर्सरी और अकादमियों के लिए फंड दिया जाए, जिससे छोटे बच्चों को शुरू से ही सही प्रशिक्षण मिल सके। -दीपक कोच

महिला खिलाड़ियों के लिए अलग और सुरक्षित प्रशिक्षण सुविधाएं जरूरी हैं। बजट में महिला खेल छात्रावास, ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा से जुड़े प्रावधान किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक बेटियां खेलों से जुड़ सकें। -मीना मलिक, प्राध्यापिका शारीरिक शिक्षा

29जेएनडी23: गरिमा।

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