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सुरक्षित स्प्रे के तरीकों से घटेंगे स्वास्थ्य जोखिम: डॉ. अनुराधा सैनी
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फोटो 03जेएनडी14-हमेटी में हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन मुख्यातिथि चेयरपर्सन डॉ. अनुराध
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जींद। हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (हमेटी) में अनुसूचित जाति वर्ग की महिला किसानों के लिए सुरक्षित स्प्रे तकनीक और कीटनाशकों के उचित इस्तेमाल को लेकर पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को शुरू हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने, स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने किया। उन्होंने कहा कि फसलों में कीटनाशकों का प्रयोग आवश्यकता के अनुसार और सही तरीके से किया जाना चाहिए। सुरक्षित स्प्रे तकनीक अपनाने से किसानों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है और रसायनों के अनावश्यक उपयोग पर भी रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने महिला किसानों को कृषि क्षेत्र में उद्यमी बनने और टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के फैसिलिटेटर डॉ. वजीर चौहान ने बताया कि यह कार्यक्रम हमेटी निदेशक डॉ. सुरेंद्र यादव के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान स्प्रे उपकरणों के सही संचालन, कैलिब्रेशन, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के इस्तेमाल और कीटनाशकों के संपर्क में आने पर प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में कीटनाशकों के सुरक्षित भंडारण, रखरखाव और निपटान, एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) के माध्यम से रसायनों पर निर्भरता कम करने तथा महिला किसानों के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं और सहायता की जानकारी भी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में हरियाणा के विभिन्न जिलों से आई करीब 100 अनुसूचित जाति महिला किसान भाग ले रही हैं। डॉ. वजीर चौहान ने कहा कि इस प्रशिक्षण से महिला किसान आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने में सक्षम होंगी, जिससे फसल उत्पादन के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
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प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने किया। उन्होंने कहा कि फसलों में कीटनाशकों का प्रयोग आवश्यकता के अनुसार और सही तरीके से किया जाना चाहिए। सुरक्षित स्प्रे तकनीक अपनाने से किसानों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है और रसायनों के अनावश्यक उपयोग पर भी रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने महिला किसानों को कृषि क्षेत्र में उद्यमी बनने और टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम के फैसिलिटेटर डॉ. वजीर चौहान ने बताया कि यह कार्यक्रम हमेटी निदेशक डॉ. सुरेंद्र यादव के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान स्प्रे उपकरणों के सही संचालन, कैलिब्रेशन, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के इस्तेमाल और कीटनाशकों के संपर्क में आने पर प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में कीटनाशकों के सुरक्षित भंडारण, रखरखाव और निपटान, एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) के माध्यम से रसायनों पर निर्भरता कम करने तथा महिला किसानों के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं और सहायता की जानकारी भी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में हरियाणा के विभिन्न जिलों से आई करीब 100 अनुसूचित जाति महिला किसान भाग ले रही हैं। डॉ. वजीर चौहान ने कहा कि इस प्रशिक्षण से महिला किसान आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने में सक्षम होंगी, जिससे फसल उत्पादन के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।