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Jind News: ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का दो दिवसीय महापड़ाव शुरू, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
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24जेएनडी29: शहर के अपोलो चौक पर सरकार के विरोध में प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मचारी। संवाद।
- फोटो : बोधि वृक्ष की पूजा करने जाते बौद्ध अनुयायी।
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नरवाना। कपास मंडी में रविवार से मांगों को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का दो दिवसीय महापड़ाव शुरू कर दिया है। सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
महापड़ाव की अध्यक्षता ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के प्रधान बसाऊराम और ग्रामीण सफाई कर्मचारी संगठन हरियाणा के प्रधान मुखपाल सिंह ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन यूनियन के उपमहासचिव देवीराम ने किया।
प्रधान मुखपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश के करीब 10 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले 19 वर्षों से कच्ची नौकरी की मार झेल रहे हैं। मजबूरी में उन्हें सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार, पंचायत मंत्री और विभागीय अधिकारियों को कई बार मांग पत्र और ज्ञापन भेजे जा चुके हैं लेकिन अभी तक किसी प्रकार का समाधान नहीं निकला है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में 31 दिसंबर 2025 के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को लागू करना, पॉलिसी बनाकर सभी ग्रामीण सफाई कर्मियों को स्थायी करना, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की नियुक्ति करना व अन्य शामिल है।
आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की ओर से 24 नवंबर 2024 को 26 हजार रुपये वेतन देने और 11 जून 2025 को 2100 रुपये वेतन बढ़ोतरी की घोषणाएं अब तक लागू नहीं की गईं। इसके अलावा कर्मचारियों को मृत्यु पर मुआवजा, परिवार को नौकरी और सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी सीटू और अन्य संगठनों के साथ शाम करीब छह बजे पुरानी कपास मंडी से लेकर शहर के भगत सिंह चौक तक विरोध प्रदर्शन करते हुए यात्रा निकाली और भगत सिंह राजगुरु सुखदेव और अपोलो चौक स्थित सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वापस कपास मंडी धरना स्थल तक पहुंचे।
मंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि 25 मई दोपहर दो बजे तक सरकार ने मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकाला तो मंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा और आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। महापड़ाव में किसान सभा, नगरपालिका कर्मचारी संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ और कई अन्य सामाजिक व कर्मचारी संगठनों ने भी समर्थन देकर आंदोलन को मजबूती दी। इससे साफ है कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का यह आंदोलन अब बड़े स्तर पर पहुंच चुका है।
फोटो कैप्शन
24जेएनडी29: शहर के अपोलो चौक पर सरकार के विरोध में प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मचारी। संवाद।
24जेएनडी30: कपास मंडी में धरने पर बैठी महिला सफाई कर्मचारी। संवाद।
महापड़ाव की अध्यक्षता ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के प्रधान बसाऊराम और ग्रामीण सफाई कर्मचारी संगठन हरियाणा के प्रधान मुखपाल सिंह ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन यूनियन के उपमहासचिव देवीराम ने किया।
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प्रधान मुखपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश के करीब 10 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले 19 वर्षों से कच्ची नौकरी की मार झेल रहे हैं। मजबूरी में उन्हें सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार, पंचायत मंत्री और विभागीय अधिकारियों को कई बार मांग पत्र और ज्ञापन भेजे जा चुके हैं लेकिन अभी तक किसी प्रकार का समाधान नहीं निकला है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में 31 दिसंबर 2025 के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को लागू करना, पॉलिसी बनाकर सभी ग्रामीण सफाई कर्मियों को स्थायी करना, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की नियुक्ति करना व अन्य शामिल है।
आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की ओर से 24 नवंबर 2024 को 26 हजार रुपये वेतन देने और 11 जून 2025 को 2100 रुपये वेतन बढ़ोतरी की घोषणाएं अब तक लागू नहीं की गईं। इसके अलावा कर्मचारियों को मृत्यु पर मुआवजा, परिवार को नौकरी और सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी सीटू और अन्य संगठनों के साथ शाम करीब छह बजे पुरानी कपास मंडी से लेकर शहर के भगत सिंह चौक तक विरोध प्रदर्शन करते हुए यात्रा निकाली और भगत सिंह राजगुरु सुखदेव और अपोलो चौक स्थित सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वापस कपास मंडी धरना स्थल तक पहुंचे।
मंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि 25 मई दोपहर दो बजे तक सरकार ने मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकाला तो मंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा और आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। महापड़ाव में किसान सभा, नगरपालिका कर्मचारी संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ और कई अन्य सामाजिक व कर्मचारी संगठनों ने भी समर्थन देकर आंदोलन को मजबूती दी। इससे साफ है कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का यह आंदोलन अब बड़े स्तर पर पहुंच चुका है।
फोटो कैप्शन
24जेएनडी29: शहर के अपोलो चौक पर सरकार के विरोध में प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मचारी। संवाद।
24जेएनडी30: कपास मंडी में धरने पर बैठी महिला सफाई कर्मचारी। संवाद।

24जेएनडी29: शहर के अपोलो चौक पर सरकार के विरोध में प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मचारी। संवाद।- फोटो : बोधि वृक्ष की पूजा करने जाते बौद्ध अनुयायी।