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Jind News: द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का किया वर्णन
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 22 Mar 2026 02:53 AM IST
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21जेएनडी21:कथा करते हुए कथावाचक प्रेम गिरी महाराज। संवाद।
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नरवाना। अग्रसेन चौक स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के तत्वावधान में श्री शिव महापुराण कथा तत्व ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। कथा में हर-हर महादेव का जयघोष से गूंजता रहा। कथावाचक प्रेम गिरी महाराज ने आठवें दिन द्वादश ज्योतिर्लिंगों की स्थापना और उनके प्रकट होने की कथा का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि भगवान शिव ने अपने भक्तों की तपस्या और आस्था से प्रसन्न होकर देश के विभिन्न स्थानों पर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिए। गुजरात के सोमनाथ में चंद्रदेव की तपस्या से शिव प्रकट हुए और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना हुई।
श्रीशैलम में मल्लिकार्जुन, उज्जैन में महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर में नर्मदा तट पर शिवलिंग प्रकट हुए। केदारनाथ में पांडवों की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए। कथा में आगे बताया गया कि भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग भी विभिन्न पौराणिक प्रसंगों के माध्यम से प्रकट हुए।
इन सभी स्थानों पर शिवलिंग प्रकट होने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना की परंपरा शुरू हुई जो आज भी निरंतर जारी है। प्रेम गिरी महाराज ने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा अनंत है और वहां सच्चे मन से की गई पूजा से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं। इस अवसर पर बजरंग गर्ग, मुकेश गर्ग, आचार्य वीरभान, संजीव गर्ग, दीपक रोहिल्ला, हर्ष गर्ग, रेखा, रेणुका, अनुराधा और आशा समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि भगवान शिव ने अपने भक्तों की तपस्या और आस्था से प्रसन्न होकर देश के विभिन्न स्थानों पर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिए। गुजरात के सोमनाथ में चंद्रदेव की तपस्या से शिव प्रकट हुए और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना हुई।
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श्रीशैलम में मल्लिकार्जुन, उज्जैन में महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर में नर्मदा तट पर शिवलिंग प्रकट हुए। केदारनाथ में पांडवों की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए। कथा में आगे बताया गया कि भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग भी विभिन्न पौराणिक प्रसंगों के माध्यम से प्रकट हुए।
इन सभी स्थानों पर शिवलिंग प्रकट होने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना की परंपरा शुरू हुई जो आज भी निरंतर जारी है। प्रेम गिरी महाराज ने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा अनंत है और वहां सच्चे मन से की गई पूजा से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं। इस अवसर पर बजरंग गर्ग, मुकेश गर्ग, आचार्य वीरभान, संजीव गर्ग, दीपक रोहिल्ला, हर्ष गर्ग, रेखा, रेणुका, अनुराधा और आशा समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

21जेएनडी21:कथा करते हुए कथावाचक प्रेम गिरी महाराज। संवाद।