{"_id":"6a345e9feb6336e7010d1835","slug":"villagers-in-kharawar-are-quenching-their-thirst-by-purchasing-water-tankers-jind-news-c-17-roh1020-874662-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: सैनिकों व खिलाड़ियों के गढ़ खरावड़ में ग्रामीण टैंकर खरीदकर बुझा रहे प्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: सैनिकों व खिलाड़ियों के गढ़ खरावड़ में ग्रामीण टैंकर खरीदकर बुझा रहे प्यास
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:39 AM IST
विज्ञापन
16-नहर से जलघर के टैंक तक जलापूर्ति करने वाले सीमेंट के नाले की हालत। स्रोत: ग्रामीण
- फोटो : Samvad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। प्रदेश को पहले हरियाणा केसरी देने के साथ खिलाड़ियों व सैनिकों के लिए मशहूर गांव खरावड़ निवासी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि पंचायत की तरफ से रोजाना करीब 20 टैंकर मंगवाकर प्यास बुझाई जा रही है।
वीरवार को ग्रामीणों ने पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि करीब तीन साल से पेयजल किल्लत की समस्या बनी हुई है। हफ्ते में तीन दिन नहर में पानी आता है बाकी दिनों में जलघर से पेयजल आपूर्ति की जाती है।
सप्लाई का पानी भी शुरुआत में करीब पांच से 10 मिनट तक गंदा आता है। इसका कारण पुरानी पाइपलाइन है। ये पाइपलाइन करीब 30 साल पहले बिछाई गई थी। तीन साल पहले पूरे हफ्ते नहर से जलापूर्ति होती थी।
विज्ञापन
कई बार शिकायत के बावजूद समस्या वैसी ही बनी हुई है। गांव की आबादी दस हजार है लेकिन आईएमटी के नजदीक होने के कारण करीब 5000 लोग भी यहां किराये पर रहते हैं। इस कारण समस्या ओर बढ़ जाती है।
-- -- -
जलघर की इमारत जर्जर हाल
गांव में स्थित एक जलघर की इमारत भी जर्जर हाल है। इसकी दीवारें तक गिरी हुई हैं। अंदर साफ-सफाई का बुरा हाल है। टैंकों तक की सफाई नहीं की जाती। नहर का पानी इन गंदे टैंकों में यूं ही आता है। इसके साथ ही जलघर में लंबे झाड़ हैं। ग्रामीणों ने एक लाख से अधिक का चंदा एकत्रित कर सफाई कराई थी।
-- -- -- -- --
ये बोले ग्रामीण
गांव में कई सालों से पेयजल किल्लत की समस्या बनी हुई है। पास में आईएमटी होने के कारण बाहर के लोग भी यहां किराये पर रहते हैं। इससे समस्या और बढ़ जाती है। जलघर जर्जर हाल है। टैंकर मंगवाकर काम चलाया जा रहा है। साफ-सफाई का बुरा हाल है।
- अजय मलिक, खरावड़
-- -- -- -
तीन साल से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। जलघर में साफ-सफाई का भी बुरा हाल है। चंदा एकत्रित करके तो जलघर टैंकों की सफाई कराई जाती है। टैंकरों से काम चल रहा है।
- सतपाल मलिक, खरावड़
-- -- -- -- -
पहले नहर में पानी 40 दिन बाद आ जाता था, अब 90 दिन बाद आ रहा है। टैंकरों से काम चलाया जा रहा है। नहर से आने वाली पाइपलाइन की सफाई भी नहीं कराई जाती है।
- नितिन, खरावड़ पंचायत सदस्य
रोहतक। प्रदेश को पहले हरियाणा केसरी देने के साथ खिलाड़ियों व सैनिकों के लिए मशहूर गांव खरावड़ निवासी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि पंचायत की तरफ से रोजाना करीब 20 टैंकर मंगवाकर प्यास बुझाई जा रही है।
वीरवार को ग्रामीणों ने पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि करीब तीन साल से पेयजल किल्लत की समस्या बनी हुई है। हफ्ते में तीन दिन नहर में पानी आता है बाकी दिनों में जलघर से पेयजल आपूर्ति की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सप्लाई का पानी भी शुरुआत में करीब पांच से 10 मिनट तक गंदा आता है। इसका कारण पुरानी पाइपलाइन है। ये पाइपलाइन करीब 30 साल पहले बिछाई गई थी। तीन साल पहले पूरे हफ्ते नहर से जलापूर्ति होती थी।
कई बार शिकायत के बावजूद समस्या वैसी ही बनी हुई है। गांव की आबादी दस हजार है लेकिन आईएमटी के नजदीक होने के कारण करीब 5000 लोग भी यहां किराये पर रहते हैं। इस कारण समस्या ओर बढ़ जाती है।
जलघर की इमारत जर्जर हाल
गांव में स्थित एक जलघर की इमारत भी जर्जर हाल है। इसकी दीवारें तक गिरी हुई हैं। अंदर साफ-सफाई का बुरा हाल है। टैंकों तक की सफाई नहीं की जाती। नहर का पानी इन गंदे टैंकों में यूं ही आता है। इसके साथ ही जलघर में लंबे झाड़ हैं। ग्रामीणों ने एक लाख से अधिक का चंदा एकत्रित कर सफाई कराई थी।
ये बोले ग्रामीण
गांव में कई सालों से पेयजल किल्लत की समस्या बनी हुई है। पास में आईएमटी होने के कारण बाहर के लोग भी यहां किराये पर रहते हैं। इससे समस्या और बढ़ जाती है। जलघर जर्जर हाल है। टैंकर मंगवाकर काम चलाया जा रहा है। साफ-सफाई का बुरा हाल है।
- अजय मलिक, खरावड़
तीन साल से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। जलघर में साफ-सफाई का भी बुरा हाल है। चंदा एकत्रित करके तो जलघर टैंकों की सफाई कराई जाती है। टैंकरों से काम चल रहा है।
- सतपाल मलिक, खरावड़
पहले नहर में पानी 40 दिन बाद आ जाता था, अब 90 दिन बाद आ रहा है। टैंकरों से काम चलाया जा रहा है। नहर से आने वाली पाइपलाइन की सफाई भी नहीं कराई जाती है।
- नितिन, खरावड़ पंचायत सदस्य

16-नहर से जलघर के टैंक तक जलापूर्ति करने वाले सीमेंट के नाले की हालत। स्रोत: ग्रामीण- फोटो : Samvad

16-नहर से जलघर के टैंक तक जलापूर्ति करने वाले सीमेंट के नाले की हालत। स्रोत: ग्रामीण- फोटो : Samvad

16-नहर से जलघर के टैंक तक जलापूर्ति करने वाले सीमेंट के नाले की हालत। स्रोत: ग्रामीण- फोटो : Samvad

16-नहर से जलघर के टैंक तक जलापूर्ति करने वाले सीमेंट के नाले की हालत। स्रोत: ग्रामीण- फोटो : Samvad