{"_id":"69dc19eb303e93d2280a0785","slug":"by-may-31-power-supply-will-start-from-chaushala-majri-and-munnarheri-33-kv-kaithal-news-c-245-1-kht1012-147803-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: 31 मई तक चौशाला, माजरी व मुन्नारहेड़ी 33 केवी से बिजली सप्लाई होगी शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: 31 मई तक चौशाला, माजरी व मुन्नारहेड़ी 33 केवी से बिजली सप्लाई होगी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 13 Apr 2026 03:47 AM IST
विज्ञापन
कैथल में लघु सचिवालय के पीछे बिजली की नई लाइन पर तार खींचते हुए कर्मचारी।
विज्ञापन
कैथल। गर्मी सीजन में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बनाए गए चौशाला, माजरी और मुन्नारहेड़ी बिजली घरों से 31 मई तक बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। तीनों बिजली घर बनकर पूरी तरह तैयार हैं और इनके चालू होते ही हजारों उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत मिलेगी। इन परियोजनाओं के शुरू होने से न केवल बिजली आपूर्ति नियमित होगी, बल्कि वोल्टेज में सुधार आएगा और ट्रिपिंग की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार चौशाला बिजली घर शुरू होने से चौशाला, जुलानी खेड़ा, खरक पांडवा और रामगढ़ के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। इससे पहले ये गांव 33 केवी बालू और कलायत फीडर से जुड़े हुए थे, जिसके कारण बार-बार बिजली बाधित होती थी। वहीं माजरी बिजली घर से माजरी और कसोर गांव तथा मुन्नारहेड़ी बिजली घर से हाबड़ी गांव के उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिलेगी। स्थानीय स्तर पर सप्लाई मिलने से फॉल्ट की स्थिति में भी तुरंत समाधान संभव होगा। गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने से फॉल्ट और ओवरलोडिंग की समस्या सबसे अधिक सामने आती है। नए बिजली घरों के चालू होने से इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलेगी। करोड़ों रुपये खर्च कर बिजली निगम की ओर से इनका निर्माण करवाया गया है।
बॉक्स-
246 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई
जिले में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विभाग की ओर से करीब 80 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस राशि से 70 से अधिक नई बिजली लाइनें बिछाई गई हैं और 246 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है। इसके अलावा 1817 किलोमीटर पुराने और जर्जर तारों को बदल दिया गया है, जिससे तकनीकी खराबियों में कमी आएगी और बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से छुटकारा मिलेगा। कैथल जिला में तीन लाख 72 हजार उपभोक्ता है। 293 गांव में बिजली की सप्लाई हो रही है। संवाद
वर्जन-
30 जून तक तीनों बिजली घर पूरी तरह चालू कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में ओवरलोडिंग की समस्या सबसे ज्यादा होती है, लेकिन अब इन परियोजनाओं के चलते स्थिति में बड़ा सुधार आएगा। किसानों को भी राहत देने के लिए निगम ने विशेष व्यवस्था की है। गेहूं सीजन को देखते हुए खेतों में बिजली सप्लाई रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक दी जाएगी, ताकि किसान समय पर सिंचाई कर सकें। इससे खेती कार्य में सुविधा मिलेगी और फसलों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
सोमबीर भालोठिया, एसई, बिजली निगम
Trending Videos
जानकारी के अनुसार चौशाला बिजली घर शुरू होने से चौशाला, जुलानी खेड़ा, खरक पांडवा और रामगढ़ के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। इससे पहले ये गांव 33 केवी बालू और कलायत फीडर से जुड़े हुए थे, जिसके कारण बार-बार बिजली बाधित होती थी। वहीं माजरी बिजली घर से माजरी और कसोर गांव तथा मुन्नारहेड़ी बिजली घर से हाबड़ी गांव के उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिलेगी। स्थानीय स्तर पर सप्लाई मिलने से फॉल्ट की स्थिति में भी तुरंत समाधान संभव होगा। गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने से फॉल्ट और ओवरलोडिंग की समस्या सबसे अधिक सामने आती है। नए बिजली घरों के चालू होने से इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलेगी। करोड़ों रुपये खर्च कर बिजली निगम की ओर से इनका निर्माण करवाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बॉक्स-
246 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई
जिले में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विभाग की ओर से करीब 80 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस राशि से 70 से अधिक नई बिजली लाइनें बिछाई गई हैं और 246 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है। इसके अलावा 1817 किलोमीटर पुराने और जर्जर तारों को बदल दिया गया है, जिससे तकनीकी खराबियों में कमी आएगी और बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से छुटकारा मिलेगा। कैथल जिला में तीन लाख 72 हजार उपभोक्ता है। 293 गांव में बिजली की सप्लाई हो रही है। संवाद
वर्जन-
30 जून तक तीनों बिजली घर पूरी तरह चालू कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में ओवरलोडिंग की समस्या सबसे ज्यादा होती है, लेकिन अब इन परियोजनाओं के चलते स्थिति में बड़ा सुधार आएगा। किसानों को भी राहत देने के लिए निगम ने विशेष व्यवस्था की है। गेहूं सीजन को देखते हुए खेतों में बिजली सप्लाई रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक दी जाएगी, ताकि किसान समय पर सिंचाई कर सकें। इससे खेती कार्य में सुविधा मिलेगी और फसलों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
सोमबीर भालोठिया, एसई, बिजली निगम