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Jind News: नरवाना में तीन घंटे की बारिश में शहर जलमग्न, सड़कों पर भरा चार फीट पानी
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फोटो 11 नरवाना। शहर में गलियों में जमा बारिश के पानी में खेलते हुए बच्चे। संवाद।
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नरवाना। नरवाना में श्रावण माह के पहले दिन वीरवार को हुई तेज बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत पहुंचाई, वहीं शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी। वीरवार दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई बारिश करीब तीन बजे तक जारी रही।
शहर की सड़कों और गलियों में चार फीट तक पानी भर गया। इस जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दोपहिया वाहन रास्ते में फंस गए और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाइक चालकों को अपने वाहन उठाकर साइलेंसर से पानी निकालने की कोशिश करनी पड़ी। एसडी महिला महाविद्यालय के सामने तीन से चार फीट तक पानी भरने से कई गाड़ियां बीच रास्ते में बंद हो गईं। बारिश के पानी के साथ नालों में जमा गंदगी और कचरा भी सड़कों पर फैल गया जिससे लोगों को परेशानी हुई। वहीं दूसरी ओर शहर में बच्चे पानी और बरसात में खेलते हुए भी नजर आए।
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बारिश से शहर के मॉडल टाउन, प्रेम नगर, कैनाल रोड, सुभाष नगर, न्यू बस स्टैंड, रेलवे रोड, अपोलो चौक, अग्रसेन चौक, भगत सिंह चौक, विश्वकर्मा चौक, एलआईसी रोड, शनि मंदिर के सामने, प्रेम कबाड़ी वाली गली, बीरबल नगर और कुम्हारों वाली गली सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
शहर में जलभराव का मुख्य कारण सीवरेज लाइनों और नालों की नियमित सफाई न होना बताया जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बने बरसाती और गंदे पानी के नालों की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया। इससे सड़कें खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है।
किसानों के लिए राहत लेकर आई बारिश
तेज बारिश किसानों के लिए राहत भरी साबित हुई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के कारण धान की रोपाई के बाद खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पा रही थी। कई किसान फसल बचाने के लिए बार-बार सिंचाई करने को मजबूर थे। बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली और फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई।
पहली बारिश में ही खुली तैयारियों की पोल
श्रावण की पहली तेज बारिश ने जन स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। कई इलाकों में घंटों तक पानी जमा रहा और सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। स्थानीय निवासी भीम सिंह, सतपाल सैन और अनिल ने कहा कि यदि सीवर लाइनों और नालों की समय रहते सफाई कर दी जाती तो शहर में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। लोगों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमित सफाई कराने की मांग की है।
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जींद में सुबह चली पूर्वा हवा, फिर हुई हल्की बूंदाबांदी
जींद। जिले में वीरवार सुबह से मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह के समय पूर्वी दिशा से ठंडी हवा चलने लगी जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली। करीब 11 बजे आसमान में बादल छा गए और कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग ने चार अगस्त को अच्छी बारिश होने की संभावनाएं जताई हैं। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो तापमान में और गिरावट आएगी। मौसम में हुए बदलाव के बावजूद दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की गति दस किमी. प्रति घंटा रही। नमी की मात्रा 65 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने चार अगस्त से जिले और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया है।
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शहर की सड़कों और गलियों में चार फीट तक पानी भर गया। इस जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दोपहिया वाहन रास्ते में फंस गए और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बाइक चालकों को अपने वाहन उठाकर साइलेंसर से पानी निकालने की कोशिश करनी पड़ी। एसडी महिला महाविद्यालय के सामने तीन से चार फीट तक पानी भरने से कई गाड़ियां बीच रास्ते में बंद हो गईं। बारिश के पानी के साथ नालों में जमा गंदगी और कचरा भी सड़कों पर फैल गया जिससे लोगों को परेशानी हुई। वहीं दूसरी ओर शहर में बच्चे पानी और बरसात में खेलते हुए भी नजर आए।
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बारिश से शहर के मॉडल टाउन, प्रेम नगर, कैनाल रोड, सुभाष नगर, न्यू बस स्टैंड, रेलवे रोड, अपोलो चौक, अग्रसेन चौक, भगत सिंह चौक, विश्वकर्मा चौक, एलआईसी रोड, शनि मंदिर के सामने, प्रेम कबाड़ी वाली गली, बीरबल नगर और कुम्हारों वाली गली सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
शहर में जलभराव का मुख्य कारण सीवरेज लाइनों और नालों की नियमित सफाई न होना बताया जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बने बरसाती और गंदे पानी के नालों की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया। इससे सड़कें खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है।
किसानों के लिए राहत लेकर आई बारिश
तेज बारिश किसानों के लिए राहत भरी साबित हुई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के कारण धान की रोपाई के बाद खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पा रही थी। कई किसान फसल बचाने के लिए बार-बार सिंचाई करने को मजबूर थे। बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली और फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई।
पहली बारिश में ही खुली तैयारियों की पोल
श्रावण की पहली तेज बारिश ने जन स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। कई इलाकों में घंटों तक पानी जमा रहा और सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। स्थानीय निवासी भीम सिंह, सतपाल सैन और अनिल ने कहा कि यदि सीवर लाइनों और नालों की समय रहते सफाई कर दी जाती तो शहर में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। लोगों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमित सफाई कराने की मांग की है।
जींद में सुबह चली पूर्वा हवा, फिर हुई हल्की बूंदाबांदी
जींद। जिले में वीरवार सुबह से मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह के समय पूर्वी दिशा से ठंडी हवा चलने लगी जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली। करीब 11 बजे आसमान में बादल छा गए और कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग ने चार अगस्त को अच्छी बारिश होने की संभावनाएं जताई हैं। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो तापमान में और गिरावट आएगी। मौसम में हुए बदलाव के बावजूद दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की गति दस किमी. प्रति घंटा रही। नमी की मात्रा 65 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने चार अगस्त से जिले और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया है।