फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   The DC sought an explanation from the NHAI regarding the lack of lights and the poor condition of the drains on the highway, and said that accountability will be fixed for any delay.

Jind News: डीसी ने हाईवे पर लाइटों की कमी और ड्रेन की बदहाली पर एनएचएआई से मांगा जवाब,कहा-देरी पर होगी जवाबदेही तय

Fri, 31 Jul 2026 01:07 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
The DC sought an explanation from the NHAI regarding the lack of lights and the poor condition of the drains on the highway, and said that accountability will be fixed for any delay.
जींद। डीआरडीए सभागार में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में वीरवार को आम लोगों की समस्याओं पर गंभीरता से सुनवाई हुई। बैठक में नेशनल हाईवे पर स्ट्रीट लाइटों की कमी, ड्रेन की बदहाल स्थिति, पंचायती जमीन पर कब्जा, बीपीएल परिवारों के प्लॉटों से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गंदगी और जर्जर स्कूल भवन जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।
विज्ञापन

डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने अधिकारियों से समस्याओं के समाधान में लापरवाही नहीं बरतने और तय समय में कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में कुल 13 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से सात का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। शेष शिकायतों को लेकर संबंधित विभागों को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए।
विज्ञापन

किनाना गांव निवासी रामफल शर्मा ने नेशनल हाईवे पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने, ड्रेन की खराब स्थिति, सड़क के गड्ढों और सफेद पट्टी नहीं होने की शिकायत रखी। शिकायतकर्ता ने बताया कि हाईवे के पुल पर कुछ लाइटें लगा दी गई हैं लेकिन कई हिस्से अभी भी अंधेरे में हैं जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामले की सुनवाई के दौरान डीसी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से सवाल किया कि नियमों के अनुसार तीन किलोमीटर क्षेत्र में कितनी स्ट्रीट लाइट होनी चाहिए और वर्तमान में कितनी लगी हुई हैं। डीसी ने एक सप्ताह के अंदर सड़क के गड्ढों की मरम्मत, ड्रेन की स्थिति की जांच और एडीसी को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
पंचायती जमीन पर कब्जे के आरोप की दोबारा होगी जांच
मालसरी खेड़ा निवासी राममेहर ने आरोप लगाया कि गांव की पंचायती जमीन पर एक पंच ने कब्जा कर रखा है। सुनवाई के दौरान बीडीपीओ ने कब्जे की बात से इन्कार किया लेकिन शिकायतकर्ता ने पंच की पत्नी के नाम जमीन की रजिस्ट्री और कब्जे से जुड़े फोटो प्रस्तुत किए। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने सफीदों एसडीएम और समिति के गैर सरकारी सदस्यों की संयुक्त टीम बनाकर दोबारा जांच करने के निर्देश दिए।
बीपीएल परिवारों के प्लॉटों से गुजर रही 11 केवी लाइन का मामला उठा
बीबीपुर गांव निवासी पवन कुमार ने बताया कि वर्ष 2010 में बीपीएल परिवारों को आवासीय प्लॉट दिए गए थे। इसके बाद बिजली निगम ने इन्हीं प्लॉटों के ऊपर से 11 केवी बिजली लाइन निकाल दी। अब मकान निर्माण के लिए लाइन हटाने के नाम पर करीब 29 लाख रुपये जमा कराने की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जमा करना संभव नहीं है। बिना सहमति के लाइन डाली गई और अब उसका खर्च भी गरीब परिवारों से मांगा जा रहा है। डीसी ने बिजली निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीपीएल परिवारों से किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली जाए। उन्होंने इसे विशेष मामला मानते हुए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए ताकि बीपीएल परिवारों को राहत मिल सके।


सरकारी स्कूल में गंदगी और जर्जर भवन का मामला पहुंचा समिति में
गतौली गांव निवासी सुनील कुमार ने सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। बताया कि स्कूल में बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं है। काई लगी टंकी का पानी पीने को विद्यार्थी मजबूर हैं जबकि अध्यापक अपने लिए अलग से कैंपर मंगवाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल परिसर में घास काफी बढ़ चुकी है जहां सांप और बिच्छू छिपे रहते हैं जिससे बच्चों की जान को खतरा बना रहता है। शिकायतकर्ता ने स्कूल भवन की जर्जर स्थिति और सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग रखी। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में उठे मामलों से स्पष्ट हुआ कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। डीसी ने सभी विभागों को लोगों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed