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Jind News: गांव हमीरगढ़ की बेटी सारिका ने कुश्ती में बनाई अलग पहचान
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फोटो 11 नरवाना। खिलाड़ी सारिका। स्रोत कोच।
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नरवाना। गांव हमीरगढ़ की बेटी सारिका ने कुश्ती के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सारिका ने चौथी कक्षा से कुश्ती का अभ्यास शुरू किया था। लगातार मेहनत और लगन के दम पर 11वीं कक्षा में उसने वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा अंडर-17 एशिया चैंपियनशिप में भी सारिका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कोच अनिल बेलरखा ने बताया कि सारिका ने छोटी उम्र से ही कुश्ती के प्रति लगन दिखाई। प्रशिक्षण के दौरान उसके कई मुकाबले लड़कों के साथ करवाए जाते थे जिससे उसकी तकनीक और आत्मविश्वास में लगातार निखार आया।
कठिन अभ्यास और अनुशासन के कारण सारिका आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। उन्होंने बताया कि सारिका वर्तमान में रोहतक की महादेव एकेडमी में वर्ष 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों की तैयारी कर रही है।
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कोच अनिल ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण भी सिखाते हैं। सारिका की उपलब्धि क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा है।
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कोच अनिल बेलरखा ने बताया कि सारिका ने छोटी उम्र से ही कुश्ती के प्रति लगन दिखाई। प्रशिक्षण के दौरान उसके कई मुकाबले लड़कों के साथ करवाए जाते थे जिससे उसकी तकनीक और आत्मविश्वास में लगातार निखार आया।
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कठिन अभ्यास और अनुशासन के कारण सारिका आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। उन्होंने बताया कि सारिका वर्तमान में रोहतक की महादेव एकेडमी में वर्ष 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों की तैयारी कर रही है।
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कोच अनिल ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण भी सिखाते हैं। सारिका की उपलब्धि क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा है।