{"_id":"6a860440f7189b7c3f0e33ad","slug":"run-awareness-campaign-together-to-save-youth-from-drug-addiction-vice-chancellor-jind-news-c-199-1-sroh1006-158752-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशे से युवाओं को बचाने के लिए मिलकर चलाएं जागरूकता अभियान : कुलपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नशे से युवाओं को बचाने के लिए मिलकर चलाएं जागरूकता अभियान : कुलपति
विज्ञापन
फोटो 19जेएनडी22-सीआरएसयू में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद कुलपति प्रो. रामपाल सैनी और अन्य अतिथ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में योग विज्ञान विभाग की ओर से विकसित भारत हेतु नशामुक्त, स्वास्थ्ययुक्त युवा विषय पर बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
मुख्यातिथि कुलपति प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत कई बार जिज्ञासा, साथियों के दबाव या तनाव के कारण होती है लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर लत का रूप ले सकती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
युवाओं को खेल, योग, ध्यान और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। स्वस्थ और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्य वक्ता सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल ने नशीले पदार्थों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि नशे से मस्तिष्क, हृदय, फेफड़ों, यकृत और तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकते हैं। कंज्यूमर वॉइस की फूड एंड न्यूट्रिशन प्रभारी नीलांजना बोस ने संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को स्वस्थ खान-पान अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
मुख्यातिथि कुलपति प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत कई बार जिज्ञासा, साथियों के दबाव या तनाव के कारण होती है लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर लत का रूप ले सकती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
विज्ञापन
युवाओं को खेल, योग, ध्यान और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। स्वस्थ और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्य वक्ता सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल ने नशीले पदार्थों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि नशे से मस्तिष्क, हृदय, फेफड़ों, यकृत और तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकते हैं। कंज्यूमर वॉइस की फूड एंड न्यूट्रिशन प्रभारी नीलांजना बोस ने संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को स्वस्थ खान-पान अपनाने के लिए प्रेरित किया।