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Kaithal News: मनरेगा यूनियन का पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 13 Apr 2026 03:58 AM IST
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कलायत। मनरेगा मजदूर यूनियन ने गुडग़ांव, मानेसर, फरीदाबाद और नोएडा में मजदूरों एवं सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और दमन के विरोध में प्रदर्शन किया। यूनियन के सदस्यों ने सभी मजदूर संगठनों और नागरिकों से श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।
इस दौरान मजदूर नेता अजय ने कहा कि वर्तमान समय में मजदूर बढ़ती महंगाई, अपेक्षाकृत कम वेतन, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और बढ़ते कार्य-घंटों जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर गुडग़ांव, मानेसर, फरीदाबाद और नोएडा में मजदूर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं और हड़ताल जैसे लोकतांत्रिक माध्यमों का सहारा ले रहे हैं। यूनियन प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इन आंदोलनों के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग, लाठीचार्ज और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी जैसी घटनाएं सामने आई हैं। जो श्रमिकों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध जैसे संवैधानिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। वक्ताओं ने यह भी कहा कि 2 अप्रैल से मानेसर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों में शुरू हुई हड़ताल का प्रभाव अब अन्य औद्योगिक क्षेत्रों तक फैल रहा है। लेकिन भाजपा सरकार मजदूरों की जायज मांग मांगने के बजाय दमन का सहारा ले रही है। मानेसर में लगभग 55 मजदूरों को गिरफ्तार करके गंभीर धाराओं में जेल में डाल दिया गया है। जबकि नोएडा में मजदूर कार्यकर्ताओं को यूपी पुलिस द्वारा गैर कानूनी तरीके से पकड़ के आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। संवाद
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इस दौरान मजदूर नेता अजय ने कहा कि वर्तमान समय में मजदूर बढ़ती महंगाई, अपेक्षाकृत कम वेतन, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और बढ़ते कार्य-घंटों जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर गुडग़ांव, मानेसर, फरीदाबाद और नोएडा में मजदूर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं और हड़ताल जैसे लोकतांत्रिक माध्यमों का सहारा ले रहे हैं। यूनियन प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इन आंदोलनों के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग, लाठीचार्ज और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी जैसी घटनाएं सामने आई हैं। जो श्रमिकों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध जैसे संवैधानिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। वक्ताओं ने यह भी कहा कि 2 अप्रैल से मानेसर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों में शुरू हुई हड़ताल का प्रभाव अब अन्य औद्योगिक क्षेत्रों तक फैल रहा है। लेकिन भाजपा सरकार मजदूरों की जायज मांग मांगने के बजाय दमन का सहारा ले रही है। मानेसर में लगभग 55 मजदूरों को गिरफ्तार करके गंभीर धाराओं में जेल में डाल दिया गया है। जबकि नोएडा में मजदूर कार्यकर्ताओं को यूपी पुलिस द्वारा गैर कानूनी तरीके से पकड़ के आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। संवाद
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