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Jind News: बालवाटिका-3 से कक्षा पांच तक के शिक्षकों को मिलेगी नई गतिविधि आधारित मार्गदर्शिका
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05जेएनडी02: निपुण भारत मिशन के अनुरूप तैयार की गई पुस्तिका के बारे में अध्यापकों को जानकारी दे
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जींद। हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बालवाटिका-3 से कक्षा पांच तक के शिक्षकों के लिए गतिविधि पुस्तिका व शिक्षक मार्गदर्शिका तैयार की है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार की गई।
शिक्षा विशेषज्ञ राजेश वशिष्ठ ने बताया कि बालवाटिका-3 को कक्षा पहली की मजबूत तैयारी का आधार माना गया है। पुस्तिका में ऐसी गतिविधियों को शामिल किया गया है, जिनके माध्यम से बच्चे खेल-खेल में भाषा, गणित, संज्ञानात्मक क्षमता, रचनात्मकता, सामाजिक व्यवहार और जीवन कौशल विकसित कर सकेंगे। शिक्षक अपनी कक्षा की आवश्यकता के अनुसार इन गतिविधियों में आवश्यक बदलाव भी कर सकेंगे।
मार्गदर्शिका को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में साक्षरता और संख्यात्मकता से जुड़ी गतिविधियां हैं, जबकि दूसरे भाग में कहानी, गीत, तुकबंदी, खेल आधारित गतिविधियां और योग को शामिल किया गया है। इसमें संख्या पहचान, गिनती, आकृतियों की पहचान, धागे से अंक बनाना, आइसक्रीम स्टिक से आकृतियां तैयार करना तथा चक्रव्यूह जैसे नवाचारपूर्ण खेलों को भी स्थान दिया गया है।
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राजेश वशिष्ठ ने कहा कि कहानी सुनाना, भूमिका निभाना, समूह गतिविधियां और योग बच्चों में आत्मविश्वास, संवाद कौशल, तार्किक सोच, नेतृत्व क्षमता तथा अनुशासन विकसित करने में सहायक होंगे। साथ ही शिक्षक इन गतिविधियों के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की प्रगति का सहज आकलन भी कर सकेंगे।
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शिक्षा विशेषज्ञ राजेश वशिष्ठ ने बताया कि बालवाटिका-3 को कक्षा पहली की मजबूत तैयारी का आधार माना गया है। पुस्तिका में ऐसी गतिविधियों को शामिल किया गया है, जिनके माध्यम से बच्चे खेल-खेल में भाषा, गणित, संज्ञानात्मक क्षमता, रचनात्मकता, सामाजिक व्यवहार और जीवन कौशल विकसित कर सकेंगे। शिक्षक अपनी कक्षा की आवश्यकता के अनुसार इन गतिविधियों में आवश्यक बदलाव भी कर सकेंगे।
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मार्गदर्शिका को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में साक्षरता और संख्यात्मकता से जुड़ी गतिविधियां हैं, जबकि दूसरे भाग में कहानी, गीत, तुकबंदी, खेल आधारित गतिविधियां और योग को शामिल किया गया है। इसमें संख्या पहचान, गिनती, आकृतियों की पहचान, धागे से अंक बनाना, आइसक्रीम स्टिक से आकृतियां तैयार करना तथा चक्रव्यूह जैसे नवाचारपूर्ण खेलों को भी स्थान दिया गया है।
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राजेश वशिष्ठ ने कहा कि कहानी सुनाना, भूमिका निभाना, समूह गतिविधियां और योग बच्चों में आत्मविश्वास, संवाद कौशल, तार्किक सोच, नेतृत्व क्षमता तथा अनुशासन विकसित करने में सहायक होंगे। साथ ही शिक्षक इन गतिविधियों के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की प्रगति का सहज आकलन भी कर सकेंगे।