{"_id":"6988e6155bd373e6e70ed974","slug":"the-afternoon-sunshine-brought-a-blanket-of-comfort-amidst-the-cool-breeze-kaithal-news-c-245-1-kht1013-144755-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: ठंडी हवाओं के बीच दोपहर की धूप ने ओढ़ाई सुकून की चादर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: ठंडी हवाओं के बीच दोपहर की धूप ने ओढ़ाई सुकून की चादर
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 09 Feb 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
गुनगुनी धूप निकलने पर कैथल के जवाहर पार्क में झूला झूलते बच्चे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रविवार सुबह ठंड का असर रहा लेकिन आठ बजे के बाद धूप निकलते ठंडी हवाओं से राहत मिल गई। लोगों ने छतों और पार्कों में पहुंचकर धूप का आनंद लिया। बीते कई दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे दिन के समय ठंड का अहसास कम हो गया है।
रविवार की छुट्टी होने के कारण सुबह से ही बच्चे पार्कों में झूलते नजर आए और दिनभर चहल-पहल बनी रही। धुंध से राहत मिलने के बाद बाजारों में भी रौनक लौट आई। सुबह से शाम तक बाजारों में खूब भीड़ देखी गई।
रविवार सुबह अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार बदलते मौसम में लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ठंडी चीजों के सेवन से बचें। बुखार, खांसी या जुकाम के लक्षण दिखने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
मौजूदा ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभदायक साबित हो रही है। इससे गेहूं की बढ़वार और दानों के विकास में तेजी आई है। किसानों और कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तापमान में गेहूं के पौधे मजबूत बनते हैं, फुटाव अच्छा होता है और पैदावार बढ़ने की संभावना रहती है। ठंड से मिट्टी में नमी बनी रहती है, जिससे जड़ों का विकास बेहतर होता है और मिट्टी का कटाव भी रुकता है। कम तापमान और सीमित धूप के कारण दानों का भराव भी बेहतर होता है।
मौसम कुछ यूं रहा ः 24 नवंबर के आसपास सुबह और शाम ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। दिसंबर के पहले सप्ताह में दोपहर के समय भी ठंड महसूस होने लगी। 20 दिसंबर के आसपास धुंध ने दस्तक दी। जनवरी के 31 दिनों में से करीब 21 दिन तक धुंध छाई रही, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। फरवरी के पहले सप्ताह में धुंध से राहत मिली और मौसम साफ होना शुरू हुआ। अंतिम सप्ताह तक अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने का अनुमान है।
इस बार की ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हुई है। आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होगी, हालांकि सुबह और शाम हल्की ठंड का अहसास बना रहेगा।
-रमेश चंद्र, मुख्य समन्वयक-कृषि विज्ञान केंद्र
Trending Videos
कैथल। रविवार सुबह ठंड का असर रहा लेकिन आठ बजे के बाद धूप निकलते ठंडी हवाओं से राहत मिल गई। लोगों ने छतों और पार्कों में पहुंचकर धूप का आनंद लिया। बीते कई दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे दिन के समय ठंड का अहसास कम हो गया है।
रविवार की छुट्टी होने के कारण सुबह से ही बच्चे पार्कों में झूलते नजर आए और दिनभर चहल-पहल बनी रही। धुंध से राहत मिलने के बाद बाजारों में भी रौनक लौट आई। सुबह से शाम तक बाजारों में खूब भीड़ देखी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार सुबह अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार बदलते मौसम में लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ठंडी चीजों के सेवन से बचें। बुखार, खांसी या जुकाम के लक्षण दिखने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
मौजूदा ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभदायक साबित हो रही है। इससे गेहूं की बढ़वार और दानों के विकास में तेजी आई है। किसानों और कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तापमान में गेहूं के पौधे मजबूत बनते हैं, फुटाव अच्छा होता है और पैदावार बढ़ने की संभावना रहती है। ठंड से मिट्टी में नमी बनी रहती है, जिससे जड़ों का विकास बेहतर होता है और मिट्टी का कटाव भी रुकता है। कम तापमान और सीमित धूप के कारण दानों का भराव भी बेहतर होता है।
मौसम कुछ यूं रहा ः 24 नवंबर के आसपास सुबह और शाम ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। दिसंबर के पहले सप्ताह में दोपहर के समय भी ठंड महसूस होने लगी। 20 दिसंबर के आसपास धुंध ने दस्तक दी। जनवरी के 31 दिनों में से करीब 21 दिन तक धुंध छाई रही, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। फरवरी के पहले सप्ताह में धुंध से राहत मिली और मौसम साफ होना शुरू हुआ। अंतिम सप्ताह तक अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने का अनुमान है।
इस बार की ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हुई है। आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होगी, हालांकि सुबह और शाम हल्की ठंड का अहसास बना रहेगा।
-रमेश चंद्र, मुख्य समन्वयक-कृषि विज्ञान केंद्र