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Kaithal News: ब्रजभूमि के संतों का दल कपिल मुनि मंदिर पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। भगवान कपिल के दर्शन के लिए ब्रजभूमि के संतों का एक दल कपिल मुनि मंदिर में पहुंचा। संत समाज ने सबसे पहले पवित्र श्री कपिल तीर्थ में स्नान किया उसके बाद भगवान कपिल मुनि के दर्शन किए। संतों का मंदिर परिसर में मंदिर के मुख्य पुजारी संजय शास्त्री व अनिरुद्ध गौतम द्वारा रुद्राक्ष की माला पहना कर पारंपरिक ढंग से स्वागत किया।
गोवर्धन से पधारे महंत चेतन गिरि, रुद्र गिरी, राजेंद्र गिरी, महंत लकी गिरी आदी ने बताया की महर्षि कपिल का संदर्भ अनेक पुराणों व प्राचीन ग्रंथों में पाया जाता है। उन्होंने अपनी भागवत कथाओं में सांख्य योग पर बहुत कुछ बोला है। कलायत में भगवान कपिल के दर्शनों की मन में बड़ी इच्छा थी। इसी लिए
सात संत कलायत के लिए ब्रजभूमि से चले और कलायत में आकर बहुत अच्छा महसूस हुआ।
भगवान कपिल के अलावा संतों के दल ने शुकदेव गुफा के भी दर्शन किए हैं। महंत चेतन गिरी ने कहा कि महर्षि कपिल का सबसे विस्तृत वर्णन और उनके उपदेश भागवत पुराण के तीसरे स्कंध के अध्याय 25-33 में मिलते हैं। जहां वे कर्दम मुनि और देवहूति के पुत्र के रूप में अवतरित होकर अपनी माता को सांख्य ज्ञान प्रदान करते हैं। विष्णु पुराण, स्कंद पुराण और पद्म पुराण में कपिल मुनि को विष्णु के अवतारों की सूची में शामिल किया गया है।
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कलायत। भगवान कपिल के दर्शन के लिए ब्रजभूमि के संतों का एक दल कपिल मुनि मंदिर में पहुंचा। संत समाज ने सबसे पहले पवित्र श्री कपिल तीर्थ में स्नान किया उसके बाद भगवान कपिल मुनि के दर्शन किए। संतों का मंदिर परिसर में मंदिर के मुख्य पुजारी संजय शास्त्री व अनिरुद्ध गौतम द्वारा रुद्राक्ष की माला पहना कर पारंपरिक ढंग से स्वागत किया।
गोवर्धन से पधारे महंत चेतन गिरि, रुद्र गिरी, राजेंद्र गिरी, महंत लकी गिरी आदी ने बताया की महर्षि कपिल का संदर्भ अनेक पुराणों व प्राचीन ग्रंथों में पाया जाता है। उन्होंने अपनी भागवत कथाओं में सांख्य योग पर बहुत कुछ बोला है। कलायत में भगवान कपिल के दर्शनों की मन में बड़ी इच्छा थी। इसी लिए
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सात संत कलायत के लिए ब्रजभूमि से चले और कलायत में आकर बहुत अच्छा महसूस हुआ।
भगवान कपिल के अलावा संतों के दल ने शुकदेव गुफा के भी दर्शन किए हैं। महंत चेतन गिरी ने कहा कि महर्षि कपिल का सबसे विस्तृत वर्णन और उनके उपदेश भागवत पुराण के तीसरे स्कंध के अध्याय 25-33 में मिलते हैं। जहां वे कर्दम मुनि और देवहूति के पुत्र के रूप में अवतरित होकर अपनी माता को सांख्य ज्ञान प्रदान करते हैं। विष्णु पुराण, स्कंद पुराण और पद्म पुराण में कपिल मुनि को विष्णु के अवतारों की सूची में शामिल किया गया है।