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Jind News: उपवास रखकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 12 Jan 2026 12:26 AM IST
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11जेएनडी16: मनरेगा बहाली की मांग को लेकर रानी तालाब पर धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता । स्रोत
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जींद। मनरेगा बचाओ अभियान के तहत रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रानी तालाब के पास उपवास रखकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया।
उन्होंंने मनरेगा बहाली की मांग को उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से मेहनतकश, गरीब और ग्रामीण श्रमिकों की आवाज उठाती रही है। ग्रामीण मजदूरों को हर वर्ष 100 दिन का रोजगार पाने का कानूनी अधिकार मिला। यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना और पलायन रोकने में भी सहायक सिद्ध हुआ।
ऋषिपाल ने कहा कि मनरेगा खत्म होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सिमट गए हैं और लाखों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी नहीं मिल रही, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डाॅ. बीआर आंबेडकर और महात्मा गांधी ने सामाजिक न्याय और समानता का जो सपना देखा था, मनरेगा उसी दिशा में एक मजबूत कदम था। इसे खत्म करना संविधान की भावना के खिलाफ है।
कांग्रेस पार्टी इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। सोनीपत लोकसभा के कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने केंद्र सरकार से मजदूर विरोधी नीतियां वापस लेने का आह्वान किया। इस मौके पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता जगबीर डिगाना, पूर्व चेयरमैन पवन दूहन, दिनेश डहोला, रामप्रसाद सरपंच, संदीप सरपंच, जयदीप लाठर, सुभाष अहलावत, सुमेर नायक, राजकुमार बाल्मीकि और राजू लखीना मौजूद रहे।
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उन्होंंने मनरेगा बहाली की मांग को उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से मेहनतकश, गरीब और ग्रामीण श्रमिकों की आवाज उठाती रही है। ग्रामीण मजदूरों को हर वर्ष 100 दिन का रोजगार पाने का कानूनी अधिकार मिला। यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना और पलायन रोकने में भी सहायक सिद्ध हुआ।
ऋषिपाल ने कहा कि मनरेगा खत्म होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सिमट गए हैं और लाखों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी नहीं मिल रही, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डाॅ. बीआर आंबेडकर और महात्मा गांधी ने सामाजिक न्याय और समानता का जो सपना देखा था, मनरेगा उसी दिशा में एक मजबूत कदम था। इसे खत्म करना संविधान की भावना के खिलाफ है।
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कांग्रेस पार्टी इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। सोनीपत लोकसभा के कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने केंद्र सरकार से मजदूर विरोधी नीतियां वापस लेने का आह्वान किया। इस मौके पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता जगबीर डिगाना, पूर्व चेयरमैन पवन दूहन, दिनेश डहोला, रामप्रसाद सरपंच, संदीप सरपंच, जयदीप लाठर, सुभाष अहलावत, सुमेर नायक, राजकुमार बाल्मीकि और राजू लखीना मौजूद रहे।