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Jind News: मौसम के बदले मिजाज ने बढ़ाई किसानों की चिंता
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19जेएनडी34: जींद एलआईसी रोड पर शाम को सड़क पर बूंदाबांदी के बाद ठहरा पानी। संवाद
- फोटो : संगठन
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जींद। जिले में मौसम के अचानक बदले तेवरों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। वीरवार को दिनभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही जबकि शाम के समय हल्की बारिश हुई। फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
रबी फसलें इस समय पकाव की स्थिति में हैं। ऐसे में बेमौसमी बारिश और संभावित तेज हवाएं या ओलावृष्टि नुकसान का कारण बन सकती हैं। दिन की शुरुआत बादलों के साथ हुई। दोपहर में हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो पूरे दिन रुक-रुक कर जारी रही।
शाम होते-होते बादल और घने हो गए और बारिश शुरू हो गई। इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। अधिकतम तापमान सात डिग्री तक लुढ़ककर 23 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया।
हवा की गति करीब 16 किलोमीटर प्रति घंटा रही और आद्रता 87 प्रतिशत तक पहुंच गई। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण बताया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 21 मार्च तक आसमान में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले 10 दिनों में गेहूं और चने की कटाई शुरू होने वाली है, इसलिए मौसम का साफ रहना बेहद जरूरी है। लगातार बादल और बारिश की स्थिति बनी रहने से कटाई कार्य भी प्रभावित हो सकता है।
गेहूं और चना फसल पकने के करीब
इस समय जिले में सरसों की कटाई चल रही है जबकि गेहूं और चना फसल पकने के करीब हैं। ऐसे में किसान सबसे ज्यादा चिंतित हैं। यदि तेज हवा या ओलावृष्टि होती है तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। खासकर सरसों की कटी फसल और खेतों में खड़ी गेहूं-चना पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
वर्जन
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव आया है। किसानों को सलाह दी है कि वह मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करें और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं।
-डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक
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रबी फसलें इस समय पकाव की स्थिति में हैं। ऐसे में बेमौसमी बारिश और संभावित तेज हवाएं या ओलावृष्टि नुकसान का कारण बन सकती हैं। दिन की शुरुआत बादलों के साथ हुई। दोपहर में हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो पूरे दिन रुक-रुक कर जारी रही।
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शाम होते-होते बादल और घने हो गए और बारिश शुरू हो गई। इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। अधिकतम तापमान सात डिग्री तक लुढ़ककर 23 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया।
हवा की गति करीब 16 किलोमीटर प्रति घंटा रही और आद्रता 87 प्रतिशत तक पहुंच गई। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण बताया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 21 मार्च तक आसमान में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले 10 दिनों में गेहूं और चने की कटाई शुरू होने वाली है, इसलिए मौसम का साफ रहना बेहद जरूरी है। लगातार बादल और बारिश की स्थिति बनी रहने से कटाई कार्य भी प्रभावित हो सकता है।
गेहूं और चना फसल पकने के करीब
इस समय जिले में सरसों की कटाई चल रही है जबकि गेहूं और चना फसल पकने के करीब हैं। ऐसे में किसान सबसे ज्यादा चिंतित हैं। यदि तेज हवा या ओलावृष्टि होती है तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। खासकर सरसों की कटी फसल और खेतों में खड़ी गेहूं-चना पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
वर्जन
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव आया है। किसानों को सलाह दी है कि वह मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करें और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं।
-डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक