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Kaithal News: बारिश से मौसम सुहावना, किसानों की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 20 Mar 2026 01:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। वीरवार शाम करीब साढ़े चार बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। हालांकि सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे और बीच-बीच में हल्की फुहारें पड़ रही थीं। तेज बारिश ने जहां आमजन को गर्मी से राहत दिलाई, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गई है।
बारिश के कारण पकी हुई फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं बारिश और ठंडी हवाओं के चलते शहर के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कैथल का अधिकतम तापमान गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया।
इससे पहले एक सप्ताह पूर्व अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 18 डिग्री तक पहुंच चुका है। इस बदलाव से मौसम काफी खुशनुमा हो गया है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
किसानों की बढ़ी धड़कनें : एक ओर आम जनता इस सुहावने मौसम का आनंद ले रही है, वहीं खेतों में खड़ी फसलें बेमौसम बारिश की मार झेल रही हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र के अनुसार इस समय बारिश और तेज हवा फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों, के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो कटाई के लिए तैयार फसल बिछ सकती है, जिससे दाने की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित होंगी। शहर के निचले इलाकों में हल्की बारिश से ही जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है।
बारिश से गेहूं की फसल पर खतरा
कैथल/राजौंद। वीरवार को हुई बारिश से गेहूं की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। सूर्य देव के दर्शन न होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का एहसास एक बार फिर बढ़ गया।बारिश के चलते लोगों को दिनभर ठंडे मौसम का सामना करना पड़ा। वहीं, किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के लिए यह बेमौसमी बारिश नुकसानदेह साबित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश जारी रही, तो उनकी करीब छह माह की मेहनत पर पानी फिर सकता है। संवाद
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कैथल। वीरवार शाम करीब साढ़े चार बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। हालांकि सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे और बीच-बीच में हल्की फुहारें पड़ रही थीं। तेज बारिश ने जहां आमजन को गर्मी से राहत दिलाई, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गई है।
बारिश के कारण पकी हुई फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं बारिश और ठंडी हवाओं के चलते शहर के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कैथल का अधिकतम तापमान गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया।
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इससे पहले एक सप्ताह पूर्व अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 18 डिग्री तक पहुंच चुका है। इस बदलाव से मौसम काफी खुशनुमा हो गया है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
किसानों की बढ़ी धड़कनें : एक ओर आम जनता इस सुहावने मौसम का आनंद ले रही है, वहीं खेतों में खड़ी फसलें बेमौसम बारिश की मार झेल रही हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र के अनुसार इस समय बारिश और तेज हवा फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों, के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो कटाई के लिए तैयार फसल बिछ सकती है, जिससे दाने की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित होंगी। शहर के निचले इलाकों में हल्की बारिश से ही जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है।
बारिश से गेहूं की फसल पर खतरा
कैथल/राजौंद। वीरवार को हुई बारिश से गेहूं की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। सूर्य देव के दर्शन न होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का एहसास एक बार फिर बढ़ गया।बारिश के चलते लोगों को दिनभर ठंडे मौसम का सामना करना पड़ा। वहीं, किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के लिए यह बेमौसमी बारिश नुकसानदेह साबित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश जारी रही, तो उनकी करीब छह माह की मेहनत पर पानी फिर सकता है। संवाद