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Kaithal News: पशु मेले के लिए बसें जाने से लोकल रूटों पर लोग परेशान
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित प्रसिद्ध पशु मेले का रविवार को समापन हो गया। तीन दिनों तक चले इस मेले में कैथल सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जहां मेले में पशुओं की खरीद-फरोख्त और ग्रामीण संस्कृति के रंग देखने को मिले, वहीं दूसरी ओर रोडवेज बसों की कमी ने यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ा दीं।
पशु मेले के दौरान हरियाणा रोडवेज की 16 बसों को विशेष रूप से कुरुक्षेत्र रूट पर लगाया गया था। इसके चलते कैथल से करनाल, कुरुक्षेत्र सहित अन्य स्थानीय और लंबे रूटों पर नियमित बस सेवाएं प्रभावित रहीं। इसका सीधा असर रोजमर्रा का सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ा। करनाल, जींद, नरवाना और चीका जैसे प्रमुख रूटों पर जाने वाले यात्रियों ने बसों की कमी को लेकर नाराजगी जताई।
बस स्टैंड पर बढ़ा इंतजार
कैथल बस स्टैंड पर बस के इंतजार में खड़े यात्री नितेश ने बताया कि समय पर बस न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। निजी वाहन रोडवेज के मुकाबले अधिक किराया वसूल करते हैं, लेकिन समय की मजबूरी में वही विकल्प बचता है।
गांव कौल से कुरुक्षेत्र जाने वाले यात्री रमेश कुमार ने बताया कि बसों की संख्या कम होने के कारण काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। जरूरी काम से जाना था, लेकिन समय पर नहीं पहुंच पाए। कई बसों में अत्यधिक भीड़ होने से खड़े होकर सफर करना पड़ा। उन्होंने कहा कि रोडवेज विभाग को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी, ताकि अन्य रूटों के यात्रियों को परेशानी न हो। खासकर छात्र, नौकरीपेशा लोग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हुए।
पशु मेले के कारण अतिरिक्त बसें कुरुक्षेत्र रूट पर लगानी पड़ीं, जिससे कुछ रूटों पर अस्थायी असर पड़ा। जिन रूटों पर दो बसें चलती थीं, वहां एक-एक बस की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लोकल बसों को ही कुरुक्षेत्र भेजा गया था।
-सूरजमल, रोडवेज के ड्यूटी इंस्पेक्टर
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कैथल। कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित प्रसिद्ध पशु मेले का रविवार को समापन हो गया। तीन दिनों तक चले इस मेले में कैथल सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जहां मेले में पशुओं की खरीद-फरोख्त और ग्रामीण संस्कृति के रंग देखने को मिले, वहीं दूसरी ओर रोडवेज बसों की कमी ने यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ा दीं।
पशु मेले के दौरान हरियाणा रोडवेज की 16 बसों को विशेष रूप से कुरुक्षेत्र रूट पर लगाया गया था। इसके चलते कैथल से करनाल, कुरुक्षेत्र सहित अन्य स्थानीय और लंबे रूटों पर नियमित बस सेवाएं प्रभावित रहीं। इसका सीधा असर रोजमर्रा का सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ा। करनाल, जींद, नरवाना और चीका जैसे प्रमुख रूटों पर जाने वाले यात्रियों ने बसों की कमी को लेकर नाराजगी जताई।
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बस स्टैंड पर बढ़ा इंतजार
कैथल बस स्टैंड पर बस के इंतजार में खड़े यात्री नितेश ने बताया कि समय पर बस न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। निजी वाहन रोडवेज के मुकाबले अधिक किराया वसूल करते हैं, लेकिन समय की मजबूरी में वही विकल्प बचता है।
गांव कौल से कुरुक्षेत्र जाने वाले यात्री रमेश कुमार ने बताया कि बसों की संख्या कम होने के कारण काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। जरूरी काम से जाना था, लेकिन समय पर नहीं पहुंच पाए। कई बसों में अत्यधिक भीड़ होने से खड़े होकर सफर करना पड़ा। उन्होंने कहा कि रोडवेज विभाग को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी, ताकि अन्य रूटों के यात्रियों को परेशानी न हो। खासकर छात्र, नौकरीपेशा लोग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हुए।
पशु मेले के कारण अतिरिक्त बसें कुरुक्षेत्र रूट पर लगानी पड़ीं, जिससे कुछ रूटों पर अस्थायी असर पड़ा। जिन रूटों पर दो बसें चलती थीं, वहां एक-एक बस की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लोकल बसों को ही कुरुक्षेत्र भेजा गया था।
-सूरजमल, रोडवेज के ड्यूटी इंस्पेक्टर